Aphorisms of Chanakya Sutra 91 to 164 (Only English and Hindi Translation)

Aphorism

91 The righteous conduct and the fulfillment of the needs of the State depend on the stability of the revenue of the treasury.

राज्य का धर्म के मार्ग पर चलना और अपनी जरूरतों को पूरा करना इसपर निर्भर करेगा की राजस्व के उत्पन्न में कितनी स्थिरता है.

Aphorism

92 How the State can do any work without resources.

यदि राज्य के पास साधन नहीं है तो राज्य काम कैसे करेगा.

Aphorism

93 If there are adequate resources with the state the work can be accomplished easily.

यदि राज्य के पास पर्याप्त साधन है तो उसका काम आसानी से हो जाता है.

Aphorism

94 No work is difficult if it is done like worship.

कोई भी कार्य मुश्किल नहीं यदि उसे पूजा समझकर किया जाए.

Aphorism

95 If there is no adequate mobilisation of resources the work gets thwarted.

यदि राज्य आवश्यक संसाधन नहीं जुटा पाता है तो काम को अंजाम नहीं दिया जा सकता.

Aphorism

96 Means or resources are the true deputies of those who execute the work.

काम को करने में संसाधन ही असली सहायक है.

Aphorism

97 Once there are resources and executives, the targets to be achieved are clearly defined.

यदि संसाधन है और काम करने वाले लोग भी है तो काम के लक्ष्य को स्पष्टतासे निर्धारित किया जा सकता है.

Aphorism

98 The destiny follows the systematic and result oriented efforts.

नियति वही करती है जो प्रयत्नों के अनुरूप होता है.

Aphorism

99 If destiny is adverse the responsibility nicely discharged fails to produce any tangible results.

लेकिन किसी करणवश यदि नियति अनुकूल नहीं है तो ठीक तरह से किया हुआ कर्तव्य भी परिणाम नहीं देता.

Aphorism

100 Those who cease to take any efforts relying on destiny soon realise lack of resources to sustain life.

जो लोग नियति के सहारे चलते है, शीघ्र ही यह अनुभव करते है की जीने के लिए उनके पास संसाधन ही नहीं है.

Aphorism

101 One should carefully consider about the necessity, the indipensibility, the outcome, the policy and the means and clear all the air of confusion. Once the confusion is cleared the task may be undertaken.

काम करने से पहले उसकी आवश्यकता, अनिवार्यता, परिणाम, नीति और संसाधनों के बारे में अत्यंत बारकाई से सोचे और सभी संदेहों को दूर करे. काम तभी शुरू करे जब सब संदेह ख़तम हो चुके है.

Aphorism

102 Once the work is started there should be no procrastination.

एक बार काम शुरू होने के बाद उसमे कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए.

Aphorism

103 No work can be accomplished by the one who has unstable mind.

वह व्यक्ति कोई काम नहीं कर सकता जिसका मन स्थिर नहीं है.

Aphorism

104 Those who don’t make use of resources at hand ruin their work.

जो लोग अपने पास के संसाधनों को उपयोग में नहीं लाते है कोई काम नहीं करते है.

Aphorism

105 The work that is free of all defects is rare in the world.

इस दुनिया में वह काम दुर्लभ है जिसमे कोई खामी ना हो.

Aphorism

106 One should not do a work where there is no certainty of any good outcome.

व्यक्ति ऐसा काम ना करे जिसमे शुभ परिणाम आना तय नहीं है.

Aphorism

107 Those who are good at discerning the right time accomplish their work easily.

जो अच्छे समय को परख लेते है अपने काम को आसानी से करते है.

Aphorism

108 If the work is not done at the duty bound time the success of the work is devoured by time.

यदि काम को निर्धारित समय पर नहीं किया गया तो उस काम की सफलता को काल खा डालता है.

Aphorism

109 One should not delay discharging his duty by a single moment.

व्यक्ति को उसके कर्त्तव्य को निभाने के लिए एक पल का भी विलम्ब नहीं करना चाहिए.

Aphorism

110 The work done at the right time and under the favorable conditions is successful.

वह काम जो सही समय और सही परिस्थितियों में किया जाता है सफल होता है.

Aphorism

111 Once the destiny becomes adverse the duties that could have been discharged very easily appear very tough.

यदि नियति प्रतिकूल हो जाती है तो आसान कर्त्तव्य को करना भी बहोत मुश्किल हो जाता है.

Aphorism

112 Those who are pragmatic they should take care of both policy and implementation.

जो व्यवहारी लोग होते है उन्हें निति और उसके कार्यान्वयन दोनों के बारे में सोचना चाहिए.

Aphorism

113 It is a rule that those who do the work at the right time get the success.

यह एक नियम है की जो समय पर काम करते है उन्हें सफलता मिलती है.

Aphorism

114 The ruler should use all techniques like giving honour, awards etc. and should cause accumulation of wealth in the State. These resources can be put to use when there is a need.

एक शासक को सभी तकनीके अपना कर जैसे सम्मान देना, पारितोषिक देना इत्यादि राज्य में संपत्ति के निर्माण को बढ़ावा देना चाहिए.

Aphorism

115 Those who fail to understand the significance of the right time don’t get any success.

जिन्हें सही समय का महत्त्व नहीं समझता उन्हें कोई भी सफलता प्राप्त नहीं होती.

Aphorism

116 One should decide on the basis of one’s experience and analysis about how the work will be done. One should clearly define his duty in the work execution.

व्यक्ति ने अपने अनुभव और विश्लेषण के आधार पर यह तय करना चाहिए की काम कैसे किया जाय. व्यक्ति ने कार्यान्वयन में अपनी भूमिका तय कर लेनी चाहिए.

Aphorism

117 One should be allocated that work for which he is competent.

एक व्यक्ति को वही काम दिया जाए जिसे वह करने में सक्षम हो.

Aphorism

118 He who is good at trouble shooting knows very well significant resources. He is good at making the difficult tasks easy.

जो आदमी मुसीबतों से निपटने में माहिर है उसे पता है की महत्त्व के संसाधन कौनसे है. वह मुश्किल कामो को आसान करने में भी माहिर है.

Aphorism

119 Those who are ignorant should not be given any credit even if they are successful. An ignorant can’t be successful, the success was just achieved accidentally.

जो मुर्ख है उन्हें उनके काम का कोई श्रेय ना दिया जाए. एक मुर्ख कभी सफलता हासिल नहीं करता. यदि वह सफलता हासिल भी कर लेता है तो इसे एक संयोग माना जाए.

Aphorism

120 The wood-eater ant by chance makes shapes of various articles. This is not a basis for his proficiency in making models of articles. Similarly if there is a person who behaves according to his own wish and lack any power of discrimination and if he is able to do some work by chance he deserves no credit for the work.

जैसे के एक लकड़ी खाने वाला कीड़ा जो भूसे से विविध आकार बनाता है तो यह नहीं कहा जा सकता की वह आकारों को बनाने में माहिर है. उसी प्रकार यदि कोई मनुष्य बिना सोचे समझे और बिना किसी विवेक के संयोगवश कोई काम करने में सफल होता है तो उसे सफल व्यक्ति ना माना जाये.

Aphorism

121 People should come to know about the work only when the work is performed.

लोगो को काम के बारे में तभी पता चले जब काम पूर्ण हो जाए.

Aphorism

122 Sometimes work remains incomplete due to adverse conditions or human mistakes.

कभी कभी काम विपरीत परिस्थितियों के कारण या किसी व्यक्ति की गलती के कारण अपूर्ण रहता है

Aphorism

123 If there are natural calamities like earthquake, heavy rains, thunderstorms or internal disturbances or there is external aggression, the ruler should deal with the conditions by maintaining stability and peace of his intellect.

यदि नैसर्गिक आपदा आती है जैसे भूचाल, भारी बारिश, बिजलियों का गिरना या राज्य में कोई आन्तरिक गड़बड़ होती है या बाहर से आक्रमण होता है तो शासक को अपने मन की शांति और स्थिरता बनाये रखना चाहिए.

Aphorism

124 If the work is hampered by human factors, one should address these factors by using one’s attentiveness and understanding.

यदि काम किसी व्यक्ति की गलती से बिगड़ गया है तो उसे अपने ध्यान और समझ से सुलझाना चाहिए.

Aphorism

125 Foolish people after they fail in the execution of the work repent for their mistakes which they should have corrected before starting the work. Or they blame others and say that someone else is responsible for the fiasco and they are not to be blamed. This is how they become faultless commentators.

मुर्ख लोग जब असफल हो जाते है तो उन गलतियों के बारे में पछताते है जिन्हें उन्हें काम आरम्भ करने के पहले नहीं करना चाहिए था. यातो वो दुसरो के माथे गलतियों को मढ़ते है और कहते है की उनका अपना कोई दोष नहीं है. इस प्रकार वो एक निर्दोष समीक्षक बन जाते है.

Aphorism

126 One should not be lax in covering up one’s weaknesses and identifying defects of the opponents. One should not unreasonably rely on anybody and never divulge one’s secrets. If one doesn’t behave like this disaster befalls one’s nation.

व्यक्ति को उसकी कमजोरियों को छुपाने में और विरोधको की कमजोरी देखने में आलस नहीं करना चाहिए. उसी प्रकार उसे दुसरे पर जरूरत से ज्यादा विश्वास भी नहीं करना चाहिए. यदि कोई ऐसा नहीं करता है तो उसका राज्य संकट में आ जाता है.

Aphorism

127 A calf that feeds on mother’s milk strikes breasts of a cow to get milk.

जब बछड़ा गाय के स्तनों को मुंह से प्रहार करता है तभी उसे माँ का दूध नसीब होता है.

Aphorism

128 If one doesn’t make full efforts for accomplishing the work, the work is aborted.

यदि काम को करने में भरसक प्रयत्न नहीं होता है तो काम तमाम हो जाता है.

Aphorism

129 Those who are convinced that they will fail in their work from the very begining won’t succeed in their work or they just sit idle without doing any work.

जिन्हें शुरू से ऐसा लगता है की वे अपने काम में असफल हो जायेंगे वो या तो काम में असफल होते है या काम को करते ही नहीं है.

Aphorism

130 Those who shirk their responsibilities won’t do anything for their dependants.

जो अपनी जिम्मेदारी से दूर भागते है वो अपने ऊपर निर्भर लोगो के लिए कुछ नहीं कर सकते.

Aphorism

131 Those who can’t see their duties with the eye of discretion are blind inspite of having eyes.

जो अपने कर्त्तव्य को अपनी विवेक दृष्टि से नहीं देखते है वो आँख होते हुए भी अंध है.

Aphorism

132 One should define one’s duty taking into consideration the existing and future means.

व्यक्ति को आज के और भविष्य के संसाधनों को देखते हुए अपना कर्त्तव्य निर्धारित करना चाहिए.

Aphorism

133 Success forsake those who work without contemplation.

जो किसी योजना के काम करते है सफलता उन्हें छोड़ जाती है.

Aphorism

134 Disaster should be removed by contemplation.

योजनाबद्ध रूप से सभी विपत्तियों से निबटना चाहिए.

Aphorism

135 One should have complete and true understanding of one’s strengths. One should not have any futile confidence about one’s strengths.

व्यक्ति को उसके ताकत की सम्पूर्ण और सही जानकारी होनी चाहिए. उसे उसकी ताकत में खोखला भरोसा नहीं होना चाहिए.

Aphorism

136 Those who provide from their earning for their own people, brothers, guests, dependants, poor people, welfare organisations and sustain themselves only on the remaining earnings, get the joy of eating nectar while they take their regular meals.

जो अपने उत्पन्न से अपने लोगो के लिए, संबंधियों के लिए, मेहमानों के लिए, अपने ऊपर निर्भर करने वालो के लिए, गरीब लोगो के लिए, जनकल्याण संस्थाओ के लिए सहयोग निकलने के पश्चात् खुद का गुजारा करते है उन्हें अपना भोजन करते वक़्त अमृत का आनंद अनुभव होता है.

Aphorism

137 More avenues are opened for the resource mobilization of the state if the State performs it’s duty in respect of land, wealth, commerce and arts.

संसाधन जुटाने के नए द्वार खुल जाते है यदि राज्य भूमि, संपत्ति, व्यापार और कला के क्षेत्र में अपने कर्त्तव्य को निभाता है.

Aphorism

138 Those who are fearful never have any thought of discharging any duty in their mind. They are good at identifying one excuse on the other for not doing anything.

जो भय ग्रस्त होते है उन्हें कर्त्तव्य बोध नहीं होता है. वो कुछ न करने का कोई न कोई बहाना बना ही लेते है.

Aphorism

139 Those who are appointed for doing work शौल्ड do their work or get their work done by others knowing the liking of the person who has provided them shelter.

वह व्यक्ति जिसने आपको काम सौपा है आपको खुद या दुसरो के द्वारा उसे सौपने वाले का रुख देखकर पूरा करना है.

Aphorism

140 As a calf gets milk from a cow in the way that is best for her nature, so does a person who serves the ruler performs his task of serving the State.

जिस प्रकार बछड़ा माँ का रुख देखकर दूध पाने का सही तरीका खोज लेता है उसी प्रकार राज्य का भला हो यह ध्यान में रखकर काम करना चाहिए.

Aphorism

141 A person who is intelligent should not divulge secrets to the one who is foolish, without any ethics, who doesn’t conform to any policy, base, indecisive.

एक बुद्धिमान व्यक्ति को काम की गुप्त बाते ऐसे आदमी को नहीं बतानी चाहिए जो मूढ़ हो, नीतिमत्ता से रहित हो, किसी निति को ना मानता हो, नीच हो और निर्णय करने की क्षमता ना रखता हो.

Aphorism

142 Those who are unduly soft and who don’t exercise any discretion in granting favors are not respected even by their own people.

जो बड़ी ही ढील दिखाते है और जो किसीका भला करते वक़्त कोई विवेक नहीं दिखाते, वो अपने ही लोगो से कोई सम्मान नहीं पाते दुसरो की तो बात ही क्या.

Aphorism

143 The ruler who gives harsh punishment for small crimes invites hatred from all. He becomes a reason for creating disorder in his jurisdiction.

जो शासक छोटे अपराध की बड़ी सजा देता है उसे लोग नफरत करते है. वह अपने क्षेत्र में बिना मतलब ही गड़बड़ी पैदा करता है.

Aphorism

144 It is fair that the ruler should give reasonable punishment.

यह उचित है की शासक अपराध का समुचित दंड दे.

Aphorism

145 A person who is not serious doesn’t get any recognition from people even if he is intelligent.

जो व्यक्ति गंभीर नहीं है उसे लोगो से कोई सम्मान नहीं मिलता भले ही वह बुद्धिमान हो.

Aphorism

146 If a person is given too much responsibility he loses is enthusiasm and his work bears no fruits.

यदि कोई व्यक्ति को बहुत सारी जिम्मेदारी दी जाती है तो वह उत्साह खो देता है और उसके काम का कोई फल नहीं आता.

Aphorism

147 If a person starts accusing others in the State Assembly for settling his personal scores declares himself to be a culprit.

यदि कोई व्यक्ति राज सभा में अपने व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए किसीपर दोषारोपण करता है तो उसे गुन्हेगार माना जाए.

Aphorism

148 Those who are devoid of any manners and power of discrimination cause harm to their soul by their anger.

जिनमे ना ही आचरण के तरीके है और ना ही विवेक बुद्धि है वो क्रोध से अपनी आत्मा को नुकसान पहुचाते है.

Aphorism

149 Those who are equipped with the wealth of truth are not devoid of anything that they desire.

जिनके पास सत्य की दौलत है उनकी कोई भी इच्छा अधूरी नहीं रहती.

Aphorism

150 Bravery alone won’t help.

सिर्फ साहस से काम नहीं चलता.

Aphorism

151 An addicted person can’t perform his duty as he loses focus of his mind.

एक नशाखोर आदमी कर्त्तव्य पालन नहीं कर सकता क्यों की उसकी एकाग्रता खो जाती है.

Aphorism

152 Procrastination invites an army of troubles.

काम को ढिलाई से करने से दिक्कतों की फौज इकठ्ठा हो जाती है.

Aphorism

153 It is better to die an uncertain death in a war than dying a certain death by shirking a war.

रणभूमि से भागकर एक निश्चित मौत मरने से बेहतर है की रणभूमि में एक अनिश्चित मौत का सामना करे.

Aphorism

154 Those who keep wealth of others as the trustees of wealth, if they develop their selfish interest in the wealth and if they no more feel accountable to others for the wealth, will always try to serve their selfish interest.

जिस व्यक्ति में दुसरो की संपत्ति जो उसे देखभाल के लिए दी गयी है उसमे स्वार्थ भाव जगता है और वो कोई हिसाब देने की जरूरत नहीं समझता तो यह समझ लेना चाहिए की उसकी नियत में खोट आ गयी है.

Aphorism

155 Charity is a form of righteous conduct.

परोपकार या दान यह एक सदाचार है.

Aphorism

156 A person wastes his life if he lives like an ignorant person.

वह व्यक्ति अपनी जिंदगी बर्बाद करता है जो एक मुर्ख की तरह बरतता है.

Aphorism

157 If a person indulges in petty desires he loses his righteousness and resources.

जो व्यक्ति हीन कामनाओ में लगा रहता है वह सदाचार और संसाधन खो देता है.

Aphorism

158 A person devoid of righteousness, rather who behaves exactly opposite to what he is supposed to renders his life useless. He causes instability in the society and disturbs the continuity of peace in the society.

वह व्यक्ति जो सदाचार से रहित है और जो विपरीत आचरण करता है, वह अपनी जिंदगी को व्यर्थ ही गवाता है. वह समाज में गड़बड़ी पैदा करता है और शांति की श्रुंखला को तोड़ता है.

Aphorism

159 He is a rare person in this world who is guileless and decent while dealing with a good person and who has his attention focused on performing his duties.

ऐसा व्यक्ति दुनिया में बिरला है जो दुसरो के प्रति द्वेषभाव नहीं रखता, अच्छा व्यवहार करता है और अपना कर्त्तव्य पूरा करने में हरदम ध्यान रखता है.

Aphorism

160 A good person while discharging his duty rejects prosperity that blemishes him as a blade of grass.

एक सज्जन अपना कर्त्तव्य पूरा करने में उस सम्पन्नता को तिनके की तरह नकारता है जो उसे कलंकित करती है.

Aphorism

161 Even a single vice of a person makes many of his good qualities bad.

व्यक्ति का एक दुर्गुण उसके अनेक सद्गुणों को बुरा बनाता है.

Aphorism

162 A good person who is always commited to truth guards the truth that seems a very difficult task on his own without relying on others.

एक सज्जन सत्य की बड़ी कठिन परिस्थितियों में खुद की बदौलत रक्षा करता है और उसके लिए वह किसी पर निर्भर नहीं करता.

Aphorism

163 A person should not do something that blemishes his character by succumbing to the vices like lust and anger. If he does so he may have a thorn pricking his heart forever.

एक व्यक्ति को काम, क्रोध आदि विकारो के अधीन होकर अपने चरित्र को कलंकित नहीं करना चाहिए. यदि वह ऐसा करता है तो उसका यह करना उसकी छाती का काटा बनकर उसे हरदम दुःख देगा.

Aphorism

164 As a lion never eats grass howsoever hungry may be against his habbit of being a non-vegetarian. So are the people who hold their character very high disregarding all excitement and disasters. They remain commited to truth, good character and glory.

जिस प्रकार एक सिंह वह चाहे कितना भी भूखा क्यों ना हो मास खाने के स्वभाव को छोड़कर घास नहीं खाता है उसी प्रकार अच्छे लोग परिस्थिति कितनी भी विपरीत क्यों ना हो जाए सदाचार नहीं छोड़ते है.

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