90 Aphorisms of Chanakya Sutra – English and Hindi translation.

Aphorism 1:

May the Great Goddess of Prosperity “Rajyashree” protect the functionaries of the State by giving them the correct dispositions.

सम्पन्नता की महान देवता राजश्री राज्य के सभी पदाधिकारियों को सही प्रकृति प्रदान करके उनकी रक्षा करे.

Aphorism 2:

The basis of “sukha” or all true pleasantness is “dharma” or righteous conduct.

धर्म यह सभी सुखो का मूल है.

Aphorism 3:

The basis of all “dharma” is “artha” or wealth.

अर्थ यह सभी धर्मो का मूल है.

Aphorism 4:

The basis of all “artha” is “rajya” or the State.

राज्य यह सभी अर्थो का मूल है.

Aphorism 5:

The basis for the stability of the State lies in control over the “indriya” or sense faculties providing pleasure.

राज्य के पदाधिकारी जब अपने इन्द्रियों का निग्रह करते है, तो वही राज्य की स्थिरता का आधार बनता है.

Aphorism 6:

The basis for control over the sensual faculties is in “vinay” or humility.

इन्द्रियों पर निग्रह विनय के आधार पर ही संभव है.

Aphorism 7:

The basis for humility is devotion to those grown old through wisdom.

जिन्होंने अपनी उम्र विद्या को अर्जित करने में व्यतीत की ऐसे बुजुर्ग लोगो के प्रति भक्ति भाव रखने से विनय उत्पन्न होता है.

Aphorism 8:

Through devotion to the wise, one attains proficiency with the maximum efficiency.

विनयशीलता से ही अधिकतम क्षमता से काम करने की निपुणता आती है.

Aphorism 9:

It is imperative for all the functionaries of the State to perform their duties with the maximum efficiency.

यह आवश्यक है की राज्य के सभी पदाधिकारी अधिकतम क्षमता से कार्य करे.

Aphorism 10:

To perform State duties with the maximum efficiency, the functionaries of the State must learn to control their sensual needs, and maximise their internal potentials.

अधिकतम क्षमता से कार्य करने के लिए राज्य के पदाधिकारियों ने अपनी वासनाओ पर नियंत्रण पाना सीखना चाहिए. जिससे उनकी आन्तरिक क्षमता का विकास होगा.

Aphorism 11:

Those who have vanquished their baser selves may become prosperous naturally, can retain their prosperity, and be successful in their endeavours.

जिन्होंने अपनी निम्न स्तर की वासनाओ को ख़त्म कर दिया है, वही लोग राज्य को संपन्न कर सकते है, राज्य की दौलत को बनाए रख सकते है और अपने प्रयत्नों में सफल हो सकते है.

Aphorism 12:

The wealth and properties of the State naturally increases the level of prosperity of the people.

यदि राज्य की सम्पदा और जायदाद में वृद्धि होती है तो स्वाभाविक रूप से लोगो की सम्पन्नता बढती है.

Aphorism 13:

Where the people and the functionaries of the State follow sound moral principles, the State can function effectively even without a king.

यदि जनता एवं राज्य के पदाधिकारी स्वस्थ नैतिक सिद्धांतो का पालन करते है तो राज्य का संचालन बिना राजा से भी हो सकता है.

Aphorism 14:

Of all discords the anger of the people is the most to be feared. The basis for State functioning lies in the acceptance and good wishes of the people.

सभी प्रकार के असंतोष में जनता का क्रोध सबसे भयावह है. लोगो की स्वीकृति और लोगो की सद्भावना ही राज्य के सुचारू संचालन का आधार है.

Aphorism 15:

It is better not to have a king than to have one who is unworthy. Rather than have a king who is without truth and sound principles, who is greedy, selfish and tyrannical, the king-makers must run the affairs of the State themselves using democratic methods and following enlightened public opinion.

एक नालायक राजा के होने से यह बेहतर है की राजा ही न हो. एक ऐसा राजा होने के बजाय जो सच्चे और सही सिद्धांतो का निर्वहन ना करता हो, जो लोभी हो, स्वार्थी हो, तानाशाह हो, यह अच्छा होगा यदि राजा को बनाने वाले लोग ही लोकतान्त्रिक व्यवस्था और जागरूक जन मत के आधार पर राज्य को चलाये.

Aphorism 16:

After filling himself with the right kingly qualities, the ruler of the State must select as assistants those talented individuals who are equally wise.

राजा खुद में राजा की योग्यता के सभी गुणों का विकास करे. राजा ऐसे सहायको को चुने जो उसकी तरह ही विद्वान् है.

Aphorism 17:

Without the intellectual assistance of his council of ministers it is not possible for the ruler to take the right decisions regarding his duties.

राजा अपने कर्त्तव्य के निर्वाहन के लिए सही निर्णय नहीं ले सकता यदि उसे उसका मंत्री मंडल विद्वत्ता पूर्ण सलाह ना दे.

Aphorism 18:

Just as there cannot be a one-wheeled chariot, there cannot be a king without a council of ministers.

जिस प्रकार यह सत्य है की एक चक्के का रथ नहीं हो सकता उसी तरह यह भी सत्य है की मंत्री मंडल के बिना राजा नहीं हो सकता.

Aphorism 19:

The assistant who steadfastly adheres to the ruler, and is of equable temperament both in times of prosperity and adversity, is best.

वह सहायक जो राजा के साथ निरंतर रहता है. उसी प्रकार सम्पन्नता के काल में और विपदा में मन की एक सी अवस्था बनाये रखता है , ऐसा व्यक्ति सर्वोत्तम है.

Aphorism 20:

The conscientious ruler must resolve complex issues by careful and thorough analysis of the “for” and “against” sides, and including the consequences of his decisions. For help, he needs for ministers individuals who are famous, wise, prosperous, enthusiastic, impressive, hardy, hard working, well-intentioned, well-behaved; who truly love the ruling system and live in the land.

विवेकबुद्धि वाले शासक को सभी पेचीदा विषयों को सावधानी पूर्वक सुलझाना चाहिए. जो बाते सामने है उनके पक्ष में और विरोध में सम्पूर्ण छान-बीन करनी चाहिए. उसी प्रकार निर्णय लेने के पहले उसने उसके निर्णय के सभी परिणामो से खुद को अवगत कराना चाहिए. उसे निर्णय लेने के लिए ऐसे मंत्री चाहिए जिनमे ये गुण हो, प्रसिद्धि, बुद्धिमत्ता, सम्पन्नता, उत्साह, प्रभाव, साहस, कठोर परिश्रम, नेक इरादा, नेक व्यवहार. जो शासन की व्यवस्था में आस्था रखते हो और उसी देश में रहते हो.

Aphorism 21:

That minister should he held best, he who correctly assesses the gravity of a problem, and solves it with the maximum efficiency and use of imagination.

उस मंत्री को सर्वोत्तम माना जाए जो समस्या के गाम्भीर्य को ठीक से समझे. समस्या को छुडाते समय महत्तम क्षमता और कल्पना शक्ति का परिचय दे.

Aphorism 22:

A minister is to be appointed if after showing his supremacy in debate and knowledge of laws, he also passes tests conducted secretly.

उसी मंत्री को नियुक्त करे जो वाद विवाद में श्रेष्ठ हो और जिसे कानून का अच्छा ज्ञान हो. उसकी एक गुप्त परीक्षा भी हो जिसमे उसका सफल होना उसकी नियक्ति के लिए अनिवार्य है.

Aphorism 23:

Tasks can be successfully executed only after thorough discussion and careful planning.

वह काम सफलतापूर्वक हो सकता है जिसके ऊपर गहन विचार विमर्श हुआ हो और जिसके लिए सावधानी पूर्वक योजना बनी हो.

Aphorism 24:

A task can be completed with success if information relating to the beneficial and non-beneficial consequences of the task is kept secret.

वह काम सफलतापूर्वक हो सकता है जिसके फायदेमंद और दुसरे परिणामो की जानकारी को गुप्त रखा हुआ है.

Aphorism 25:

Any sort of carelessness can upset the security issues involved in a task and so cause its ruination. A minister must be held totally responsible for the task under his supervision.

यदि किसी भी तरह की लापरवाही हुई तो काम में जो सुरक्षा के मुद्दे है उसे खतरा उत्पन्न हो सकता है. वह मंत्री जिसकी निगरानी में काम हो रहा है वह उस काम के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार माना जाए.

Aphorism 26:

Any relaxation in security measures will cause knowledge of secret matters to pass into the hands of the enemy.

यदि सुरक्षा के उपायों में ढील दी गयी तो गुप्त जानकारी दुश्मन के हाथ लग जाएगी.

Aphorism 27:

Knowing that the enemy is always keen for secret information, and is on the lookout for disgruntled ministers who could give it, all doors that could create discord among ministers must be blocked.

इस बात का हरदम ध्यान रहे की दुश्मन गुप्त जानकारी में उत्कट रूचि रखता है. वह हरदम असंतुष्ट मंत्रियो के पीछे रहेगा. इसलिए मंत्रियो में असंतोष पैदा करने वाले सभी दरवाजो को बंद कर देना चाहिए.

Aphorism 28:

Complete security for the ministers is necessary for the good of the State.

मंत्रियो का सम्पूर्ण संरक्षण शासन के भले के लिए नितांत आवश्यक है.

Aphorism 29:

Since the minister gives dynamism to duty, the strength of the State lies in the continued existence and good health of the ministers.

मंत्री शासन के काम को गतिशीलता प्रदान करते है. शासन मजबूती से काम कर पायेगा यदि मंत्रियो का स्वास्थ्य हरदम अच्छा बना रहे.

Aphorism 30:

As the lamp shows the path, so does the minister give direction to those afflicted by indecision.

जिस प्रकार दिया प्रकाश देता है उसी तरह मंत्री जिन मामलो में निर्णय नहीं लिए जा रहे है उन मामलो को गतिशीलता प्रदान करते है.

Aphorism 31:

For victory over foes, the ruler must know the full extents of their weaknesses. Only capable ministers can provide him with such information.

दुश्मनों पर विजय पाने के लिए शासक को उनकी सभी खामिया पता होनी चाहिए. कार्यक्षम मंत्री ही ऐसी जानकारी दे सकते है.

Aphorism 32:

In the council of ministers, no one should try to force his views by drowning the views of others. A reasonable attitude must prevail.

जब मंत्री मंडल की बैठक होती है तो किसीभी मंत्री ने अपना दृष्टिकोण दुसरो पर थोपना नहीं चाहिए. सभीने एक उचित रव्वैया अपनाना चाहिए.

Aphorism 33:

Unanimity in the council of ministers leads to success in the realization of goals.

यदि मंत्रिमंडल में एकमत होता है तो उद्दिष्टो को प्राप्त करने में सफलता मिलती है.

Aphorism 34:

The ideal ministers are those who have amassed personal wealth through righteous conduct, have overcome selfish desires and have conscience.

वही आदर्श मंत्री है जिन्होंने वैयक्तिक सम्पदा इमानदारी से हासिल की है. जो स्वार्थी कामनाओ से ऊपर उठ चुके है और जिनमे विवेक बुद्धि है.

Aphorism 35:

If six ears listen to a secret executive decision, that becomes public knowledge.

यदि सत्ता के किसी भी गुप्त निर्णय को छह कान सुनते है तो वह निर्णय सभी लोगो को पता चल जाता है.

Aphorism 36: Those who take the misfortunes upon others as misfortunes upon themselves are best suited to be friends.

उसी राज्य को मित्र बनाये जो हमारे राज्य की विपदा को खुद की विपदा माने.

Aphorism 37:

By acquiring true friends, one gains strength.

राज्य को जब मित्र मिलते है तो उसकी शक्ति बढती है.

Aphorism 38:

The strong try to get advantages to which they have no right.

जो शक्तिशाली होता है वह ऐसे लाभ उठाना चाहता है जिसपर उसका कोई अधिकार नहीं.

Aphorism 39:

Giving even a little to the lazy does not protect material wealth.

एक आलसी को थोडा भी देने से संपत्ति नष्ट हो जाती है.

Aphorism 40:

Laziness deprives the State of strength, and labour increases the wealth of the State.

आलस से शासन की शक्ति कम होती है और परिश्रम से संपत्ति बढती है.

Aphorism 41:

Without continued increase of wealth, the demise of the State is inevitable.

यदि शासन अपनी संपत्ति को सतत ना बढ़ाये तो शासन का विनाश तय है.

Aphorism 42:

If the ruler out of laziness lets his servants do his work as the ruler, then disaster is certain.

यदि राज्य कर्ता उसके आलस के कारण उसके चाकरो को अपना काम सौप देता है तो शासन का पतन निश्चित है.

Aphorism 43:

If out of laziness the ruler does not do pilgrimage to centres of holiness, learning and experience, there can be no progress for the State.

यदि शासक आलस के कारण पवित्र स्थानों पर तीर्थ यात्रा के लिए नहीं जाता है, वह विद्या ग्रहण नहीं करता है और अनुभव भी ग्रहण नहीं कर्ता है तो राज्य का विकास नहीं हो सकता.

Aphorism 44:

The four basic tenets for the functioning of the State are: correct appointments of the State’s functionaries; the State’s functionaries must do nothing to decrease the growth of the wealth of the State; they must not indulge in wasteful expenditure; nor must they allow out of lack of use the waste of the wealth of the State.

राज्य के सुचारू रूप से चलने के ये चार आधार है..

१. शासन के पदाधिकारियों की सही नियुक्ति.

२. शासन के पदाधिकारी राज्य की संपत्ति की विकास दर कम हो ऐसा कुछ ना करे.

३. वो फिजूल का खर्चा ना करे.

४. इसी प्रकार राज्य के संसाधन उपयोग के आभाव में बर्बाद नहीं हो रहे है इस पर वो ध्यान दे.

Aphorism 45:

The people of the State can have moral principles only when the workings of the State are based upon moral principles.

राज्य के लोगो में नैतिक नितिमुल्य तभी होंगे जब शासन का काम उन मूल्यों के आधार पर चले.

Aphorism 46:

Knowledge of the duties owed to one’s own State, and to the neighbouring States, in terms of the laws and principles involved, is an essential aspect of Statecraft.

शासन चलाने वालो को उनका अपने राज्य के प्रति और पडौसी राज्यों के प्रति जो कर्त्तव्य है वह ज्ञात चाहिए. इस कर्त्तव्य का ज्ञान उन्हें कानून और नितिमुल्यो की दृष्टी से होना चाहिए.

Aphorism 47:

Where the basic tenets for the functioning of the State are held sacred, there is prosperity and happiness for the State.

जहा राज्य को चलाने के सिद्धांतो को पवित्र माना जाता है उस राज्य में सम्पन्नता और खुशहाली होती है.

Aphorism 48:

Constant surveillance of the enemies is essential for the security of the State.

राज्य की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है की शत्रुओ पर निगरानी रखी जाए.

Aphorism 49:

Friendship or enmity with neighbouring States is just the way the world works.

अपने पडोसी राज्य से मैत्री या शत्रुता वैसे ही रखे जैसे दुनिया में हो रहा है.

Aphorism 50:

It is worthy for the king to follow the path of high principle.

यह राजा के लिए योग्य होगा की वह उच्च मूल्यों के मार्ग पर चले.

Aphorism 51:

The enemy can attack the State at any time.

शत्रु राज्य पर कभीभी हमला कर सकते है.

Aphorism 52:

Two warring States become friendly later.

दो युद्ध करने वाले राज्य बादमे मित्र हो जाते है.

Aphorism 53:

One does not acquire either friends or enemies without reason.

किसी भी राज्य को मित्र या शत्रु बिना कारण के नहीं मिलते.

Aphorism 54:

It is the duty of the high-principled but weak ruler to make military alliances with a stronger and powerful State.

यह एक उच्च मूल्यों के परन्तु कमजोर शासक का दायित्व है की वह शक्तिशाली राज्यों से संधि करे.

Aphorism 55:

The high-principled ruler of a strong State must never make military alliances with unprincipled States.

एक उच्च मूल्य का सशक्त शासक जो राज्यों को मूल्य नहीं है उनसे सैन्य संधि ना करे.

Aphorism 56:

There can be honourable military alliance between States having unequal powers, just as there can be no strong union between hot iron and cold iron.

जो राज्य सम नहीं है उनमे भी सम्मानजनक सैन्य संधि हो सकती है.

Aphorism 57:

The strong king should attack his enemy only when he finds the enemy weaker than himself.

एक सशक्त राजा को शत्रु पर तभी आक्रमण करना चाहिए जब उसे पता है की शत्रु उससे कमजोर है.

Aphorism 58:

The king must never fight another king of equal strength.

राजा को अपने बराबरी के शत्रु से लड़ना नहीं चाहिए.

Aphorism 59:

A weak army moves away from the powerful enemy as foot soldiers move away from those mounted upon elephants.

एक कमजोर सैन्य एक ताकतवर सैन्य से उसे प्रकार दूर भागता है जैसे पाँव पर लड़ने वाले सैनिक हाथी पर सवार सैनिक से.

Aphorism 60:

The ruler should act upon the information given him by his secret spies about every effort, initiative, political desire and treaties of his enemies.

एक शासक को अपने शत्रु के गतिविधियों, प्रयासों , राजनैतिक कामनाओ और संधियों के बारे में उसके गुप्तचरों द्वारा प्राप्त जानकारी पर निर्णय लेना चाहिए.

Aphorism 61:

The State can keep up its unique, dear and particular characteristics only when there is keen observation of the ways and actions of the neighbouring States, without reference to the nature of the alliances involved with them, whether friendly, or not.

कोई भी राज्य अपनी ख़ास, प्रिय और अनोखी विशेषताओ को तभी बचा सकता है जब वह अपने पड़ोसियों के कारनामो और उनकी कार्य-पद्धतियों पर बारकाई से ध्यान दे. चाहे पडौसियो के साथ उसकी संधि हो, वे उसके मित्र हो या ना हो.

Aphorism 62:

It is imperative for the ruler to stamp out the terrorist actions in his State by enemy States, and to prevent the spies from friendly States to sow discord and division among his people.

एक शासक को यह आवश्यक है की वह शत्रु राज्य द्वारा की जानेवाली दहशतवादी कारवाईयो को कुचले. उसी तरह मित्र राज्य के गुप्तचर जनता में असंतोष एवं फुट पैदा ना करे इस बात को देखे.

Aphorism 63:

A weak king should seek the protection of a powerful and principled monarch.

एक कमजोर राजा को एक शक्तिशाली और नीतिमान राजा से सुरक्षा लेनी चाहिए.

Aphorism 64:

It is perilous to make any treaty with a ruler who is weak because of his lack of self-confidence and incompetence.

एक ऐसे राजा से संधि करना विपत्ति को पैदा करेगा जो खुद में विश्वास की कमी के कारण और नालायकपन के कारण कमजोर है.

Aphorism 65:

Extreme caution must be taken while making treaties; or else the ruler may get burnt if parities are not maintained.

जब शासक संधि कर्ता है तो सावधान रहे. यदि संधि में अनुरूपता नहीं है तो वह जल जायेगा.

Aphorism 66:

Rebellion against the State should not be done.

शासक यह सुनिश्चित करे की जनता विद्रोह नहीं करेंगी.

Aphorism 67:

The ruler must not wear such rich garments that excite the envy of the population.

शासक इतने ऊँचे कपडे ना पहने जिससे प्रजा में जलन उत्पन्न हो.

Aphorism 68:

The people of the State must not aspire to the accoutrements of the legitimate ruler of the State.

राज्य के लोगो में शासक की वस्तुए पाने की लालसा ना जागे.

Aphorism 69:

The ruler should turn the envious and ambitious personalities, who aspire to his role, against each other, using requisite cleverness. Dissension is more manageable when confined to small and mutually warring groups.

शासक जरूरी बुद्धिमता का परिचय देते हुए इर्षा और महत्वाकांक्षा रखने वाले लोगो को जो उसका सिंहासन हथियाना चाहते है एक दुसरे के खिलाफ भिड़ा दे. असंतोष जब छोटे और परस्पर विरुद्ध गुटों तक सिमित रहता है तो निबटना आसान रहता है.

Aphorism 70:

It is lack of desire that leads to incomplete or unsuccessful completion of tasks. Keen interest, resolve, proper conception and self-confidence: all result from desire.

जब शासक में कुछ करने की इच्छा शक्ति नहीं होती तो वह अधूरे और असफल काम करता है. रस , प्रण , ठीक तरह की सोच और आत्म विश्वास ये इच्छा शक्ति से आते है.

Aphorism 71:

A ruler who is governed by sensual pleasures is destroyed, no matter how powerful he may be.

वह शासक जो विषय वासना के पीछे लगा है विनाश को प्राप्त होगा. यह बात मायने नहीं रखती की उसके पास कितनी शक्ति है.

Aphorism 72:

Those prey to gambling are unfit to execute the functions of the State.

जो जुआ खेलते है वे शासन के काम करने में सक्षम नहीं है.

Aphorism 73:

Addiction to hunting is destructive to morality and wealth.

जिन्हें शिकारी का शौक है उनकी संपत्ति और नीतिमत्ता बर्बाद होती है.

Aphorism 74:

The wealth of the State increases when every person is given the right to acquire the goods that sustain life.

राज्य की संपत्ति बढती है यदि लोगो को जीवनावश्यक वस्तु लेने का अधिकार है.

Aphorism 75:

Those prey to drinking are unfit to be trusted with important work.

जो मदिरापान करते है वो कोई भी महत्वपूर्ण काम नहीं कर सकते.

Aphorism 76:

Those preys to lust cannot execute any State-related task with full dedication, as they will not find it possible to concentrate upon the subtler aspects.

जो काम वासना के अधीन है वो राज्य से सम्बंधित काम पूर्ण समर्पण भाव से नहीं कर सकते. वो कार्य के सुक्ष्म पहलु तो समझ ही नहीं सकते.

Aphorism 77:

Harsh, cruel and uncouth words, spoken in public, produce more pain than fire. They result from a low and wicked mind, and increase the rage in the hearers, sowing the seeds of conflict.

कठोर, क्रूरतापूर्ण, असभ्य शब्द जो लोगो के सामने कहे जाते है वो आग से ज्यादा दुःख देते है. एक नीच और दुष्ट मन ऐसे शब्दों को जन्म देता है. सुननेवालो के ह्रदय में क्रोध उत्पन्न होता है और विवाद के बीज बोये जाते है.

Aphorism 78:

The giver of justice should not be harsh with punishments. The nature of punishments should always be seen as consistent with the welfare of the State, and should have the support of the people of the State.

जो न्याय करता है उसे दंड देने में कठोर नहीं होना चाहिए.दंड से प्रजा का हित होना चाहिए और उसे लोगो का समर्थन होना चाहिए.

Aphorism 79a:

A miserly ruler, who simply sits upon his wealth and does not spend upon the needs of the State, ceases to create scope for increased revenues to the treasury, and so leads to the impoverishment of the State.

एक कंजूस राजा जो सिर्फ राज्य के खजाने पर बैठता है और राज्य की जरूरतों के लिए कुछ खर्च नहीं करता, वह राजस्व के स्रोतों को बढ़ने से रोकता है और राज्य को गरीब बनता है.

Aphorism 79b:

While wealth coming to the treasury through ugly external means appears welcome, in reality such wealth is destructive to the wealth generated locally.

वह संपत्ति जो सस्ते तरीके से बाहर से आती है लगती तो अच्छी है लेकिन ऐसी संपत्ति राज्य के अंदरूनी संपती निर्माण को नुक्सान पहुचाती है.

Aphorism 80:

When the ruler is lax with administering just punishments, he invites his enemies to become more powerful.

जब शासक न्यायोचित दंड करने से भी कतराता है तो वह अपने दुश्मनों को शक्तिशाली बनता है.

Aphorism 81:

The security of the State depends upon the laws relating to punishments being correctly, impartially and efficiently administered.

राज्य की सुरक्षा दंड के कानूनों को सही रूप में, निष्पक्ष रूप में और कारगर रूप में चलाने पर निर्भर करती है.

Aphorism 82:

The capacity to inflict punishment is the ultimate resource of the State.

दंड करने की क्षमता यह शासक के पास एक परम महत्त्व का साधन है.

Aphorism 83:

Bad ministers are incapable of inflicting just punishments. Thus they corrupt the functioning of the State.

जो बुरे मंत्री है वह सही दंड देने में सक्षम नहीं है. वे शासन के संचालन को भ्रष्ट करते है.

Aphorism 84:

The purpose of punishments (social disapproval, exile, fines or death) is to deter potential wrongdoers from causing harm.

दंड संहिता जो लोग गलत काम करने की प्रवृत्ति रखते है उनको गलत काम से परावृत्त करने के लिए है.

Aphorism 85:

The safety of the ruler, and his people, depend upon how correctly the systems of punishments are administered.

शासन और प्रजा की सुरक्षा दंड के प्रावधानों को कितने ठीक रूप से लागु किया जाता है इसपर निर्भर करती है.

Aphorism 86:

Upon the personal safety of the ruler depends the safety of the people.

लोगो की सुरक्षा इस पर निर्भर है की जो लोग शासन में है वो कितने सुरक्षित है.

Aphorism 87:

The growth or destruction of the individual depends upon the choices the individual may make about his behaviour.

व्यक्ति की प्रगति या विनाश इसपर निर्भर है की वह व्यवहार कैसे करता है.

Aphorism 88:

Punishments should be given after careful consideration, and on a scientific basis.

दंड उचित सोच विचार के बाद और शास्त्रीय आधार पर देना चाहिए.

Aphorism 89:

The king must never be considered a weak, normal person, and neglected accordingly. He represents the full power and majesty of the State.

शासक को कभी भी कमजोर, सामान्य और दुर्लक्षित नहीं समझना चाहिए. वह राजसत्ता और राजमहिमा का प्रतीक है.

Aphorism 90:

As the smallest of sparks can cause a huge forest fire, so can kingliness, even if present in minute measure, lead to enormous outcomes, when the will of the people is aligned with that of their ruler.

जिस प्रकार एक चिंगारी एक जंगल को जला सकती है उसी प्रकार शासकधर्म थोड़ी मात्रा में भी होने से बड़े परिणामो को ला सकता है यदि उसे जनता की इच्छा शक्ति की भी अनुरूपता मिले.

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s