Glimpses of Morari Bapu’s Ram Katha to the extent I could understand

गुड़गाँव राम कथा के कुछ बिंदु

भगवान राम को जब वनवास हुआ तो उन्हें एक भी ऋषि मुनि ने राज महल को लौट जाने के लिए नहीं कहा. ऋषि मुनि तो चाहते है की राम दुरितो और वंचितों के बिच रहे, राज महलों में नहीं.

बुद्धि बाहर की और जाने वाली चेतना है. श्रद्धा अंतर्मुखी चेतना है. सती दक्ष की पुत्री है. वह बहोत तर्क वितर्क करती है और राम का अस्तित्व प्रमाणित करना चाहती है. वह बुद्धि का प्रतीक है. जब यह बुद्धि यज्ञ में आहूत हो जाती है तो अंतर्मुखी चेतना बन जाती है. पार्वती श्रद्धा का प्रतीक है.

भगवान राम के पास ऐसा सुख है जो काल, देश और व्यक्ति निरपेक्ष है.
राम को जब महाराज दशरथ ने कहा की कल उनका राज्याभिषेक होने वाला है तो उनमे उतनी  ही सुख और प्रसन्नता थी जितनी उनको कैकयी माता ने वनवास की आज्ञा करने पर थी.
राम वन में भी उतने ही सुखी और प्रसन्न थे जितने वो अयोध्या में थे.
राम कैकेयी माता से बात करते वक़्त उतने ही सुखी और प्रसन्न रहते थे जितने वे लक्ष्मण के साथ होने से रहते थे.

 

कोलकाता रामकथा २०११ का एक प्रसंग (A glimpse of Kolkata Ram Katha 2011)

भगवान राम का अपराध तो रावण ने किया और इन्द्र के बेटे जयंत ने भी किया.
रावण ने सीता का अपहरण किया लेकिन उसके साथ किसी तरह का अभद्र व्यवहार नहीं किया. रावण ने सीता के अंग को अभद्र रूप से स्पर्श नहीं किया. उसने सीता को अपहरण के बाद अपने घर में न रखते हुए उसे मर्यादापूर्वक अशोक वन में रखा.
जयंत ने जब राम और सीता चित्रकूट में एकांत में बैठे थे तब सीता के पैर में चोच मारकर उसे घायल किया. वाल्मीकि रामायण में तो उल्लेख है की उसने सीता के वक्ष स्थल पर चोच मारी. वैसे देखा जाए तो जयंत का अपराध तो बहोत बड़ा है लेकिन राम ने उसे क्षमा कर दिया. और रावण को तो सकुल सदल मारा. रावण के शरीर के टुकड़े टुकड़े किये. उसके पेट के भीतर जो अमृत का कुम्भ था उसे नष्ट करके उसे मारा.
यह देखने में तो बड़ी विचित्र बात लगती है. लेकिन ऐसा इसलिए किया क्यों की जयंत कौवे का भेष बनाकर आया था और रावण साधू का वेश बनाकर आया. भगवान को दंभ और भेद कतई पसंद नहीं आता.

Manas 700, Day 1 – Ram Katha by Morari Bapu at Kailash Mansarovar as far as I understood.

सरापा राज हूँ मै जो हूँ मगर
ज़माने को मै समझा नहीं सकता

रहता है इबादत में सदा जान का खतरा
हम याद ए खुदा करते है कही कर न ले खुदा याद

राम सत्य है. कृष्ण प्रेम है. शिव करूणा है.

सत्य, प्रेम, करूणा जय पराजय से परे है.
इसलिए रामचंद्र भगवान की जय कहने से रामचंद्र भगवान प्रिय हो कहे.
बालकृष्ण भगवान की जय कहने से बालकृष्ण भगवान प्रिय हो कहे.
शंकर भगवान की जय कहने से शंकर भगवान प्रिय हो कहे.

 

 

 

गुरु को चार चीजे प्रिय होती है –
१. ऊंचाई – उसे हल्का विचार नहीं भाता, हल्का दर्शन नहीं भाता.
२. स्थिरता – गुरु को अस्थिरता पसंद नहीं.
३. शीतलता – गुरु उग्र नहीं होता. महादेव ने काम को जलाया, राम को नहीं.
४. अविचलता

कुछ तत्व संसार में ऐसे होते है जिन्हें माना जाता है जाना नहीं जाता.

गुरु महावीर होता है. वह षडरिपु से ऊपर होता है.

गुरु हनुमान है. वह अपनी मान सम्पदा बाट देता है.
सर्व मानप्रद आपु अमानी.
वह गति, पवित्रता और जीवन का दाता है.

**************Day 2*****************

हम भीतर के कैलाश की ओर चले.
भीतर की तबियत बिगड़े तो क्या करे.

सिकंदर ने उसके लोगो को वह मर जाने के बाद  ३ सूचनाओ का पालन करने को कहा था.
१. उसकी अर्थी को चार डॉक्टर उठाये. आदमी कितना भी रहिस क्यों न हो और उसे कितने ही डॉक्टर की निगरानी में क्यों न रखा जाए उसे मृत्यु तो आती ही है.
२. उसकी दौलत को मरने के बाद सरे आम उड़ेल दिया जाय.  उसने हासिल भी लोगो से किया था सो वो उनको लौटाना चाहता था.
३. उसके दोनों हाथो को जनाजे के बाहर रखना, खाली. तात्पर्य वह आया भी खाली हाथ था और जा भी खाली हाथ रहा है. कुछ लोग ऐसा भी कहते है की जिंदगी भर मांगने से भी उसकी तसल्ली नहीं हुई सो वह जाते वक़्त भी मांगना चाहता था हाथ पसारकर. यह एक विनोद की बात है.

ज्ञान विज्ञान से तृप्ति हुए बिना तसल्ली नहीं होती. ऐसा भगवत गीता कहती है. गीता और रास्ते भी दिखाती है.

मृत्यु आने पर उपाय, निष्कर्ष या अंतिम परिणाम नहीं होता है.

भीतर की बीमारी के लिए हरिनाम ही जरुरी है. औषधि काम नहीं करती है.

शुभ भाषा का प्रयोग भीतरी और शरीरी स्वास्थय के लिए अच्छा है. शुभ भाव और शुभ दर्शन भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा है.

कैलाश में कथा करना या ७०० कथा करना यह कोई रिकार्ड बनाने के लिए नहीं किया गया. यहाँ तो सबके रिकार्ड टूटते है.

पीछे वालो से मत कहो की मै आगे हूँ. आगे बहोत लोग है.

७०० नाम इसलिए की मानस में ७ सोपान है.

राम चरित मानस में ११ बार कैलास शब्द प्रयुक्त हुआ है.

इतिहास तथ्यों की खोज में होता है तो अध्यात्म सत्य की.

हनुमान चालीसा का अनुष्ठान करने वाला शुद्ध होता है. विश्व को सिद्धो की नहीं, शुद्धो की जरुरत है.

तुलसीदासजी ने हनुमान चालीसा का समापन कैलाश में किया. राम चरित मानस का समापन चित्रकूट या काशी में हुआ. उसका प्रकाशन अयोध्या में हुआ.

सिर्फ कन्या की ही परीक्षा नहीं, लड़के की भी परीक्षा करे. इसका आधार है राम चरित मानस, सीता का स्वयंवर हुआ था.

हनुमान ११ वे रूद्र है.

हनुमान चालीसा से –
१. व्यक्ति प्राणवान हो जाता है.
२. सिद्धवान हो जाता है.
३. उसमे असंगता आती है.
४. वैराग्य आता है.
५. ज्ञानवान हो जाता है.

दुखो की निवृत्ति वैराग्य के बिना संभव नहीं.
मै पूजा नहीं करता, प्रेम करता हूँ. इसीलिए तो कहता हूँ की सद्गुरु भगवान प्रिय हो.

आप हनुमान चालीसा का अनुष्ठान चाहे न कर सके, जो कर रहा है उसकी आलोचना न करे.

प्रयत्न से नहीं होता. मांगने से आशीर्वाद या आश्वासन मिल सकता है.
बात तो अनुग्रह से बनती है.
शरणागति के पथ पर अनुग्रह के सिवा चारा  नहीं.

कबीरा कुआ एक है, पनिहारी अनेक |
बर्तन सब न्यारे भये, पानी सब में एक ||

नदी से जब पूछा गया की जीवन क्या है, जवाब नहीं दिया बह गयी. बहना ही जीवन है.

जगतगुरु आदि शंकराचार्य कहते है की गुरु के और वेदांत के वाक्य में विश्वास ही श्रद्धा है.

मेरी व्यासपीठ एक श्वासपीठ है.

राम भरत से कहते की हनुमान ने कभी मेरी आज्ञा नहीं तोड़ी. गुरु की आज्ञा ही गुरु का प्रसाद है. गुरु कभी गलत आज्ञा नहीं करता.

साधू एक अलग वेश में क्यों रहते है १. वेश देखकर सामने वाला जान जायेगा और विक्षेप नहीं करेगा. २. स्वयं को निरंतर सावधान करने के लिए. ३. शरीर की सुरक्षा के लिए.

संत मठ का नहीं मन का महंत होता है.

साधू वह जिसके आँखों में प्रेम, करुणा है. चलाखी, शोषण नहीं.

प्रेम जब क्रियान्वित होता है, करुणा बन जाता है.
बर्फ पिघलने से ही जीवन दाता बनता है.
घनीभूत प्रेम जब पिघलता है तो जीवनदायी करुणा बनता है.

साधू की जबान में सत्य होता है, जहा सत्य का उच्चारण मंगलमय नहीं वहा मौन.
कृष्ण ने कर्ण से कहा की तू ज्येष्ठ पांडव है और तू पांडवो के सभी अधिकार प्राप्त कर सकता है. कर्ण कहता है कुछ सत्य अनकहे ही अच्छे होते है. अब मै पांडवो से कैसे लडूंगा, मेरी माँ के प्रति ही मुझ में घृणा हो गयी.

संत का नारायण उसकी जबान पर होता है.

संत के जीवन की गति में लोक मंगल के लिए मर्यादा होती है.

बुद्धि की शुद्धि हरिनाम से होती है.

 

**************day 4***********

श्री हनुमान जी ने सुग्रीव को बाली के त्रास से बचाया.
जानकी जी को दुःख मुक्त किया. *****सुनत ही सीता कर दुःख भागा
लक्ष्मण जी को संजीवनी दी.
भरतलालजी को प्रभु का समाचार सुनाया.
सीता माता की खोज में भटक रहे प्यासे भूखे भालू, बंदरो को तृप्त किया.

दो बाते बेहद जरूरी है – शरीर की स्थिरता और मन की धीरता.
समझ और समय से स्थिरता और धीरता आती है.
महर्षि रमण कहते है की संयम भी आवश्यक है.
हरी स्मरण से संयम भी मिलता है.
सबसे बड़ी विपत्ति है हरि स्मरण का छूटना.
बिपति प्रभु सोई जब तव सुमिरन भजन न होई.
जो व्यक्ति कामना छोड़कर कुछ समय के लिए राम नाम जपेगा उसे रात दिन राम नाम जपने का फल प्राप्त होगा.
हमने जो संतो से सुना है वही आपको सुनाते है.
गावत संतत संभु भवानी
भजन गाना भी भजन है.
भजन गाती है जीभ भजन करता है जीव.
कह हनुमंत बिपति प्रभु सोई जब तव सुमिरन भजन न होई.
उमा कहु मै अनुभव अपना, सत हरिभजन जगत सब सपना.
मन की तरंग मार लो बस हो गया भजन.
कैलाश का अर्थ है ज्ञान, भक्ति और कर्म.
इन तीनो से ही पूर्णता आती है.
कैकेयी कर्म के पथ का प्रतीक है. ठीक संग न होने पर कर्म भ्रष्ट हो जाता है. कर्म मौन होता है.
कौशल्या विवेक का प्रतीक है. विवेक मुखर होता है.
सुमित्रा भक्ति, सुमिरन का प्रतीक है जो मौन भी है और मुखर भी.
मैत्री यह हाथ तालियों का खेल नहीं है. गाली गलोच नहीं है.
शब्द आसान है, उसका वहन बहोत कठिन है.
मैत्री से वैर जुड़ जाता है. यह मित्र है तो वह शत्रु है.
सुग्रीव की राम से मैत्री निभ गयी, विभीषण की राम से मैत्री निभ गयी क्यों की बीच में हनुमान थे.
जो मित्र का दुःख देखने से दुखी नहीं होता उसका चेहरा देखने से पाप लगता है.
सुभाषितकार  भी कहते है की मैत्री दुर्गम है.
राम माने सत्य. सत्य तक पहुचने के लिए हनुमान का अनुग्रह जरूरी है.
प्रेम दुर्गम है.
करुणा दुर्गम है. दया सुगम है. दया तो दिखावे के लिए होती है. बदले में कुछ मिले यह सोच कर होती है.
शंकर दुर्गम है.
करुणा प्रगट होती है भगवान का चरित्र सुनने से.
महर्षि वाल्मीकि ने जब क्रौंच पक्षी के विलाप को सुना तो उन्होंने रामायण की रचना की. रामायण काव्य प्रकटा है शोक से.
राम चरित मानस आनंद से प्रकट हुआ.
गदगद गीरा नयन बह नीरा
मृत्यु दुर्गम है.

हनुमानजी की अनुमति के बिना राम के मंदिर में प्रवेश संभव नहीं. हनुमानजी कुछ प्रश्न पूछते है.

हराम कितना है. यह सत्य का मंदिर है यहाँ असत्य नहीं चलेगा.
कोई निंदा करता है तो उसे यहाँ प्रवेश नहीं है. पीठ पीछे निंदा ना करे. निंदा और स्तुति दंभ युक्त ना हो.
वह पूछते है की आपकी आँख पवित्र है क्या.
किष्किन्धा कांड में केवल विचार है, क्रिया नहीं है. लंका कांड में केवल क्रिया है, विचार नहीं है. सुन्दर कांड में विचार और कर्तुत्व का संयोजन है.
यदि विचार और विश्वास को दो चक्के कहा जाए तो उनके बिच की धरी है विवेक.
अहंकार के जूते बहार रखकर ही मंदिर में प्रवेश संभव है.

 

*************day 5**************

हनुमान चालीसा में चालीस पंक्ति ही क्यों है.

इसका संकेत इस ओर है की चार वास्तु को शुन्य कर दे.

हनुमान चालीसा भी राम कथा है.

रामचरित मानस का संक्षिप्त रूप है सुन्दर कांड और सुन्दर कांड का संक्षिप्त रूप है हनुमान चालीसा.

हनुमान चालीसा का अनुष्ठान संकटों से बचने के लिए और काम निकालने के लिए न करे.

ह्रदय में बैठा हुआ ब्रह्म अक्रिय है. ज्ञान और कर्तव्य बुद्धि उसे सक्रीय कर सकती है.

हनुमान चालीसा मानसिक बीमारी का इलाज है.

 

गीत को ठीक से समझे..

हमने हसरतो के दाग मुहोब्बत में धो लिए

ख़ुशी आपकी हुजुर बोलिए ना बोलिए

भक्ति मार्ग में हसरत दाग है, कलंक है.

कितने हसीं खात मेरी निगाह ने , बड़ी सादगी से भारह रूह में चुभो दिए

जिंदगी का रास्ता तो काटना ही था अदम, उठ गए तो चल दिए थक गए तो सो दिए

घर से चले थे हम ख़ुशी की तलाश में, गम राह में खड़े थे वही साथ हो लिए

 

लक्ष्मण जागृति और होश में किये हुए कर्म का प्रतीक है.

चार वस्तु शुन्य – मन निर्विकार होने लगता है.

मन का निरोध नहीं मन का प्रबोध करो.

एक गुरु ने जब उसे एक शिष्य ने पूछा की भजन माने क्या करे तो कहा की निरंतर सामने मुझे देखा कर.

बुद्ध पुरुष के अगल बगल में मन की निर्विचारता प्राप्त होती है.

बुद्ध पुरुष के निकट जाने से लाभ नहीं, देह अभिमान देगा.

तंत्र मार्ग में हनुमान चालीसा का उपयोग कभी भी ना करे.

शुन्य मानसक होते हुए भी साधक मन को संचालित करता है.

पागल का भी मन शुन्य हो जाता है. ऐसी शुन्यता यहाँ नहीं कही जा रही है.

पैसे के मालिक अच्छे, पैसे के गुलाम किस कम के.

जो दुसरो को दिया जाय उसके हम मालिक, जो न दिया जाये उसके हम गुलाम.

कोई भी वस्तु को नष्ट करना आध्यात्मिकता नहीं है.

मन को सुधार लेना है, खुशबु से भरना है.

बुद्धि का व्यभिचारिणीपन हनुमान चालीसा से रुकेगा.

कुछ न कुछ छूट जाना ही जिंदगी है.

जगत अपूर्ण ही मिलेगा, परमात्मा पूर्ण ही मिलेगा.

विषयी साधक सिद्ध सयाने, त्रिबिध जीव जग बेद बखाने.

७०-८० % लोग विषयी है. २० % साधक और ५-१० % सिद्ध. शुद्ध तो कोई माई का लाल ही मिलेगा.

विषयी लोगो को तीन बातो में रस होता है.

सुत बित लोक इष्णा तिनी.

सुत का मतलब है पारिवारिक सुख की चाह.

स्वार्थ बुद्धि अध्यात्मिक मार्ग में बाधा न बने.

घर के छोटे बड़ो को सम्मान दे, बड़े छोटो को वात्सल्य दे.

धन सुख में संतोष होना चाहिए.

 

एक राजा को एक सन्यासी ने कहा की उसके यहाँ हर हफ्ते एक एक करके पांच सन्यासी आएंगे.

 

पहले सन्यासी ने जब राजा ने उसे कुछ देना चाहा तो भिक्षा पात्र उंडेला और अनेक रत्न बिखेरे.

दूसरा सन्यासी जब आया तो राजा ने उसे कुछ देने की चेष्टा नहीं की. उसने भी अद्भुत रत्न राजा को प्रदान किये.

तीसरे ने अनेक वरदान प्रदान किये.

चौथे ने भी बहोत दान दिया और पात्र व्यक्तियों को उसे देने के लिए कहा.

पांचवा सन्यासी आया ही नहीं. राजा ने राह देखी. जिस सन्यासी ने पांच सन्यासियों की आने की बात कही थी, वह वापस आया. राजाने कहा की पांचवा सन्यासी तो आया ही नहीं. उसने कहा वह आया था लेकिन आपके इर्द गिर्द के लोगो ने ही उसे जकड़े रखा और वह लौट गया. वह संतोष लाया था.

व्यक्ति राजसिक और सामाजिक सुखो की कामना करता है.

संतोष तो हनुमान की शरण में ही है.

सिद्ध न बन सके तो साधक बने. किसी को किसी प्रकार की बाधा न पहुचाते हुए साधक बने.

परमात्मा की पूजा करे, परमात्मा से प्रेम करे.

कर साहिब की बंदगी, भूखे को कुछ दे.

यह कर्त्तव्य बुद्धि से करे किसी पर अहसान कर रहे है इस भावना से नहीं.

भजन करो भोजन कराओ

मुझे मान मिलने से नहीं, दुसरो को सम्मान देने से मै सुखी होता हूँ.

लोग ऐसा दिखाते है की वे साथ चलते है, पर वे बिलग बिलग होते है.

दो विद्वान् बड़ी लम्बी तीर्थयात्रा कर के एक घर में पहुचे. यजमान ने भोजन करने को कहा. उन्होंने कहा की हम पहले नहाते है फिर भोजन करेंगे.

जब एक विद्वान नहा रहे थे तो यजमान ने दुसरे से पूछा की आपके साथ जो है वो क्या बहोत विद्वान् है? उसने कहा वह तो बैल है, मेरे साथ चलता है तो इज्जत मिलती है.

जब एक नहा कर आये तो दुसरे गए. उनसे जब पूछा की अभी जो नहा रहे है वो क्या बहोत विद्वान् है? उत्तर मिला वो तो घोड़े है सिर्फ चलते है, विद्वत्ता तो सब मेरे पास है.

एक घंटे के बाद यजमान ने भोजन परोसा. एक को भूसा तो एक को चारा.

कठिन तपस्या के बाद अहंकार न आये.

 

सिद्ध तिन सुखो को चाहता है. १. आत्म सुख २. निज सुख ३. परम विश्राम

आत्म सुख माने सकल जन रंजन.

 

भक्त का सुख है प्रभु के गुण गान गाते गाते सुनते सुनते परम विश्राम को पाना.

सुख की उपेक्षा न करे. उसे दुसरो को बाटे फिर भोगे.

धर्म सुख का विरोधी नहीं है पर सुख में सिमट नहीं जाता.

वाल्मीकि आदि कवी है, शंकर अनादि कवी है.

सर्जन को जब अपनी कृति कोई गाता है तो आनंद आता है.

सम्मान को प्राप्त करने से या तो ऐसा निष्कर्ष निकल सकता है की सम्मान देनेवाला सरल है या ऐसा भी निष्कर्ष निकल सकता है की वह तो कुछ भी नहीं है. भरद्वाज जी ने जब सती और भगवान शंकर को सम्मान दिया तो भगवान शंकर ने पहला निष्कर्ष निकला और सती ने दूसरा.

स्वामी विवेकानंद ने कहा है की विश्वास जीवन है और संदेह मृत्यु.

 

**********day 6*********

जो भारतीय परंपरा के शास्त्रीय ग्रन्थ है उनमे आदि, मध्य और अंत में एक ही तत्व प्रतिपादित होता है.
ऐसे ग्रंथो को पूर्ण माना जाता है.
हनुमान चालीसा में आदि, मध्य और अंत में शिव तत्त्व का प्रतिपादन किया गया है.
रामायण में प्रेम तत्व का प्रतिपादन किया गया है.
राम चरित मानस में सत्य तत्त्व का प्रतिपादन किया गया है.

हनुमान चालीसा में कहा गया है की …
सब सुख लहै तुम्हारी चरना, तुम रक्षक कहू को डर ना

इस संसार में जैसा की कुछ लोग कहते है की दुःख ही दुःख है तो ग्रंथो में सुख की चर्चा क्यों है.
यदि सब सारहीन है तो सारभूत की चर्चा क्यों है.
यदि सब विषाद है तो प्रसाद की चर्चा क्यों है.

यह सत्य है की शास्त्र में एक जगह जीवन को दुखालय कहा है पर यह भी सत्य की वहा उस दुखालय को अशाश्वत भी कहा गया है.

आनंद और सुख विरोधी सूत्रों को बिच वाले काल में धर्म में स्थापित किया गया.
आनंद हमारा रूप है. हम अमृत की संतान है.

कभी कभी जो प्रतीत होता है उसका विपरीत ही सत्य होता है. टेढ़े सूत्र में सत्य निर्मित होता है. टेढ़ी ऊँगली से ही घी निकलता है.

एक बहन ने प्रश्न किया है की प्रदोष व्रत का कैलाश में समापन कैसे करे. उत्तर है हरिनाम से.

मै आस्तिक भी नहीं हूँ और नास्तिक भी नहीं हूँ. मै वास्तविक हूँ.

राम चरित मानस अक्षर से प्रारंभ होता है.

हनुमान चालीसा सुख की बात करता है..
सब सुख लहै तुम्हारी चरना, तुम रक्षक कहू को डर ना

राम चरित मानस भी कहता है..

नहीं दरिद्र सम दुःख जग माहि, कोई संत मिलन सम सुख जग नाही.

 

जब राम मिथिला में पुष्प वाटिका में पुष्प चुनने के लिए जाते है तो ऐसा कहा गया है की पुष्प पत्तो में ढके होते है और राम उन्हें ढूंढते है.
पत्तो को दल भी कहते है. राम दल में फसे प्रकाश को खोजते है.
राम कहते है की फूल मेरे आने के बाद भी नहीं खिले. फूल कहते है की हम तो सीता के आने के बाद खिलेंगे. भक्ति के बिना आत्मा खिलती नहीं.

शब्द बोझ ने आदमी को गंभीर बना दिया.
मै अपने उसूलो में इतना सख्त नहीं हूँ.
मै वापिस भी आ सकता हूँ मैं गया वक़्त नहीं हूँ.

लैला का क्या नाम लिया और मस्त हुआ.
तू अल्ला अल्ला बोलता है और कोई मस्ती नहीं.
एक नश्वर सौंदर्य से व्यक्ति खिल जाता है और तुम शाश्वत सौंदर्य की बात कहते हो और उदास हो.

हनुमना चालीसा में कहा गया है..
तुम रक्षक कहू को डरना

शास्त्रों के अनुसार आठ भय कहे गए है…

१. मृत्यु का भय.

समृद्ध को मरने से अधिक डर लगता है. मरण का भय मिटता है स्मरण से.

कबीर तो मौत को कहता है…
जिस मरने यह जग डरे, सो मेरे आनंद |
कब मरिहू कब देखिहू, पूरण परमानन्द ||

कबीर ने मृत्यु को गाया, हमने रोया.

मृत्यु नहीं मिटती उसका भय मिटता है.

२. अपकीर्ति का भय. यह भय गीता का सिद्धांत अपनाने से मिटता है. गीता कहती है की निंदा और स्तुति को एक समान मानो. साधू का मार्ग शूरो का मार्ग है.

३. महा व्याधि का भय. इसका उपाय है देह में आसक्ति को समाप्त करना.

४. भविष्य में क्या होगा इसका भय. यह समर्थ की शरणागति से मिटता है. परम पर भरोसा रखो.

५. असफलता का भय. इसको मिटने का उपाय है की परिणाम की मत सोचो. कर्त्तव्य बुद्धि से कर्म करो.

६. पाप का भय. यह अद्वैत दृष्टि से मिटेगा.

७. कुपंथ पर जाने का भय. सत्य से अभय प्राप्त होता है. सत्य को कुछ साबित नहीं करना पड़ता. असत्य का मार्ग भयभीत करता है. सत्संग से विवेक उत्पन्न होगा, विवेक से सदबुद्धि, सदबुद्धि से निर्भयता प्राप्त होगी.

८. शुद्ध प्रेम के समर्पण का भय. जैसे कैकयी को भरत के शुद्ध प्रेम का भय था. उसे लगता था की राम के प्रति जो भरत का प्रेम है उससे उसे राज्य नहीं मिलेगा.

राम तत्व की समीक्षा या परीक्षा नहीं की जाती है. उसकी प्रतीक्षा की जाती है.

मैं मानस मर्मज्ञ नहीं हूँ. राम का मार्ग जाना नहीं जाता. राम चरित मानस का भी नहीं.

गुरुदेव रबिन्द्र नाथ टैगोर कहते है की मैं श्रेष्ठ का चुनाव नहीं कर सकता, श्रेष्ठ मुझे चुन सकता है.

राम अयोध्या में लोगो के घर नहीं गए, बच्चो से बात नहीं की. उन्होंने ऐसा मिथिला में किया, भक्ति के नाते.

राम नाम का फल समाधी है, समाधी का फल राम नाम है.

जब आप उद्विग्न होते है तो राम गुण गान करे, सतसंग करे या अकेले बैठकर हरि स्मरण करे.

शिव तत्व द्वार पर होता है और भक्ति तत्व घर में होता है पर उसका संयोग करने के लिए नारद जैसा सदगुरु चाहिए.

 

*********day 7***********

 

यदि सिद्धि में कोई अर्थ नहीं है तो सिद्धि की बात हनुमान चालीसा में कैसे?

भारद्वाज जी के आश्रम में भी सिद्धि की बात है.

सिद्धि का अर्थ है की भक्ति रस में सिद्ध हो जाए.

हमको अन्य सिद्धि मिल भी जाए तो भी हम पचा नहीं पाएंगे.

सिद्धि का अर्थ है हरिनाम लेते लेते भगवान का अस्तित्व प्रतीत हो.

भक्ति करते करते ताप का दूर होना ही संतत्व है.

मुझे सिद्धि नहीं चाहिए.

इश्वर कुछ ज्यादा दे तो मना करने की साधू में क्षमता होनी चाहिए.

हमें देशी गाय रखने से लाभ होगा हाथी मिल भी जाये तो क्या करना है.

रति याने हरिपद रति. प्रतिक्षण वर्धमान होने वाला, क्षण क्षण बढ़ने वाला भाव.

महादेव आपने काम को जलाया हमें रति दो.

भजन का कोई फल नहीं होता, जहा फल है वहा फस गए.

तप का फल है सर्जन, विलय.

योग का फल है समाधी.

गुरु से स्थूल सम्बन्ध नहीं, चैतसिक सम्बन्ध रखो.

गुरु कर्म नहीं देखता, करुणा देखता है.

महादेव के आगे गर्व नहीं चलता, स्वभाव चलता है.

भक्ति में मांग जबसे आई, भक्ति क्षीण, दुर्बल होने लगी.

राम भक्ति में हमारी सिद्धि हो. हमें श्रवण, कीर्तन, स्मरण, पाद सेवन, आत्म निवेदन में उसकी प्रतीति आये.
पाद सेवन माने वचनामृत की सेवा.  गुरु के वचन को मानना.
आम का कोई आम नहीं होता, उसका रस होता है. फल की बात न करे.
आपन तेज सवारों आपै का अर्थ है अत्त दीप भव, आप खुद ही खुद के दीप बने.
राम भजन करने वाले को कर्म चाहिए फल नहीं, फल परेशान करेगा.
धर्म मुस्कुराये. साधना पद्धति मुस्कुराती हो.
बाह्य कर्मकांड स्थूल है, प्रतीकात्मक है, लोक संग्रह के लिए है. असली साधना तो भीतर होनी चाहिए.
कृष्ण रसरूप है. उसका भक्त कहलाने वाले रूखापन, क्रोध न करे.
साधक अपने आप से करे. खुद जागे. गुरु से विचार, दीक्षा तो मिल जाएगी पर आचार तो खुद करना होगा.
खुद को रंगे बिना दुसरो को रंग नहीं सकते.
वाल्मीकि रामायण परम मंदिर है.
तुलसी रामायण प्रवाहमान गंगा है. कोई भी जा सकता है. कभीभी स्नान कर सकता है.
कही बिधि कहु जाऊ अब स्वामी यह तुलसी की चौपाई तो गाव गाव तक, जन जन तक पहुच गयी. तुलसी रामायण हर कही पहुच गया.
ब्रह्म का लक्षण है व्यापकता.

राम अवतार के चार कारण –

१. जय विजय को शाप.
जय विजय ने सनत कुमार को कैसे नहीं पहचाना? डयूटी बजाते वक्त विवेक रखना चाहिए.
२. जालंधर वृंदा का प्रकरण.
३. नारद का शाप.
४. मनु शतरूपा की तपस्या.
५. राजा प्रताप भानु का प्रकरण.

कौशल्या ज्ञान की धारा है उससे राम ब्रह्म के रूप में प्रकटे.
कैकेयी कर्म की धारा है उससे राम भरत याने विवेक के रूप में प्रकटे.
सुमित्रा उपासना की धारा है उससे राम लक्षमण अर्थात जागृती और शत्रुघ्न अर्थात मौन के रूप में प्रकटे.

ताडका यह कर्म का विध्वंस करने की धारा है वह रावण को सहायक हुई.
मंथरा ज्ञान का विरोध करने वाली धारा है. उसने भरत और राम में द्वैत देखा. वह राम को लोगो से दूर करने में सहायक हुई.
शूर्पनखा भक्ति की विरोधी है. उसने सीता को नष्ट करने की कोशिश की और रावण को सहायक हुई.

 

*********day 8**********

एक युवक ने प्रश्न किया आपने कहा था की धर्म सुख विरोधी नहीं होना चाहिए.

सुख है, सुख के कारण है, सुख का उपाय है, सुख संभव भी है.

तो क्या धर्म दुःख विरोधी होना चाहिए.

 

उत्तर है की धर्म किसीका भी विरोधी नहीं होना चाहिए.

विनोबा भावे हरदम कहते थे की लड़ाई दो धर्मो के बीच नहीं दो अधर्मो के बीच होती है.

 

विशेषण लगाने से दुसरे का विरोध होता है.

 

यहाँ दुई की सुई ना चुभती

घुले बतासा पानी में

 

यह मस्तो की सभा है, यहाँ सोच कर आना जी.

 

धर्म का प्रचार करने की आवश्यकता नहीं है. धर्म निज सम्पदा है.

 

ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर.

 

हाथ में फांसा नहीं है तो क्या हुआ जुआ तो मन में चल रहा है.

 

कली खिल कर फूल बनने को एक रात लगती है.

 

कथा से हमें रूपांतरण का पता नहीं चलता.

 

दुष्ट का कर्म भी विफल नहीं होता इष्ट का कैसे होगा.

 

२०० – ३०० साल में गाँधी बहोत प्रासंगिक हो जायेंगे.

 

प्रयत्न को छोड़ देने की इच्छा बुढ़ापे के आने का संकेत है.

 

मेरी एक भी कथा विफल नहीं हुई.

 

किसी को कथा भोग के पहले, किसी को भोग के समय और किसी को भोग ने भोगने के बाद लगती है.

 

परमपिता भोले भंडारी ने कथा की स्थापना की है.

 

लकड़ी पर बहोत आवरण है. कथा के प्रवाह में पड़े रहो, सब आवरण गल जायेंगे और लकड़ी तर जाएगी. जो उसका सहारा लेगा उसे भी तार देगी.

 

मोम बत्ती अपने ही मोम से प्रकाशित होगी. बाजूवाली मोमबत्तीयो का मोम काम का नहीं. उधार लिया हुआ काम नहीं आएगा.

 

हांक भगाने के लिए भी होती है, पास बुलाने के लिए भी होती है.

 

विजय शब्द अच्छा नहीं असर अच्छा है.

 

जो कुछ हमें मिला है किसीसे मिला है, उसीसे मिला है.

 

सत्य की वाणी, सौंदर्य, ज्ञान को व्यक्ति का समझना भूलो की परंपरा पैदा करता है.

 

जैसे गुरुदेव रविंद्रनाथ टैगोर ने कहा है की जब शब्द सत्य की गहराई से आते है.

 

कोई भी बड़ा व्यक्तित्व नक़ल करना नहीं सिखाता.

 

जो जहा का होता है, वही उगता है.

 

सत्य, विवेक, महत्त्व आयेगा जो उसके प्रभाव में जियेगा.

 

प्रीति का मार्ग याने भक्ति योग. राग द्वेष से परे जाना याने ज्ञान योग. नीति का मार्ग याने कर्म योग.

 

हनुमान चालीसा में जो प्रेत कहा गया है वो व्यक्ति जो सम्मान चाहता है वही है.

 

जितने द्वंद्व है भूत है.

 

साधक सुख दुःख में सम रहता है.

 

***********day 9*********

पाप करने से विवेक बुद्धि का नाश होता है. ऐसा होने से व्यक्ति बार बार पाप करने लगता है.

पुण्य करने से विवेक बढ़ता है.

प्रेम तपस्या का मार्ग है, भोग का मार्ग नहीं है.

राम ने शरयु से गंगा के तट तक रथ यात्रा की. शरीर रथ है, धर्म रथ. रथ में सबसे महत्त्वपुर्ण चक्के है. शौर्य और धैर्य इस रथ के पहिये है. सत्य और शील इसकी पताका है. परिणति सत्य में होनी चाहिए. धीरज शौर्यवाला हो कायरतावाला नहीं.

जीवन एक वन है. चौर्यासी लाख योनी का वन है.

बुद्धि याने विद्या ये नौका है. जमीन पर यात्रा सरल है. काल प्रवाह में यात्रा विद्या से ही हो सकती है.

राम ने पदयात्रा सत्ता का त्याग करने के बाद प्रेम और सत्य की प्राप्ति के लिए की.

आकाश यात्रा याने असंग यात्रा. संग याने आसक्ति.

श्रुन्गवेरपुर में प्रभु ने केवट का धन्यवाद किया, सबको गले लगाया.

भरत हनुमान से कहते है की मुझे लगता है की साक्षात् राम मिले है. तब प्रभु विमान से आ रहे थे पर हनुमान में बैठकर मिले.

पशु से मानव बनाने की विद्या है राम चरित मानस.

ग्लानी को समाप्त करना राम कार्य है.

राम सत्ता के पास नहीं गए. वशिष्ट जी ने उनके लिए सिंहासन मंगाया. जहा सत होता है वह सत्ता आती है.

मानस ७०० कथा के दौरान सात विशेष अनुभूति…
१. कृपा की विशेष अनुभूति
२. विशेष कलाओ की अनुभूति.
३. विशिष्ट कथा शैली.
४. काल की अनुभूति.
५. कीर्तन की अनुभूति.
६. शरीर होते हुए कैवल्य की अनुभूति.
७. कृत कृत्य भाव की अनुभूति.

जहा तक कदम चले आ गए है

अँधेरे हमें रास आ गए है

 

Manas Ravan 10 – A discourse listened from Morari Bapu and to the extent I understood..

The Vyaspeeth is a sadguru in itself. The person occupying the vyaspeeth is not.

Ramcharitmanas guides the person who speaks and to those who listen. The speaker is not giving any guidance.

Yagyavalkya should be considered as a karmpeeth – platform of action.

We should learn from Ravana, we should take inspiration from Ravana.

There is no need to be have much curiosity about Ahi Ravan and Mahi Ravan rather we should know the Sahi Ravan.

Ravan is sitting in the lanka of infatuation and he is there in all ripples rising in our mind.

Ravan is not the villain, he is the counter hero.

Ram is supreme comfort, Ravana is efforts full of labor.

Ravana selected the path of attaining supreme comfort through efforts full of labor.

Ravana labored a lot with his 20 hands and didn’t give anything to others.

Those who readily offer others whatever they can, don’t have any grievance against life.

When a person becomes Buddha his lineage has no significance for him.

We can reach light when we move away from darkness. So we can’t reach Rama without understanding Ravana.

Ravana is very close to us, Rama is far away at a great height.

Ramayana is like a power-house, like a mother.

When we weep remembering God, we are doing worship.

Day 2

An event happens due to…

there comes the right time

needed action is done

mental setup of a person

the state of person during that moment – tamasik, rajasik, satavik.

Remembering God causes purification of the intellect.

A devotee should not be so wise that he stops remembering God.

Ravana has habit of doing what Vishnu does. He want to do what others have done, even though he doesn’t have any worth. Whenever we behave like this and start imitating others we should know that Ravana has taken charge of our mind. Ravana is nothing but infatuation that we have in our mind.

Ravana tried to humble King Bali as the latter was humbled by Vishnu. Those who are devotees of God can’t be humbled by Ravana. So when confrontation took place Bali defeated  Ravana very easily.

Sahasrarjuna has thousand hands and Ravana twenty. He tried to overpower Sahasrarjuna. Again this is common phenomenon. We out of jealousy try to overpower those who are more powerful and get defeated. So when we act out of jealousy we are under the influence of Ravana. Sahasrarjun on the advice of Sage Pulastya released Ravana. So those who remain under the influence of Sadguru defeat Ravana easily and also don’t bother to show it off to the world unnecessarily.

Baali defeated Ravana and held him in his arms for 6 months. Here Bali symbolizes ego. Those who are egoistic, they always want to show their might to the world and they suffer on this account. So Bali carried burden of Ravana unnecessarily for 6 months.

Ved say that your hands are God.

Eyes mean enlightenment, the right thought, attaining the objective.

Surdas didn’t see the world by his eyes but he saw that creator of the world.

Sadguru means a person with whom we don’t have any distance, we are one with him.

When we start acknowledging that we have ego we begin our journey to God.

Ravana rejected his profile presented by Angad and talked about his accomplishments.

Shiva is the ego of the universe, head of Ravana represents his ego. He offered his ego to the ego of the universe and got it back.

So here Ravana teaches us that we should not reveal only dark side of a person while introducing him but we should reveal his bright side also.

The certificate that others give us don’t do any good to us and don’t work for us.

The brother of infatuation (Ravana) is ego (Kumbhakarna). The son of infatuation is lust (Meghnaad).

Please note that Kumbhakarna sleeps for 6 months and wakes up only for one day. He does terrific damage to all the three worlds in one day and again goes back to sleep. Similarly we think that we are free from ego, but our ego is sleeping. It rises after a long gap and for a while and does terrific damage in few moments. Ego ends when it is subdued by God. So without God there is no end to ego.

On the other hand lust doesn’t sleep a lot and remains awake though it doesn’t remain awake continuously.

One can gain knowledge through…

study, experience, power of discrimination, purifying one’s mind, taking shelter at the feet of preceptor, good faith.

Remembering God causes purification of mind.

Day 3

Let us think about the cause behind Ravana’s birth.

Rama is causeless but others are not. If we discuss we may attain the truth. If we see the cause given in Ram Charit Manas, we know that the basis of Ravana’s birth is Vishnu’s abode, Vaikuntha.

If there is no Vishnu’s abode, there can’t be Jaya and Vijaya, there can’t be any instance of declining the permission, there can’t be any curse leading to Ravana’s birth. So Ravana’s birth is ultimately rooted in Vishnu’s abode.

Those who are sitting at great heights always bear risk of a great fall. They may commit a slight mistake and fall down.

Ravana is a person and Ravana is also a tendency of mind.

Kya rog laga baithe hai, Dil humko bhula baitha hia, Hum Dil ko bhula Baithe hai.

There are four stages through which a devotee sitting in a katha passes.

He adores God at the start of Katha, this is satya yug.

The very Katha is Treta Yug.

The puja, archan done during the Katha is Dwapar Yug.

Then Katha ends and the devotee enters the Kali Yug. Here he is protected as he remembers God.

The fits of lust and anger don’t last long. But greed (lobha) is everlasting.

If someone scolds unnecessarily it should be assumed that Shishupal has taken his charge.

When ego rises it affects lower limbs (style of walking), pelvic region (loses balance) and head.

His eyes, ears and mouth seek gratification of ego.

Kubhakarni Vrutti (tendency of mind) is to get much without any assimilation. Kumbhakarna devours monkeys and monkeys come out through his nose and ears.

The devotee of God is always contented. Kevat refuses gift offered by Rama for ferrying him across Ganga….

Naath Aaj Mai Kah Na Pawa | Mite Dosh Dukh Darun Dawa ||

Don’t go after ownership and possession, enjoy the existence. No vulgar interpretation please.

Mera Dil Na Khila Sari Bagiya Khili To Kya Hai

Those who carry taps with them can’t get any water, similarly the real bliss comes from the blessings of the true preceptor. One has to pay for one’s deeds but the sufferings are forgotten by the grace of the true preceptor.

To ask for something is not good.

The exceptions are – taking donation, gift, fees, prasad, recognition (if one commands it and is comfortable with it), alms.

Infatuation makes one lose the sense of time, location and worth.

 

Day 4

We can quench our thirst by approaching river of self realization at different places on it’s banks.

If  we approach Ramcharitmanas through God Shankar we are following the path of knowledge.
Mahadev has three eyes. Knowledge, Detachment and Yoga.
He has a very detached and broad vision.

The highest impact occurs on listening. Reading is not a method of devotion, listening is.
The enlightened speaker removes illusion from the minds of people. People can’t be free from illusion unless they awake.

Please don’t indulge in calling names to the speakers, you won’t gain anything.
A mind that gets into the habit of ill reasoning loses all it’s creative powers.
If there is no ill reasoning there will arise love for the feet of the benefactor.
The worst improbable events won’t take place if you are protected by the benefactor.

The other speaker Kakbhushundi has wings. It is not so that he doesn’t have eyes. Rather he has an eye of advaita. Similarly it is not so that Mahadev doesn’t have wings, you should see everything in the right perspective.

A speaker with wings means one who doesn’t get imprisoned in the cage of prestige, appreciation, title and money.
You can’t catch a crow, a crow is always on move, doesn’t take any fixed path.

Rama has taken birth in the lineage of the Sun (dispels darkness), Ravana in the lineage of the Monsters (becomes active at night)
Rama is always providing comfort, Ravana always taking efforts full of labor.
Rama is always for cosmic harmony, Ravana for personal superiority.
Both Rama and Ravana are disciples of Mahadev. Rama’s skin color in the color of Mahadev’s throat while Ravana’s skin color is the color of Mahadev’s body.
Ravana is a brahmin by lineage and his aptitude to study the scriptures. He became a brahma rakshasa by his deeds. He was a warrior. He was not a trader but he weighed Mount Kailash by his hands.

Rama is for bridging the gaps Ravana distances away his own people and creates gaps.
Rama is a great donor and he gives away. Ravana is a poacher and robs away.

Both are devotees of Mahadev. There existence is to be seen in the context of relativity.

Manthara is the Ravan in Ayodhya.
Ravana knows all the arts of a politician. 1. saam : treating others with equality. 2. daam :  offering price for others’ loyalty. 3. danda : levying penalty 4. bheda : divide and rule
Manthara can’t treat others with equality as she is a hunched back person. She doesn’t have any resources to buy loyalties. She doesn’t have any power to levy penalty. She has a malicious mind and she can create cracks in the mindset of others.
Manthara can’t remain in the company of Kaushalya (she symbolizes knowledge) and Sumitra (she symbolizes devotion / adoration). Manthara can only remain in the company of Kayikayi who symbolizes action (karma).

Gurudev Rabindranath Tagore likes most the incarnation of Vishnu as Buddha. All other incarnations have descended from divinity to humanity. Buddha has ascended from humanity to divinity.

There can’t be any donation of food. It is the duty of well fed people to see that the have-nots are provided with food. A mother is not donating any food when she breast feeds her baby.

A kerchief gets dirty after cleaning hands, Raam-Naam doesn’t get dirty after wiping impurities, it is a pearl.

If we remember that we are human beings we can live happily. If we remember that we are abodes of Mahadev we can have supreme happiness.

Those who are confused are bound to perish.

We should act with dexterity and not with miserliness.

We should do good with good faith and not to compete with others.
We ‘should do’ good understanding it well that it will still be done if we won’t do it.
We should not keep an eye on the fruits of action but we should enjoy performing the action.
We should do good to expand our scope of identity, to sacrifice our ego and never to humiliate others.
If we are not attentive we are bound to be hit by lust and anger.

Day 5

Ravana has many marks of God. But Ravana is not God.

Ravana is death, Rama is Life.

Valmiki says that wherever these 14 are Rama is.

Angad says that wherever these 14 are Ravana is.

Death is a mark of God.

Gorakhnath asks Yogi to die, he doesn’t ask a person engaged in sensual pleasures to die.

An orator was asked to speak to a gathering of audience. The orator said that he will speak if the audience undertakes to do what he says. The audience said that are ready. Then he asked the audience if they are really ready. The audience thought and said that they are ready to do anything but they should not be asked to give money. The orator said OK. He will not ask for money but are they ready to give what he will ask for. The audience thought again and said OK they will do what he asks but he should not ask for their time. He said OK. He will not ask for money or time but are they willing to do what he asks for. Again the audience thought for a while and said OK they should be asked to do the thing which they are capable of doing. He said OK he will ask for something which they are capable of doing. The audience said OK, tell us what we should do. The orator said die. There is no monetary cost involved in dying, there is no question of giving any time and everyone has the capability to die.

Death is the prerequisite to reach God.

Lord Krishna says, He is Death and He is Amrit.

A mirror is an excuse to see oneself.

Saki Sharab Laa Kyo Ki Tabiyat Udaas Hai
Muttarim Rabab Laa Kyo Ki Tabiyat Udaas Hai

If the existence would have been a miser, we would not have existed.

He who carries weapons is a coward.

Vyavasay doesn’t mean business in scriptures, it means determination.

Not  being an adamant but having strong determination, there is no need of any target.

Day 6

The truth is like an ice-cream. There will be some some transformation in the process of transfer.

Hanuman didn’t do any worship by allocating a specific time for that activity. He was always doing Raam Kaam and chanting Raam Naam.

Bhagwan Shankaracharya says that we are at our best when we are at our ease. The states of dhyan and dharna are inferior to sahajawastha.

We are not doing any worship when we are making comparison with others, we should see how far we have progressed.

Your soul is Mahadev. Your intellect is Parvati. Your home is temple. Your walking and moving is performing parikrama. Your true and loving words are chanting of stotras. This is how Shankaracharya has defined the sahajawastha, the state of being at ease without breaks.

Those who do special worships are superior and those who are in the state of ease are inferior is not true.

Instead of focusing your mind at the tip of your nose you should look at the whole universe with kindness.

Raam Kaam means working for Rama. It means doing the following….
bridge the gaps in the society
search Sita
arrange for the medical treatment to some needy person

Kabir has also said ‘Sadho Sahaj Samadhi Bhali’
The best state of meditation is to remain in the state of one’s ease.

Two eyes means one vision, so twenty eyes means 10 visions.

Ravana has 10 visions.
The vision of knowledge – Gyan Drishti
The vision of fault finding – Dosh Drishti

The vision that divides – Bheda Drishti
The infinite vision – Apar Drishti
The vision of emotion – Bhaav Drishti
…………………..

There can’t be any good by kidnapping, there can be good by offering oneself to truth, compassion and love.

It is very obvious that Ravana has a vision that divides. He was born to Diti, diti means division.

Why there are temples of Rama? It is because he didn’t have any jealousy towards his enemy. He asked Lakshamana to gain knowledge from Ravana when the latter was lying on his death bed. The world won’t find any fault if Ravana is ended but the world will find fault if the knowledge that Ravana had also ends.

One should never go to preceptors with empty hands, one should have something to offer as sacrifice in the fire of knowledge. Hanuman gave some grass to Lakshamana when he approached Ravana for acquiring knowledge. This is an indication to the underlying principle.

 

day 7

These are all excuses to see oneself.

Gyan Drishti – Ravana has the vision of knowledge but he could not hold that with continuity as all of us don’t have vision of knowledge without breaks.

Dosh Drishti – Ravana has the vision focused on the shortcomings of others. He could locate fault in Rama who is faultless.

Bheda Drishti – The vision to deceive others. Ravana was good at deceiving others like he deceived Sita by his false appearance.

Those with Gyan Drishti should not see any Bheda. But Gyan Drishti can’t be maintained with continuity.

Gita and Upanishads say that God is there in all beings, He is there in the same form in all beings, He is there in all beings at all times.

Why there is darkness inspite of light? The reason is Maya – The Deluding Potency of God.

What is Raam Kaam, the work of Rama? Everything literally everything.
Do a job and do it as if it is a work of Rama.
If your father tells you to do something do that thing as if you are doing it for Rama.
Get married and think that you are doing work of Rama.
We do a faulty thinking. We think that whatever good is happening we are doing and whatever bad is happening others are responsible.
If we disregard the ultimate (param) we stop doing the work of Rama.
Every work is the work of Rama, when we work to serve our ego the meditation breaks.
If we take a loan from bank, it is Rama’s work, if we pay the installments it is Rama’s work. If we make a default in repaying loan and if we go to jail, it is our work.
As per the agreement between Rama and Sugreeva, search of Sita was Sugreeva’s work, he should have done some search on his own instead of asking his deputies to do all search.
Life is meditation.

When Buddha came to the house of his wife asking for alms, she asked him a question. She said whether it was not possible to discover the ultimate element at home and whether it is necessary to go to woods. Buddha said it is possible to discover the ultimate element at home but he came to know this after relinquishing home.

The central theme of Ramcharitmanas is Sab (All), Gita Sam (Equanimity), Upanishad Satya (Truth)

We have a mental disposition to see sorrow in joy.

We deserve happiness, We are children of Amrut, Our true form is happiness.
You can’t have any claim over intellect of others, you should live your own way of life.

There is no point in cutting oneself for sharpening the blade of intellect.

The biggest happiness is being a human.

Our soul is the touch stone (Paras mani), we are iron, there is a layer of Maya in between. If there is no layer we are gold.

There is pearl at the bottom of the pond. The pearl can be seen if there is no layer floating at the top, there are no ripples in the pond, there is no dirt in the pond.

See what happens due to the vision of greed (lobh drishti)-
Pratapbhanu is a greedy hunter. He has too high ambitions. He has forgotten God. He is having thirst. He was deluded by a bogus sage. He who is overcome by his greed will only meet a bogus sage. He who is full of lust and cravings loses his power of discrimination. A greedy person can never enjoy. He will accumulate. A lustful person at least enjoys. A greedy person will eat rotten mango, he will wait for more ripening. Similarly he will damage the seed while eating raw mango. He wants to eat more of the raw mango but renders the seed useless. A greedy person drops a bottle of tincture iodine on ground. The bottle breaks and the lotion spreads on ground. Now he cuts his fingers with a razor and applies the lotion on wounds.

Bhog Drishti – The vision restricted to sensual pleasures.

Kripa Drishti – Being firmly benign like that a mother.

Udar Drishti – Ravana imparted knowledge to Lakshamana (brother of his enemy) in his last moments.

Param Hit Drishti – He led to the salvation of all demons.

Day 8

 

There is a concept of Virat Kosh (a gigantic form) in scriptures.

The directions are considered as ears of the gigantic form.

The truth of the western culture and the eastern culture should be heard.

Truth coming from all directions should be heard.

Bhala Bura Sabka Sun Lije

Kar Gujran Garibi Me

Man Lago Phakiri Me

He is great who listens to all. He is a saint who keeps all that which is good for him in his heart.

The eldest person in home should listen to everybody. A good preceptor should listen to his favorite disciple and also to the disciple who has joined him recently. He should also listen to his admirers and to those who speak against him.

A person who has taken the path of self-realization should not listen to good words spoken to him but he should listen to all those who criticize him. If the criticism is valid he should mend his ways and if the criticism is not valid he should ignore.

 

There is no point in considering oneself great without understanding the things.  Ravana has many things that should make one proud. We are the Ravanas who feel proud without having anything to boast of.

 

When you are pitted against others, control your eyes, ears and mouth.

Listen to the story of Rama and also to the plight of others.

Please don’t stick to your own point, you should learn from others if they have better ways of doing things.

Don’t listen to something devoid of any meaning. Listen to something meaningful.

The truth is one but it manifests itself in different ways.

 

The three brothers Ravana, Kumbhakarna and Vibheeshana did the same penance at the same place and they were blessed by the same Gods.

Ravana has done penance for seeking blessings of God Shiva. God Shiva was pleased and he appeared. God Brahma also appeared. God Brahma is the God that presides over intellect, discretion and thoughts. Ravana asked for the boon of immortality and the only way he could die would be at the hands of human beings, monkeys and bears. Look at the irony, he sought immortality and confirmed the manner of his death. He should not have talked about death while asking for a boon. He should have talked about life rather.

 

However smart we try to be, we can’t evade death. Duryodhan felt ashamed to appear completely naked before his mother. But he had no shame in stripping Draupadi of her robes in the royal court. It is good to remove layers on one’s soul but it is a hideous thing to strip others. Gandhari on the dint of undivided loyalty to her husband, a great virtue indeed, acquired a great power in her eyes. She should not have misused this power. She should not have thought of fortifying wrong deeds of her son on the basis of her power. She did exactly opposite. She tried to impart vajra like strength to Duryodhana. She asked him to come fully naked so that when she opens her eyes she could see all his body and impart infallible strength to it. Duryodhana due to shame  covered his vital organ with a bark of tree. See the very power instead of making Duryodhana immortal confirmed the area which will lead to his death.

 

We should do penance for filling each and every moment with happiness.

Day 9

There are 14 sections of Ramayana. There are seven Kands and in each Kand we have two parts.

Bal Kanda has two parts. The first part deals with introduction of the book, about the heroes and counter heroes. The second part contains the wedding ceremony of Shiva and Parvati. It also contains the wedding ceremony of Rama and Sita. The union of Brahm and Shakti.

There is a possibility of misapplication if power is acquired continuously. Therefore devotion is also necessary and one should not lose sight of devotion.

One should not aim at Kingdom, one should aim at Ram. One should not aim at occupying a chair but one should aim at being at a feet of a competent person and occupy the chair only as a trustee. One should not aim at power but at truthfulness.

The first part of Ayodhya Kand is centred on petty selfishness – Kaikayi, Manthara.

Even great people experience a downfall when they get into a company of bad. Kaikayi was such a great lady that she gave birth to a noble person like Bharata. But see what happened to her due to  being accompanied by Manthara. She yielded to passions and lost her husband for enthroning her son.

The latter part of Ayodhya Kand is focused on broadening one’s consciousness (parmartha). Rama met people living in woods, sages performing penance in woods. He also met Bharata.

Love is the greatest method to broaden one’s consciousness. A person who loves gets love in return. A person who loves doesn’t aim at any other reward. Rama likes love and only love. Ram Hi Keval Prem Piyara.

The first part of Aranya Kand deals with the sports of Rama as a human being. The latter part deals with sweet discussions on the path of devotion.

The first part of Kishkindha Kand deals with the life sketches of Vali and Sugreeva. The second part deals with search of Sita. Sita symbolizes peace, devotion, the deluding potency of God.

The first part which comprises of 75% of Sundar Kand deals with the  life style of Hanuman and the remaining part with the life style of Vibheeshana.

The first part of Lanka Kand deals with construction of a bridge and efforts to arrive at a truce. In the war of Ramayana Rama and Ravana both won. In the war of Mahabharta both the sides lost. Kauravas lost seemingly but Pandavas couldn’t attain the higher levels of existence. In Ramayana Ravana was able to merge his identity with the face of Rama (which is the highest level of existence). So Rama bridged the gap with Ravana and granted him salvation.
The first part of Uttar Kand deals with the kingdom of Rama  and the latter part with the internal kingdom, the kingdom of soul.
The rule, the power and the kingdom these are physical subjects with which the former part deals. The latter part deals with spirituality.

Hari is infinite and so are his stories.

Ved say that your hands are your God. But his twenty hands didn’t do any good to Ravana. Eyes have a lot of significance but eyes did no good to him. Ravana didn’t have any nose as such because a person doing ignoble application of his wealth loses his nose. He didn’t use his tongue to chant Raam Naam he said everything rubbish.

Ravana did good to himself by listening. He listened to 10 persons.

In this world eyes are considered as best source of evidence. In the world of devotion listening is the most significant source. Ravana listened to….
Shurpanakha (sister). One should listen to someone who doesn’t have nose and ears.
Marich (subordinate and relative). One should listen to someone who has experience. Marich was injured by Rama’s arrow.
Janaki. One should listen to one’s mother.
Hanuman. One should listen to one’s preceptor.
Vibheeshana. One should listen to one’s brother.
Mandodari. One should listen to one’s wife.
Malwant. One should listen to one’s minister.
Prahasta. One should listen to one’s son.
Angada. One should listen to a person who comes to convey a message
Kumbhakarna. One should listen to a person who sleeps. He may be telling something that merits.

Reading is a tendency of mind, listening is devotion.
It is a good thing to love reading books.
But is also necessary to listen the song a flowing river sings.
The speaker speaks and takes the responsibility for his words. The listener listens and should take the responsibility for what he has listened.
One who has no time to look at the boundless sky, how he will cause his development.
One should also listen to the vibrations of internal sky.
One who sleeps in open becomes kind.

Ravana got back his head each time it was cut. Infatuation can’t be removed at the tip, it comes back. It has to be removed at source. The infatuation can be cut only at the muladhar.

Buddha says that you should be your own source of light.

 

adapted contents of http://www.iiramii.net/katha693_manas_aushadh.html

राम चरित मानस का सूत्रात्मक सिद्धांत – जिस कार्य के प्रारम्भ  में प्रसन्नता हो वह कार्य परिपूर्ण होता है.

 

परमात्मा जिसे मुहोब्बत करता है ऐसे जागृत महापुरुष की करूणा से निकली हुई बोली से हम प्रसन्न रहते है – ऐसा जहा तक मेरा व्यक्तिगत मानना है.

 

गुरु एक ऐसा तत्त्व है की जिस तत्त्व की छाया में हम सब जीते है. गुरु के लक्षण को सिद्ध कर सके ऐसे जागृत महापुरुष के संग में और उनके मार्ग दर्शन में जीना चाहिए.

 

पांच देवो की पूजा सूत्रों के रूप में हम थोडा हो सके तो आत्मसात करे –

१. उजाले में जीना वो सूर्य पूजा.

२. व्यवहार में विवेक रखना वो गणेश पूजा.

३. ह्रदय की व्यापकता से दुनिया में जीना वो विष्णु पूजा

४. विशेषण मुक्त श्रद्धा, त्रिगुनातित  श्रद्धा वो दुर्गा पूजा

५. दुसरो का शुभ कल्याण हो ऐसे भाव से जीना वो शंकर पूजा.

 

तीन वाणी

१. श्लोक वाणी – यह ज्यादातर भविष्य काल से सम्बंधित है.

२. लोक वाणी – यह वर्तमान काल के साथ निरंतर संबंधित रहती है.

३.शोक वाणी – यह भुत काल के साथ संबंधित है.

 

मानस रूपी औषधि से मैंने मेरी यात्रा में कई लोगो के काम क्रोध और लोभ को क्रमशा कम  होते हुए देखा है.

 

मेरी दृष्टी में राम चरित मानस स्वयं एक औषधि है, जितना हो सके मानसिक रोगों को मिटने आया हु.

 

मानस के सभी कांड  में लागु होने वाले रोग

१. बाल कांड – संशय

मेरी निजी प्रार्थना है की संशय पैदा करे ऐसे लोगो का संग मत करो, अपना भरोसा बढा दे ऐसे लोगो का संग करो.

 

२. अयोध्या कांड – काम

काम रूपी भुजंग जिसको डस जाता है उसको संसार विषय रूपी भोग मीठे लगते है.

 

३. अरण्य कांड – चोरी

किसीका अपहरण करना सिर्फ गुनाह ही नहीं मानसिक रोग भी है.

 

४. किष्किन्धा कांड – अभिमान

 

५. सुन्दर कांड  – कुरूपता, विचारो और सिद्धांतो की

 

६.  लंका कांड – तमस , इसमें तमो गुण का प्राबल्य है.

 

७. उत्तर कांड – इस कांड का रोग क्रोध है.

 

और इन सभी रोगों का औषध मानस है.

 

हरी नाम में प्रीति और प्रतीति दोनों मिल जाये तो हमारा आनंद बढा देती है.

 

हरी नाम को भी औषध माना गया है. ये हमारा रक्षक भी है, इसलिए नाम का आश्रय बहुत करना.

 

काम, क्रोध और लोभ के कारण  आती मूर्छा और उसका इलाज.

१. आर्थिक मूर्छा यह लोभ है. जिसे लोभ हो उसे आर्थिक विवेक रहता ही नहीं. उसका निवारण समर्पण याने दान करने से होगा.

२. मानसिक मूर्छा माने काम. उसका इलाज है हरिनाम का ज्यादा स्मरण.

३. बौद्धिक मूर्छा याने क्रोध. बुद्धि के सहारे जीने वाला क्रोधित हो जाता है. इसका निवारण है किसी बोधमयी महापुरुष के साथ जीना.

 

प्रसन्नता व्यक्ति को तीन वस्तु से भर देती है…

१. असंगता – आदमी जितना असंग रहेगा उतना प्रसन्ना रहेगा. संग आदमी को बीमार बना देता है. कमल के तरह जल में रहकर असंगता से जीना. एक निश्चित डिस्टन्स बनाये रखना, कोमलता से कठोरता से नहीं.

२. मन की तेजस्विता – प्रसन्नता आदमी को कभी मलान नहीं होने देती. वह मन से तेजस्वी बनता है.

३. करुणता – आदमी अन्दर से बरसता हो बादल की तरह करुणा से.

 

मेरी एक प्रार्थना है एक बार करके देखो. तुम्हारा सब कुछ पद प्रतिष्ठा को एक बार छोड़कर भाव से हरी नाम लो. प्रसन्नता तुम्हारे पैर चूमेगी.

कथा में मूल तो वही रहेगा पर फूल समयानुकूल नया खिलेगा. इसलिए लोग कथा में प्रसन्न रहते है.

 

युवा भाई बहनों से मेरा कर बद्ध निवेदन है की कुछ भी हो आप प्रसन्न रहने का संकल्प करना.

 

अध्यात्मिक जगत में मानसिक रोग से हम निवृत्त हो गए है उसका प्रमाण यह है की हम प्रसन्न रहने लगेंगे. रोग निकल जाते है तो प्रसन्नता आती है,  प्रसन्नता रहे तो रोग आये ही नहीं. रोगी का एक लक्षण है अप्रसन्नता.

 

किसीके मानसिक रोग के निवारण के लिए..

१. पुरुषार्थ होना चाहिए

२. प्रारब्ध होना चाहिए

३. किसीकी करुणा भी होनी चाहिए.

हमारे शारीर में वात पित्त कफ इन तीनो की सम्यक मात्रा होनी चाहिए. उसका अतिरेक नहीं होना चाहिए. उसकी विषमता व्यक्ति को रोगी बना देती है.

हमारे मन में जो वात है वो काम है.  जो पित्त है वो क्रोध है और जो कफ है वो लोभ है. इन सबकी सम्यकता होनी चाहिए, इनकी विषमता रोग पैदा करती है.

मेरा सब कुछ राम चरित मानस है, उसी के बल पर प्रसन्नता  से चलता हु.

आदमी जगत में कितना भी जागृत क्यों न हो लेकिन, काम क्रोध और लोभ उसको मूर्छित कर सकते है. इस सत्य को अनदेखा न किया जाये. जीवन में कभी भी मुश्किलें आ सकती है लेकिन हरी नाम का बल हमारा पतन नहीं होने देता. आखिरी समय में वो हमें मदद करता है.

बाप रुद्राष्टक जैसी कोई औषधि नहीं है रोज सुबह और शाम उसी को पियो. उसे जीवन का एक अंग बनाओ.

हर रोज भोजन हमारा स्वभाव है वैसे ही भजन भी हमारा स्वभाव बनाना चाहिए. हरी नाम की आवृत्ति नितांत आवश्यक है.
राम कथा को फूल से भी कोमल और वज्र से भी कठोर की उपमा दी गयी है. रामकथा हमें चन्द्र किरण समान शीतलता प्रदान करती है और वज्र समान हमारे महा मोह को समाप्त करती है.

काम, क्रोध और लोभ ये तीनो जीवन में सम्यक मात्रा में जरुरी है. लेकिन उसका अतिरेक न हो समत्व पैदा हो तो निरोगिता है.

शिष्य कहते है उसे जो गुरु कहे की पहाड़ के शिखर से गिर जाओ तो गिर जाये. लेकिन मेरी समझ में गुरु वह है जो अधिकारी शिष्य के कहने पर शिखर से गिर जाये.

ज्ञानी याने जिनका देहाभिमान  छुट गया है उनके लक्षण.
१. उनका जीवन निरंतर प्रकाशमान रहता है.
२. आनंद – वो आठो पहर आनंद में रहते है.
३. उनके जीवन में हरदम उत्साह बना रहता है.
४. उनमे चैतन्य होता है, जड़ता और मूढ़ता नहीं होती.

दोष इतने ख़राब नहीं होते है जितना हरी का विस्मरण होता है.

युवा लोगो ने गीता के उपदेश के अनुसार ये काम करने चाहिए
१. कोई भी काम करे तो विधि पुर्वक करे.
२. अन्न दान करे.
३. दक्षिणा दे.
४. जो भी कार्य करे श्रद्धा से करे देखा देखी न करे.

मानस में मूर्छा का उल्लेख.
१. लक्ष्मण की मूर्छा संजीवनी से गयी.
२. हनुमान की मूर्छा साधू प्रभाव और हरी नाम से गयी.
३. दशरथ की मूर्छा सुमंत्र के आने से गयी, जब सुमति आई, सत्य मालूम हुआ.

राम चरित मानस – राम की लीला का अवतार.
अयोध्या – राम के धाम का अवतार.
करुणा मूर्ति भरत – रूप का अवतार
हनुमान – नाम का अवतार.

तुम्हारी आत्मा ही परमात्मा है, वह तुम्हे आशीर्वाद दे ऐसा कुछ करो.
प्रेम, भक्ति में साधक के पास दो वस्तु होती है – प्रभु का आश्रय और हरी नाम के अश्रु.

मानस में दी गयी बीमारिया..
१. शोक – जो घटनाये घट चुकी है उसे लेकर दुखी होना.
२. हर्ष – हर्ष के साथ शोक सापेक्ष है. छोटी जीत को लेकर जो हर्षित हो जायेगा वह छोटी हार से दुखी हो जायेगा.
३. भय – किसी भी परिस्थिति में भयभीत रहना, रोग नहीं तो क्या है.
४. प्रीति यानि प्रेम को भी रोग माना गया है.
५. वियोग को भी रोग कहा गया है.

मै कथा का दान सुपात्र के पात्र में ही डालता हु. हम सबकी जो मानसिक बीमारी है उसका इलाज केवल राम चरित मानस है.

दूसरों की तरक्की देखकर जो हमारे दिल में जलन पैदा होती है वो असाध्य है. और सत्संग कथा के माध्यम से दूसरों की तरक्की देखकर हमारी जलन कम होती दिखाई दे तो समझना की वह रोग साध्य होने जा रहा है.

प्रेम रूपी कुरोग का कोई औषध नहीं है. मानस में यह कुरोग भरत को हुआ है. स्वयं भरत को भी लगता था की मेरे इस कुरोग का कोई इलाज नहीं है. शायद उसका इलाज हो राम दर्शन. इस रोग का इलाज पद नहीं किसीकी पादुका है. पद और प्रतिष्ठा कभीभी मानसिक रोग का इलाज नहीं बन सकती.
ये सब औषधि तो है लेकिन कायम इलाज नहीं है. ये केवल हमें थोड़ी मदद करते है. परमात्मा का नाम वो भी अनुपान रूपी श्रद्धा के साथ वही आखरी इलाज बन सकता है.
१. नियम के साथ जीवन जीना एक औषधि है.
२. धर्म की स्मृति से आप अधर्म को भूल जाते है. यह एक औषधि है.
३. आचार अच्छी बात है लेकिन उसका अहंकार नहीं होना चाहिए और अतिरेक भी नहीं होना चाहिए.
४. तपस्या भी एक औषधि है, उसका भी अतिरेक नहीं होना चाहिए.
५. ज्ञान में मान आने की सम्भावना है, इससे घमंड पैदा हो सकता है.
६. यज्ञ
७. जप – कोई मंत्र या नाम का जप एक औषधि बन सकता है.
८. दान भी एक औषधि है लेकिन इसका अहंकार नहीं होना चाहिए.

विशुद्ध श्रद्धा की भी अपनी एक घटना होती है, लेकिन  उसको  प्रयोगशाला   में   कस्नली   में लेकर  सिद्ध  नहीं  किया  जा  सकता . जिसको  पुरे  भरोसे  के  साथ  श्रद्धा हो वही  समझ  सकता है. श्रद्धा जगत  की भी एक रहस्यमयी  दुनिया  है.

 

कोई  अछूता  न  रह  सकता महादेव  के बिना. महादेव महादेव हैं. यदि विश्राम पाना हो तो शंकर को भजो. किसी न किसी रूप में आपकी भीतरी  धारा शंकर को भजेगी ही भजेगी.

 

जिस पर तुम्हारी पूरी निष्ठा  हो और उसका पावर हो तो उसका एक बोल तुम्हारी बीमारी निकाल देता है.

 

द्वेष से बिलग होना इससे अच्छा है जब प्रेम है तब बिलग हो जाना.

दुनिया में जो भी चीज सरलता से मिलती है उसके समान मूल्यवान कुछ भी नहीं है.

अपना मन जितना राग द्वेष मुक्त होगा उतना हम निरोगी होंगे. राग द्वेष मन की सुमनता को नष्ट कर देते है.
कथा कहते कहते और सुनते सुनते जितना हम राग द्वेष से मुक्त होते जायेंगे तो मन के रोग मिट जायेंगे. हम क्यों उसके पीछे अपने चैतसिक प्रदेश को रोगी करते है.

 

बीमारी की कुरूपता ही निरोगिता का श्री गणेश है. दुर्गुणों का स्वीकार सद्गुणों की शुभ शुरुवात है. जो स्वीकार करता है वो आगे बढ़ता है.

 

बापू की समझ में …

साधना माने कर्म योग जिसमे साधक कुछ करने से पाता है.

उपासना माने ज्ञान योग जिसमे साधक भीतर से किसी पहुचे हुए सदगुरु के पास बैठ जाता है.

आराधना माने भक्ति योग.

 

दुसरो को देखने के लिए दृष्टि चाहिए, खुद को देखने के लिए दर्पण चाहिए लेकिन परमात्मा को देखने के लिए दिव्यता चाहिए.
तुलसी कहते है की वे राम कथा कह रहे है..
१. खुद के सुख के लिए

२. वाणी की पवित्रता के लिए

३. मेरे मन को बोध हो और मेरी निजता में स्थिर रहु  इस लिए.

 

अध्यात्म जगत के बैद का नाम है सदगुरु.

 

पांच चीज जिसका संयोग हो जाये तो मंगल और कुयोग हो जाये तो अमंगल होता है.

१. गृह – जो अच्छे स्थान में आये तो शुभ फल देता है और अच्छे स्थान में न हो तो अशुभ फल देता है.

२. जल – जो मिटटी के साथ मिल जाये तो कीचड़ बनता है और उसी जल को पूजा के पात्र में रखे तो भगवन के अभिषेक के कम आता है.

३. वायु पवन – जो एक बाग़ पे से गुजरेगा तो अगल बगल में खुशबु फैलाएगा और गन्दगी से गुजरेगा तो बदबू फैलाएगा.

४. वस्त्र – जो एक शव पर गया तो कफ़न बनता है और दुल्हे पर गया तो उसका वेश बनता है.
५. औषधि – जो पहुचे हुए बैद के हाथ में जाये तो करिश्मा करती है और गलत बैद के हाथ में जाये तो बुरा परिणाम ला सकती है.

कोई ऐसे सदगुरु का आश्रय करना जो निरंतर हमारा ध्यान रखे. आदमी में गुरुकृपा से एक ऐसी स्विच आ जाती है जो अपनी कामना को किस स्थिति में किस नंबर पर रखना सिखाती है.
प्रेम रूपी औषध का लक्षण..
१. बलिदान दे लेकिन कभी बदला न ले.
२. प्रेम जो प्रदर्शन नहीं करेगा वो दर्शन करेगा.

पवित्रता + प्रसन्नता = परमात्मा
जब ह्रदय में पवित्रता है और मन में प्रसन्नता है बस उस समय परमात्मा है.

जहा ये छे वस्तु होती है वह देवताओ की सहाय उतरती है.
१. उद्दयम  – जरूरी है जिससे हम कुछ पा सके.
२. साहस – भक्ति मार्ग में साहस नितांत आवश्यक है और उसके साथ में सहनशीलता भी.
३. धैर्य – धीरज भी होना चाहिए.
४. बुद्धि – परमात्मा के नाम से बार बार बुद्धि को पवित्र रखना. यज्ञ दान और ताप भी बुद्धि को पवित्र करते है.
५. शक्ति
६. पराक्रम

कलियुग का सबसे बड़ा औषध है हरिनाम हरिनाम हरिनाम.
इति त्रिसत्य.

निरोगी हो गए उसका प्रमाण –
जब भूख लगने लगे सदबुद्धि की.
जब विषय की आशा रूपी दुर्बलता चली गयी.
निर्मल विवेक जल से स्नान करने लगा.

हमारे सदगुरु बैद है. यदि वो कोई बात कहते है तो निरोगी होने के लिए उनपर विश्वास रखना.

भागवत में कहे गए चार सूत्र.
१. इश्वर से प्रेम करो.
२. वैष्णव जन, सात्त्विक जन से मैत्री को.
३. जो बालिश है उनपर करुणा करो.
४. द्वेषी, पाप ग्रस्त उनकी उपेक्षा करो.

औषध है ये बाते दोहावली अनुसार
१. सैयम
२. जप – माला पर जप करना अपने आपको शांत रखना.
३. तप – मुस्कराहट के साथ सहन कर लेना, आप प्रमाणिक और निर्दोष हो तो भी.
४. नेम
५. धर्म
६. व्रत

हमेशा प्रसन्नता बनाये रखने के लिए पतंजलि के चार सूत्र
१. शौच – हम अपने आप को पवित्र करे. यदि रोगी न होना हो तो गन्दगी ही न करे.

२. तप – जो आदमी थोडा तपेगा तो निरोगी बनेगा.

३. तितिक्षा – किसी ने गाली दी तो दी हम क्यों उसपर तर्क वितर्क करे.
४. मौन – चित्त को प्रसन्ना रखना है तो थोडा मौन रहो, कम बोलो.
५. स्वाध्याय – निरंतर पाठ करो. जो सुना है उसका चिंतन मनन करो.
६. आर्जवं – सरलता रोग नहीं होने देगी. स्वभाव सरल होना चाहिए इससे मन की कुटिलता का रोग नहीं आएगा.
७. ब्रह्मचर्य ब्रह्म का स्मरण, चिंतन और मनन.

८. अहिंसा – आदमी का मन भीतर से अहिंसक होगा. भीतर से संकल्प करो की मै किसी को न छलू, किसीकी पीड़ा हरु, किसीका भी दिल न दुखाऊ.
९. समत्व – जीवन में जितना जितना द्वंद्व आये उसमे सम रहना.

गुरुकृपा से यदि हम एक फार्मूला को स्वीकारे तो मानसिक रोगों के आने का द्वार ही न होगा.

ज्ञान जब आसू में परिवर्तित हो जाये. जीवन का सर्वांग ज्ञानमय हो. ज्ञान रूपी गंगा में नख शिख नहाना. इस तरह जब आदमी का ज्ञान पिघले तब समझना भक्ति उर में छा गयी. ये सब निरोगिता के प्रतीक है.

जिन जिन लोगो ने भक्ति मार्ग को पकड़ लिया, उनकी प्रतिष्ठा को तोड़ने का समाज बहुत प्रयत्न करता है. लेकिन भक्त की प्रतिष्ठा नहीं जलती, जगत की ये लंका जल जाती है.

भक्ति कभी भी प्रलोभन से नहीं मिलती.

जहा प्रेम होता है वह त्याग होता है और जहा त्याग होता है वह भीतरी वैराग्य बल बढ़ता है बढ़ता है.

चित्रकूट स्वयं एक औषधि है. यहाँ चित्त को ही चित्रकूट कहा गया है. चित्त वृत्ति का निरोध चैतसिक सय्यम एक औषधि ही तो है.

 

प्रिय मित्रो,

बापू से आस्था के माध्यम से सुनी है ये सब बाते, सो यहाँ लिख रहा हु. यदि आपको लगता है की कही समझने में गलती हुई है तो ठीक कर देना जी.

 

महर्षि पतंजलि के नियम –

१. पवित्रता

२. संतोष

३. तप

४. स्वाध्याय

५. शौच

६. इश्वर प्रणिधान

योग मार्ग में संतोष नियम है तो भक्ति मार्ग में संतोष आठवी भक्ती है.

जो संतोष नहीं रखते उनके प्रति भी संतोष रखना चाहिए.

 

प्रवृत्ति भी ठीक है, निवृत्ति भी ठीक है, पर इन दोनों में सद्वृत्ति रहनी चाहिए.

यदि हम किसी महापुरुष की नक़ल कोई लाभ उठाने के लिए कर रहे है, तो यह गलत बात है.

यदि हमें कोई लाभ की चाह नहीं है तो नक़ल भी ठीक ही है.

 

इन चीजो को फेरते रहना अच्छा होता है…

घोडा

रोटी

पान

माला

 

गुरु चरणों के कणों को मानस में निम्नलिखित उपमाए दी गयी है..

१. पराग – यहाँ तात्पर्य फूल के सामान खिलने से है

२. धुल – यहाँ तात्पर्य धरती के सामान क्षमाशील और उपकारी बनने से है.

३. रज – यहाँ गुरु पद की सूक्ष्मता समझनी चाहिए.

४. रेणु – यहाँ अर्थ है की गुरु के बताये हुए रस्ते पर पड़े रहो.

 

दीक्षा का अर्थ है परम स्वातंत्र्य.

 

मूल में रहो फूल शाखाओ में नहीं, वह व्यवस्था का भाग है.

 

शास्त्र और राजा किसीके वश नहीं होते.

 

राज रोग का शमन सुवर्ण भस्म है.

 

दुःख के कारण –

१. आभाव

२. अन्याय

३. अज्ञान

 

आदिवासियों की कसरते ध्यान के बिना संभव नहीं.

 

अभिमत – अपने मत को पूरा करने वाला.

 

विनोबा भावे कहते है की नारियल फोड़ने के लिए जो घाव पहले किये जाते है वो व्यर्थ है और जो आखरी घाव है वो हे कारगर है ऐसा नहीं है. पहले के घावो ने भी नारीयल की मजबुती तोड़ी है.

 

कोई भी काम सफल होने के लिए तीन बाते जरूरी है..

१. व्यवस्था – इसका सम्बन्ध कर्म से है.

२. अवस्था – इसका सम्बन्ध मन से है.

३. आस्था – इसका सम्बन्ध अध्यात्म से है.

 

इश्वर है की नहीं चिंता नहीं, श्रद्धा तो है.

 

बुद्धि यह बहिर्मुख चेतना है.

 

श्रद्धा यह अंतर्मुख चेतना है.

 

पाप के मूल …

१. मूढ़ता

२. कुटिलता

३. हिंसा

४. कुचाली जैसे शकुनी और मंथरा

५. दुर्बुद्धि

 

नौ प्रकार की भक्ति

१. श्रवण २ कीर्तन ३. स्मरण ४. पाद सेवन ५. अर्चन ६. वंदन ७. दास्य ८. सख्य ९. आत्म निवेदन

 

दर्शन यह भक्ति का सार है.

 

सुबह उठकर कर दर्शन करना चाहिए, हमारे कर कोई गलत कम नहीं करेंगे ऐसा प्रण करना चाहिए.

 

महर्षि विश्वामित्र को जब महाराज दशरथ कहते है की मै सेवक, पुत्र और नारी सहित आपका हूँ, तो उनका तात्पर्य कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग से है.

 

राम को वनवास क्यों हुआ ऐसा प्रश्न जब निषाद ने लक्ष्मण से किया तो जवाब मिला की क्या सूर्य वंश में उत्पन्न होने वाले वातानुकूलित जगहों में रहेंगे. वो तो तपेंगे और दूसरो को सुख देंगे.

 

जब जोई गृहिणी खाना बनती है तो तीनो योग जरुरी है..
१. ज्ञान योग. – उसे खाना बनाने की विधि का ज्ञान होना चाहिए.
२. कर्म योग – उसने खाना बनाने के लिए आवश्यक कर्म करने चाहिए.
३. भक्ति योग – उसके मन में यह भाव होना चाहिए की भोजन खाने वाला तृप्त हो जाये.

अपनी जितनी औकात है उतना कर्म करना वो कर्म योग.

नागरिको में निम्न लिखित गुण होने चाहिए
१. सहनशील
२. संवेदनशील
३. स्वप्नशील
४. सर्जनशील
५. सत्यशील

हमारी लार टपकनी नहीं चाहिए याने किसीसे कोई अपेक्षा नहीं होनी चाहिए.
हमने लार किसी पर थूकनी भी नहीं चाहिए याने किसीकी उपेक्षा भी नहीं करनी चाहिए.

दक्ष की कन्या बुद्धि, हिमालय की कन्या श्रद्धा

हनुमान का राजधर्म है की राम के पास ले जाते है.
सुग्रीव को भी ले गए.
पहले राम (सत्य, प्रेम, करुणा) फिर राज
सोये हुए को जागृत जगाता है, जैसे सुग्रीव को लक्ष्मण ने जगाया
जब जागृत सो जाता है, हनुमान जगाते है. जैसे लक्ष्मण को हनुमान ने जगाया.

हमने यहाँ देखी है किस्म किस्म की नजरे
चकोर चाँद जैसी कोई डगर ढूंढते है

हनुमान ने रावन को समझाया, अपहरण से कल्याण नहीं हो सकता समर्पण से होता है.

गांधीजी ने अपने आचरण से यह बताया की पुरुषार्थ के साथ प्रार्थना होनी चाहिए.

आनंद महलों में नहीं होता मन में होता है.

हम किस स्थान में है इससे कुछ फरक नहीं पड़ता, हा इससे फरक पड़ता है की हमारी दृष्टि कैसी है.

यदि दृष्टि कैकयी की  है तो अयोध्या में भी मंथरा के दर्शन हो जाते है और यदि दृष्टी हनुमान की है तो लंका में भी विभीषण जैसे संत से मुलाक़ात हो जाती है.

 

जब हम किसी संकट में होते है तो धरती से जुडी हुई बाते ही हमें उभारती है, हवा की बाते नहीं.

सीताजी लंका में थी. रावण जैसा राक्षस उसे डरा धमका रहा था. सीताजी ने रावण को तृण की पात दिखाई. यहाँ संकेत धरातल से जुड़ने का हैं. जब हम धरातल से जुड़ते है तो हनुमान जैसी दैवी शक्ति हमारी रक्षा के लिए हमारे पीछे प्रकट हो जाती है.

 

भगवान से मुलाक़ात का फल अच्छा ही निकले यह जरूरी नहीं हैं.

सती ने भगवान राम की परीक्षा करने के लिए मुलाक़ात की. इसका अंजाम यहाँ हुआ की भगवान शंकर ने उन्हें त्याग दिया.

शुर्पनखा ने प्रभु से मुलाक़ात की तो उसके नाक कान कट गए.

इसीलिए गांधीजी ने साधन शुचिता की बात की है.

 

दक्ष को भगवान शंकर पर क्रोध था. एक बार देवो की सभा में जब दक्ष ने प्रवेश किया तो सभी उठकर खड़े हुए. भगवान शंकर ध्यान में थे इसलिए खड़े नहीं हुए. दक्ष का अपमान हो गया. अहंकारी व्यक्ति का सम्मान सौ लोगो के खड़े होने से नहीं होता है लेकिन एक के खड़े न होने से उसका अपमान हो जाता है.

दक्ष ने यज्ञ का आयोजन भगवान शंकर को अपमानित करने के लिए किया. अंततः यज्ञ का विध्वंस हो गया.

यदि उद्देश्य ठीक नहीं है तो अच्छे कार्यो का भी विध्वंस हो जाता है.

 

शुर्पनखा जब भगवान से मिलने गयी तो उसके नाक कान कट गए. इसका संकेत इस ओर है की हम जब आतंरिक रूप से शुद्ध नहीं होते है और भगवान के सामने पवित्र रूप में प्रकट होते है तो कालांतर में हम विद्रूप हो जाते है.

 

हनुमानजी ने सीताजी को जो मुद्रिका दी थी वह भगवान के पास गंगाजी को पार करते समय आयी थी. केवट ने प्रभु को सीता, लक्ष्मण समेत गंगा पार कराया. प्रभु वनवासी थे सो देने के लिए उनके पास कुछ न था. उन्होंने सीताजी से मुद्रिका मांगी और केवट को देना चाही. केवट ने लेने से इंकार कर दिया. वही मुद्रिका प्रभु ने हनुमान को सीताजी को देने के लिए दी. इस प्रकार वह मुद्रिका सीताजी के पास वापस आई. यहाँ केवट और हनुमान की भक्ति के सुक्ष्म भावो को समझे और भक्ति रूपी मुद्रिका को पाने के लिए अधिकार को जाने.

 

जब हमारा कोई सम्मान करता है तो इसे हम हमारा बड़प्पन न समझ बैठे. यह तो सम्मान देने वाले का बड़प्पन है कि वह विनयशील है.

 

सीता ने पार्वती की पूजा की, तो ऐसा लिखा है की सीता की भक्ति देखकर मुर्ती मुस्कुरायी. विद्वानों को इस पर आक्षेप है कि मुर्ती मुस्कुरा कैसे सकती है. हा उन लोगो को कैसे पता चले कि मुर्ती मुस्कुराती है जिन्हें देखकर बाहरवाले तो क्या उनके घरवाले भी नहीं मुस्कुराते, अजी मुस्कुराना तो छोडिये उनसे बात भी नहीं करते.

 

जब हनुमान लंका की ओर उड़ान भर के जा रहे थे तो उनकी भेट एक राक्षसी से हुई. यह राक्षसी समुद्र के ऊपर से उड़ने वाले पक्षियों को मारकर खाती थी. वह उडते पक्षी की परछाई को पकड़ लेती और फिर उसे निचे गिराकर मार डालती. यह राक्षसी कोई और नहीं बल्कि हमारे भीतर रहने वाली इर्ष्या है. राक्षसी समुद्र के प्राणियों को नहीं मारती है. वह जो जीव ऊंचाई पर है उन्हें मारती है. हम हमारी बराबरी के लोगो से इर्ष्या नहीं करते है. उनसे इर्ष्या करते है जो ऊपर उठे हुए है. हम उनकी हर परछाई पर नजर रखते है और उन्हें निचे गिराने की कोई कसर नहीं छोड़ते. हनुमानजी ने इस राक्षसी का अंत कर दिया. हनुमानजी के दर्शन होने से ही हमारी इर्ष्या का अंत हो सकता है.

 

इन्द्र का लड़का जयंत प्रभु का दर्शन करने के लिए चित्रकूट गया. वह कौवे का रूप धारण कर के गया. प्रभु एकांत में सीता के साथ बैठे थे. जयंत में उनको देखकर गलत भाव जागे और उसने सीता के पैर की ऊँगली में चोच मारी. हम जब भी किसीके यहाँ निमंत्रण पर जाते है तो हम भी दर्शन करने की जगह इधर उधर चोच मारने में ही रूचि दिखाते है.

प्रभु ने जब यह देखा तो जयंत की ओर उन्होंने एक घास का बाण छोड़ दिया. जयंत अपनी जान बचाने के लिए भागा. वह ब्रह्माजी के पास गया, शिवजी के पास गया लेकिन उसे कोई सुरक्षा नहीं मिली. तब वह अपने पिता इन्द्र के पास गया. इन्द्र ने उससे कहा की तुने अपराध प्रभु का किया है तो इधर उधर क्यों भाग रहा है, जाके प्रभु से क्षमा मांग. हमने इससे यह बोध लेना चाहिए कि हमने यदि किसीका अपराध किया है तो जाके उससे क्षमा मंगनी चाहिए ना की इधर उधर दौड़ना चाहिए.

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A Collection of Quotes

Those who hate you don’t win unless you hate them, and then you destroy yourself. – Richard Nixon #quotes #quote

Worry is the payment on a debt not due. – Unknown #quotes #quote

You can’t build a reputation on what you are going to do. – Henry Ford #quotes #quote

True knowledge exists in knowing that you know nothing. -Socrates

The person who insists upon seeing with perfect clearness before making a decision, never makes a decision. – Joe Moore #quotes #quote

Be who you are and say what you feel, because those who mind don’t matter and those who matter don’t mind. – Dr. Seuss #quotes #quote

Failures are divided into people who thought and never did, and people who did and never thought. – Joe Moore #quotes #humor #quote

Always be a first-rate version of yourself, instead of a second-rate version of someone else. – Judy Garland #quotes #quote

‘If you want to live a happy life, tie it to a goal, not to people or things.’ #Slytherin

‘If there’s one thing we do, it is to believe, against all odds, in the best of each other.’ #Hufflepuff

A politician is a person who is elected to avert situations that would never occur if there were no politicians. – Joe Moore #humor #quotes

Education’s purpose is to replace an empty mind with an open one. – Malcolm Forbes #quotes #quote

Middle age is when your broad mind and narrow waist change places. – Joe Moore #quotes #humor #quote

To succeed, don’t learn the tricks of the trade; learn the trade. – Joe Moore #quotes #quote

“Become a watcher so that you cannot become identified with any dream” by @OSHO #Reading http://oshotimes.blog.osho.com/2011/09/honesty-cannot-be-a-policy-an-osho-quote/

“Logic ridicules love, and love smiles knowingly at the whole foolishness of logic.” Osho

‘Pain is temporary. Quitting lasts forever.’ #Gryffindor

‘You must be soft enough to love the world, but strong enough to sit down at the same table with its worst horrors.’ #Hufflepuff

When a thing is funny, search it carefully for a hidden truth. – George Bernard Shaw #quotes #quote

Success consists of going from failure to failure without loss of enthusiasm. – Winston Churchill #quotes #quote

Without education, we are in a horrible and deadly danger of taking educated people seriously. G.K. Chesterton #quotes #quote

‘We have loved the stars too fondly to be fearful of the night.’ #Ravenclaw

Prayer is the key of the morning and the bolt of the evening. – Mohandas K. Gandhi #quotes #quote

Determine that the thing can and shall be done. And then we shall find the way. – Abraham Lincoln #quotes #quote

It is not the going out of port, but the coming in, that determines the success of the voyage. – #quotes Henry Beecher #quote

A man is not old until regrets take the place of dreams. – John Barrymore #quotes #quote

A man who fears suffering is already suffering from what he fears. – Montaigne #quotes #quote

Money can’t buy love…but it certainly doesn’t hurt your bargaining power. – Joe Moore #quotes #humor

Bring ideas in and entertain them royally, for one of them may be the king. – Mark Van Doren #quotes #quote

It is not the employer who pays—he only handles the money. It is the product that pays wages. – Henry Ford #quotes #quote

Growth for the sake of growth is the ideology of a cancer cell. – Edward Abbey #quotes #quote

Everything that irritates us about others can lead us to an understanding of ourselves. – Carl G. Jung #quotes #quote

Nothing makes it easier to resist tempation than a proper upbringing, a sound set of values…..and witnesses. – Franklin P. Jones #quotes

Pets are such agreeable friends…they don’t talk back, borrow money, ask questions, or criticize. – Joe Moore #quotes #humor

If you can separate good advice from bad advice, you really don’t need any advice. – Joe Moore #quotes #quote

You’ve achieved success in your field when you don’t know whether what you’re doing is work or play. – Warren Beatty #quotes #quote

The difference between a wise man and a fool is that a fool’s mistakes don’t teach him anything. – Joe Moore #quotes #humor

What we learn with pleasure we never forget. – Alfred Mercier #quotes #quote

Rose-colored glasses are never made in bifocals. Nobody wants to read the small print in dreams. – Ann Landers #quotes #quote

Either write something worth reading or do something worth writing. – Benjamin Franklin #quotes #quote

About the only thing that comes to us without effort is old age. – Gloria Pitzer #quotes #quote

Failing to plan is like planning to fail. – Joe Moore #quotes

If you find a path with no obstacles, it probably doesn’t lead anywhere. – Frank A. Clark #quotes #quote

You cannot do a kindness too soon, for you never know how soon it will be too late. – Ralph Waldo Emerson #quotes #quote

Sometimes you have to get to church early to get a good back row seat. – Joe Moore #quotes #humor #quote

Never give in… in nothing, great or small, large or petty…except to convictions of honor and good sense. – Winston Churchill #quotes #quote

Be curious always! For knowledge will not acquire you; you must acquire it. – Sudie Back #quotes #quote

One of the virtues of being very young is that you don’t let the facts get in the way of your imagination. – Sam Levenson #quotes #quote

Some New Year’s hangovers last longer than some New Year’s resolutions. – Joe Moore #quotes #humor #quote

Common sense could prevent most divorces; also a lot of marriages. – Joe Moore #humor #quote

Even if you’re on the right road,you’ll get run over if you just sit there. – Will Rogers #quotes #quote

Problems are only opportunities with thorns on them. – Hugh Miller #quotes #quote

Some people use religion like a bus. They ride on it only while it is going their way. – Joe Moore #quotes #humor #quote

Reputation is what men and women think about us; character is what God and the angels know of us. – Thomas Paine #quotes #quote

Dreams and dedication are a powerful combination. – William Longgood #quotes #quote

Most people are willing to change, not because they see the light, but because they feel the heat. – Joe Moore #quotes #quote

If life were just, we would be born old and achieve youth about the time we’d saved enough to enjoy it. – Jim Fiebig #quotes #quote

A bank is a place that will lend you money if you can prove that you don’t need it. – Bob Hope #quotes #quote

Most of us know how to say nothing, but few of us know when. – Joe Moore #quotes #humor

Talent does what it can; genius does what it must. – Edward Bulwer-Lytton #quotes #quote

Great ideas need landing gear as well as wings. – C.D. Jackson #quotes #quote

Be yourself; everyone else is already taken. – Oscar Wilde #quotes #quote

O Youth: Do you know that yours is not the first generation to yearn for a life full of beauty and freedom? – Albert Einstein #quotes #quote

Beware the flatterer: he feeds you with an empty spoon. – Cosino DeGregrio #quotes #quote

There are two kinds of politicians…those who are interested in the fleece, and those who are interested in the flock. – Joe Moore #quotes

Snowflakes are one of nature’s most fragile things, but just look at what they can do when they stick together. – Vesta M Kelly #quotes

Be kind to unkind people – they need it the most. – Unknown Author #quotes #quote

Often we change jobs, friends and spouses instead of ourselves. – Akbarali H. Jetha #quotes #quote

Ignorance is never out of style. It was in fashion yesterday, it is the rage today, and it will set the pace tomorrow. – Frank Dane #quotes

Timid men prefer the calm of despotism to the tempestuous sea of liberty. – Thomas Jefferson #quotes #quote

Procastination is not about not doing is about not doing and feeling crappy. – David Allen #quotes #quote

Everyone is a damn fool for at least five minutes every day. Wisdom consists in not exceeding the limit. – Elbert Hubbard #quotes #quote

When a product is advertised as “new and improved” it means the price went up. – Joe Moore #humor

You can’t win today’s game with the points you scored yesterday. – Joe Moore #quote #quote

It’s silly to worry. Half the things we worry about never happen, and the other half will happen anyway. – Joe Moore #quotes #quote

The easiest thing to get, but the most difficult thing to get rid of , is a bad reputation. – Joe Moore #quotes

Just as iron rusts from disuse, even so does inaction spoil the intellect. – Leonardo Da Vinci #quotes #quote

I have been through some terrible things in my life, some of which actually happened. – Mark Twain #quotes #quote

Some people have such good memories they can even remember things that never happened. – Joe Moore #quotes #humor

It’s no wonder that truth is stranger than fiction. Fiction has to make sense. – Mark Twain #quotes #quote

Regardlessof how much patience we have, we would prefer never to use any of it. – James T. O’Brien #quotes #quote

Morality is its own advocate; it is never necessary to apologize for it. – Edith L. Harrell #quotes #quote

When a child does well in school, the parent takes the credit. When a child does poorly, it’s the teacher fault. – Joe Moore

The only thing in life accomplished without effort is failure. – Joe Moore #quotes #quote

There has never been an age that did not applaud the past and lament the present. – Lillian Eichler Watson #quotes #quote

Jumping at several small opportunities may get us there more quickly than waiting for one big one to come along. – Hugh Allen #quotes #quote

Success is a journey, not a destination. – Ben Sweetland #quotes #quote

The optimist is the kind of person who believes a housefly is looking for a way out. – George Jean Nathan #quotes #quote

Knowing what’s none of your business is just as important as knowing what is. – Joe Moore #quotes #quote

The more things a man is ashamed of, the more respectable he is. – George Bernard Shaw #quotes #quote

It is the supreme art of the teacher to awaken joy in creative expression and knowledge. – Albert Einstein #quotes #quote

A fanatic is one who can’t change his mind, and won’t change the subject. – Sir Winston Churchill #quotes #quote

The truth about a man is, first of all, what it is that he keeps hidden. – Andre Malraux#quotes #quote

Soldiers win battles and generals get the medals. – Napoleon #quotes #quote

Originality is the fine art of remembering what you hear but forgetting where you heard it. – Laurence J. Peter #quotes #quote

If you want truly to understand something, try to change it. – Kurt Lewin #quotes #quote

Look out how you use proud words. When you let proud words go, it is not easy to call them back. – Carl Sandburg #quotes #quote

Feelings are everywhere?.be gentle. – J. Masai #quotes #quote

Whether you think you can or think you can’t — you are right. – Henry Ford #quotes #quote

Ablility is what you’re capable of doing. Motivation determines what you do. Attitude determines how well you do it. – Lou Holtz #quotes

He that would be a leader must be a bridge. – Welsh proverb #quotes #quote

Charity often consists of a generous impulse to give away something we no longer want. – Joe Moore #quotes #quote

It is bad luck to be superstitious. – Andrew W. Mathis #quotes #quote

The government is concerned about the population explosion, and the population is concerned about the government explosion. – Joe Moore

Tact is the art of making a point without making an enemy. – Joe Moore #quotes #quote

In theory, there is no difference between theory and practice; In practice, there is. – Chuck Reid #quotes #quote

A genius! For 37 years I’ve practised fourteen hours a day, and now they call me a genius! – Pablo Sarasate (Spanish Violinist) #quotes

We don’t see the things the way they are. We see things the way WE are. – Talmund #quotes #quote

Good judgment comes from experience, and experience comes from bad judgment. – Joe Moore #quotes #quote

You can suffocate a thought by expressing it with too many words. – Frank A. Clark #quotes #quote

There’s always free cheese in a mousetrap. – Joe Moore #quotes #quote

True success is overcoming the fear of being unsuccessful. – Paul Sweeney #quotes #quote

The best way to convince a fool that he is wrong is to let him have his way. – Josh Billings #quotes #quote

If you help a friend in need, he’s sure to remember you?.the next time he’s in need. – Joe Moore #quotes #quote

If a man had as many ideas during the day as he does when he has insomnia, he’d make a fortune. – Griff Niblack #quotes #quote

We learn something every day, and lots of times it’s that what we learned the day before was wrong. – Bill Vaughan #quotes #quote

If you begin to live life looking for the God that is all around you, every moment becomes a prayer. – Frank Bianco #quotes #quote

Nothing is work unless you’d rather be doing something else. – George Halas #quotes #quote

Progress always involves risks. You can’t steal second base and keep your foot on first. Frederick B. Wilcox #quotes #quote

If God lived on earth, people would break his windows. – Jewish Proverb #quotes #quote

When you really want to believe something, it doesn’t take much to convince you. – Joe Moore #quotes #quote

No one needs a vacation so much as the person who has just had one. – Elbert Hubbard #quotes #quote

The past always looks better than it was because it isn’t here now. – Joe Moore #quotes #humor #quote

Anger is a wind which blows out the lamp of the mind. – Robert G. Ingersoll #quotes #quote

No symphony ever played music like a two year old girl laughing with a puppy. – Bern Williams #quotes #quote

The average teacher tells. The good teacher explains. The superior teacher demonstrates. The great teacher inspires. – Joe Moore #quotes

It is easy finding reasons why other folks should be patient. – George Eliot #quotes #quote

Most of today’s news is too true to be good. – Joe Moore #quotes #humor

Nobody believes the official spokesman… but everybody trusts an unidentified source. – Ron Nesen #quotes #quote

You’ve got to stand for something or you’re gonna fall for anything. – John Cougar Mellencamp #quotes #quote

A problem is a chance for you to do your best. – Duke Ellington #quotes #quote

Courage is the art of being the only one who knows you’re scared to death. – Earl Wilson #quotes #quote

Few things help a person more than to place responsibility upon him and to let him know that you trust him. – Booker T. Washington #quotes

If you risk nothing, then you risk everything. – Geena Davis #quotes #quote

The people who try to do something and fail are infinitely better than those who try to do nothing and succeed. – Joe Moore #quotes #quote

Nothing so needs reforming as other people’s habits. – Mark Twain #quotes #quote

Spite is never lonely; envy always tags along. – Mignon Mc Laughlin #quotes #quote

The truly skillful politician is one who, when he comes to a fork in the road, goes both ways. – Marco A. Almazan #quotes #quote

To his dog, every man is Napoleon; hence the popularity of dogs. – Aldous Huxley #quotes #quote

We learn to walk by stumbling. – Bulgarian proverb #quotes #quote

You can’t get away from yourself by moving from one place to another. There’s nothing to that. – Ernest Hemingway #quotes #quote

When a man is wrapped up in himself he makes a pretty small package. – John Ruskin #quotes #quote

Nothing makes a politician’s statement harder to understand than his clarification. – Joe Moore #quotes #humor

It is part of the cure to wish to be cured. – Seneca #quotes #quote

Laurels don’t make much of a cushion. – Dorothy Rabinowitz #quotes #quote

Worry is like a rocking chair?.it gives you something to do, but it doesn’t get you anywhere. – Joe Moore #quotes #quote

A pessimist doesn’t know what he wants, but he knows he’ll never get it. – Joe Moore #quotes #humor

Every generation is convinced that there has been a deplorable breakdown of manners. – Byron Dobell #quotes #quote

Work and play are words used to describe the same thing under differing conditions. – Mark Twain #quotes #quote

Everyone thinks of changing the world, but no one thinks of changing himself. – Leo Tolstoy #quotes #quote

Always and never are two words you should always remember never to use. – Wendell Johnson #quotes #quote

When you aim for perfection, you discover it’s a moving target. – George Fisher #quotes #quote

If opportunity doesn’t knock, build a door. – Milton Berle #quotes #quote

We’re inclined to exaggerate almost everything, except our mistakes. – Joe Moore #quotes #humor

Excuses are the nails used to build a house of failure. – Don Wilder #quotes #quote

When you do something and don’t want anyone to know it, it’s either very good or very bad. – Joe Moore #quotes #quote

Dream is not the thing what you see in sleep, dream is the thing that does not let you sleep. – Adbul Kalam #quotes #quote

A conceited person never gets anywhere because he thinks he is already there. – Joe Moore #quotes #quote

There is a kind of victory in good work, no matter how humble. – Jack Kemp #quotes #quote

Speak when you are angry and you’ll make the best speech you will ever regret. – Joe Moore #quotes #quote

When you speak to others for their own good, it’s advice. When they speak to you for your own good, it’s interference. – Joe Moore #quotes

People seldom repeat gossip?.the way they heard it. – Joe Moore #quotes #humor #quote

No one ever excused his way to success. – Dave Del Dotto #quotes #quote

There are no seven wonders of the world in the eyes of a child. There are seven million. – Walt Streightiff #quotes #quote

A lie has speed, but truth has endurance. – Edgar J. Mohn #quotes #quote

Sooner or later most of us reach the metallic age..gold in our teeth, silver in our hair, and lead in our pants. – Joe Moore #quotes #humor

The reason there is so much room at the top is that the crowd is at the bottom waiting for the elevator to take them up. – Joe Moore #quotes

Until you make peace with who you are, you’ll never be content with what you have. – Doris Mortman #quotes #quote

Real friends are those who, when you’ve made a fool of yourself, don’t feel that you’ve done a permanent job. – Erwin Randall #quotes #quote

Everybody wants to eat at the government’s table, but nobody wants to do the dishes. – Werner Finck #quotes #quote

On the whole, human beings want to be good, but not too good, and not quite all the time. – George Orwell #quotes #quote

Man is the only kind of varmint that sets his own trap, baits it, then steps in it. – John Steinbeck #quotes #quote

You can’t expect to make a place in the sun for yourself if you keep taking refuge under the family tree. – Claude McDonald #quotes #quote

The point of quotations is that one can use another’s words to be insulting. – Amanda Cross #quotes #quote

Always try to be a little kinder than necessary. – James M. Barrie #quotes #quote

The very essence of leadership is that you have to have a vision. You can’t blow an uncertain trumpet. – Theodore Hesburgh #quotes #quote

To err is human, but to remain in error is stupid. – Joe Moore #quotes #humor

No one gossips about other people’s secret virtues. – Bertrand Russell #quotes #quote

Most of us tell lies not to deceive others, but to protect ourselves from a truth we are not ready to face. – Joe Moore #quotes #quote

Ideas are like rabbits. You get a couple and learn how to handle them, and pretty soon you have a dozen. – John Steinbeck #quotes #quote

The art of simplicity is a puzzle of complexity. – Doug Horton #quotes #quote

Success isn’t a result of spontaneous combustion. You must set yourself on fire. – Arnold H. Glasow #quotes #quote

If you want your children to keep their feet on the ground, put some responsibility on their shoulders. – Abigail Van Buren #quotes #quote

Good and bad luck is a synonym in the great majority of instances for good and bad judgment. – John Chatfield #quotes #quote

Worry is like a rocking chair?.it gives you something to do, but it doesn’t get you anywhere. – Joe Moore #quotes #quote

The nice part about being a pessimist is that you are constantly being either proven right or pleasantly surprised. – George Will #quotes

Most people are funny. They want to be in the front of the bus, the back of the church and the middle of the road.- Joe Moore #quotes #humor

For every minute you’re angry, you lose sixty seconds of happiness. – Joe Moore #quotes #quote

Politicians are like ships: noisiest when lost in a fog. – Bennett Cerf #quotes #quote

Think how hard it is to change yourself and you’ll understand what little chance you have of changing others. – Joe Moore #quotes #quote

Happiness often sneaks in through a door you didn’t know you left open. – John Barrymore #quotes #quote

The intelligent man finds almost everything ridiculous, the sensible man hardly anything. – Johann Wolfgang von Goethe #quotes #quote

Words without ideas are like sails without wind. – Unknown #quotes #quote

It’s a shame that life’s problems don’t hit us when we’re teenagers and know everything. – Joe Moore #quotes #humor

Don’t ever wrestle with a pig. You’ll both get dirty, but the pig will enjoy it. – Cale Yarborough #quotes #quote

Reason deceives us; conscience, never. – Jean Jacques Rousseau #quotes #quote

When an ordinary man attains knowledge he is a sage; when a sage attains understanding he is an ordinary man. – Unknown author #quotes

Man has to suffer. When he has no real afflictions, he invents some. – Jose Marti #quotes #quote

If you haven’t any charity in your heart, you have the worst kind of heart trouble. – Bob Hope #quotes #quote

It’s not how old you are that counts, but how you are old. – George Burns #quotes #quote

The only thing in life accomplished without effort is failure. – Joe Moore #quotes #quote

A good conscience never costs as much as it’s worth. – Joe Moore #quotes #quote

Truth always originates in a minority of one, and every custom begins as a broken precedent. – Will Durant #quotes #quote

The wise person questions himself, the fool others. – Henri Arnold #quotes #quote

Love looks through a telescope; envy, through a microscope. – Josh Billings #quotes #quote

People who think they have nothing to be thankful for, should at least be thankful for what they didn’t get, but deserved. – Joe Moore

You shouldn’t fear criticism when you’re right, nor ignore it when you’re wrong. – Joe Moore #quotes #quote

Life is a great big canvas, and you should throw all the paint on it you can. – Danny Kaye #quotes #quote

Politics is the science of who gets what, when and why. – Sidney Hillman #quotes #quote

The law of heredity is that all undesirable traits come from the other parent. – Joe Moore #quotes #humor

The impossible is often the untried. – Jim Goodwin #quotes #quote

A truth that’s told with bad intent beats all the lies you can invent. – William Blake #quotes #quote

When I was younger, I could remember anything, whether it happened or not. – Mark Twain #quotes #quote

We like a person to come right out and say what he thinks?.if he agrees with us. – Joe Moore #quotes #quote

Truth has no special time of its own. Its hour is now?..always. – Albert Schweitzer #quotes #quote

Success is never final, but failure can be. – Bill Parcells #quotes #quote

It’s easy to meet expenses. Just turn around and there they are. – Joe Moore #quotes #humor

Ask God’s blessing on your work, but don’t ask him to do it for you. – Dame Flora Robson #quotes #quote

Sorrow looks back, worry looks around, faith looks up. – Unknown #quotes #quote

Happiness is being able to look back with pride and forward with hope. – Joe Moore #quotes #quote

If children grew up according to early indications, we should have nothing but geniuses. – Johan von Goethe #quotes #quote

You should be careful about calling yourself an expert. An ex is a has-been, and a spurt is a drip under pressure.- Joe Moore #quotes #humor

The reason why worry kills more people than work is that more people worry than work. – Rober Frost #quotes #quote

Life is ten percent what happens to you and ninety percent how you respond to it. – Lou Holtz #quotes #quote

We should take care not to make the intellect our god; it has powerful muscles, but no personality. – Albert Einstein #quote #quote

Opportunity’s favorite disguise is trouble. – Frank Tyger #quotes #quote

Love is one game that is not called off because of darkness. – Joe Moore #quotes #humor #quote

I never think of the future. It comes soon enough. – Albert Einstein #quotes #quote

It isn’t failing that spells one’s downfall; its running away, giving up. – Michel Greco #quotes #quote

The greatest artist was once a beginner. – Farmer’s Digest #quotes #quote

Learning by experience is often painful, and the more it hurts the more you learn. – Joe Moore #quotes #quote

Faith is knowing there is an ocean because you have seen a brook. – William Arthur Ward #quotes #quote

Just as iron rusts from disuse, even so does inaction spoil the intellect. – Leonardo Da Vinci #quotes #quote

A lot of people spend half their time wishing for things they could have if they didn’t spend half their time wishing. -Joe Moore #quotes

History teaches us that men and nations behave wisely once they have exhausted all other alternatives. – Abba Eban #quotes #quote

A good resolution is like an old horse which is often saddled but rarely ridden. – Mexican proverb #quotes #quote

The whole secret of life is to be interested in one thing profoundly and in a thousand things well. – Horace Walpole #quotes #quote

When I was young, I admired clever people. Now that I am old, I admire kind people. – Abraham Heschel #quotes #quote

Compromise makes a good umbrella, but a poor roof. – James Russell Lowell #quotes #quote

There is a foolish corner in the brain of the wisest man. – Aristotle #quotes #quote

Man’s capacity for justice makes democracy possible, but man’s inclination to injustice makes democracy necessary. R. Niebuhr #quotes

People become well-to-do by doing what they do well. – Joe Moore #quotes

Every problem contains within itself the seeds of its own solution. – Edward Somers #quotes #quote

A spoonful of honey will catch more flies than a gallon of vinegar. – Ben Franklin #quotes #quote

Wherever you see a successful business, someone once made a courageous decision. – Peter Drucker #quotes #quote

Imagination is more important than knowledge. – Albert Einstein #quotes #quote

We couldn’t conceive of a miracle if one had ever happened. – Libbie Fudim #quotes #quote

The thing to try when all else fails is again. – Joe Moore #quotes #quote

The only normal people are the ones you don’t know very well. – Joe Ancis #quotes #quote

There are no shortcuts to any place worth going. – Beverly Sills #quotes #quote

The trouble with the rat race is that even if you win, you’re still a rat. – Lily Tomlin #quotes #quote

We usually give others much better advice than we give ourselves. – Joe Moore #quotes #quote

Determine that the thing can and shall be done. And then we shall find the way. – Abraham Lincoln #quotes #quote

Everytime you put a new idea into action, you find ten people who thought of it first; but they only thought of it. – Joe Moore #quotes

You should make the most of yourself, for that is all there is of you. – Ralph Waldo Emerson #quotes #quote

We are here to add what we can to, not to get what we can from, life. – Sir William Osler #quotes #quote

We are what we repeatedly do; excellence, then, is not an act but a habit. – Aristotle #quotes #quote

The greatest obstacle to discovery is not ignorance – it is the illusion of knowledge. – Daniel J. Boorstin #quotes #quote

Religion has been studied and practiced for ages, but it has been studied far more than it has been practiced. – Joe Moore #quotes

People who preach self-denial usually have other people in mind. – Joe Moore #quotes #quote

If your ship doesn’t come in, swim out to it! Jonathan Winters #quotes #quote

Money-giving is a good criterion of a person’s mental health. Generous people are rarely mentally ill people. – Dr. Karl Menniger #quotes

I’d rather be a failure at something I enjoy than a success at something I hate. – George Burns #quotes #quote

Worry often give a small thing a big shadow. – Chinese proverb #quotes #quote

You can judge your age by the amount of pain you feel when you come in contact with a new idea. – John Nuveen #quotes #quote

Parents of brilliant children are great believers in heredity. – Joe Moore #quotes #humor

The best way to open a business is with high hopes and low overhead. – Joe Moore #quotes #quote

The very best thing you can do for the whole world is to make the most of yourself. – Wallace Wattles #quotes #quote

Pessimism never won any battle. – Dwight D. Eisenhower #quotes #quote

Love is the triumph of imagination over intelligence. – H.L. Mencken #quotes #quote

He who believes that the past can not be changed has not yet written his memoirs. – Torvald Gahlin #quotes #quote

Prayer is the key of the morning and the bolt of the evening. – Mohandas K. Gandhi #quotes #quote

Determine that the thing can and shall be done. And then we shall find the way. – Abraham Lincoln #quotes #quote

It is not the going out of port, but the coming in, that determines the success of the voyage. – #quotes Henry Beecher #quote

A man is not old until regrets take the place of dreams. – John Barrymore #quotes #quote

A man who fears suffering is already suffering from what he fears. – Montaigne #quotes #quote

Money can’t buy love?but it certainly doesn’t hurt your bargaining power. – Joe Moore #quotes #humor

Bring ideas in and entertain them royally, for one of them may be the king. – Mark Van Doren #quotes #quote

It is not the employer who pays—he only handles the money. It is the product that pays wages. – Henry Ford #quotes #quote

Growth for the sake of growth is the ideology of a cancer cell. – Edward Abbey #quotes #quote

Everything that irritates us about others can lead us to an understanding of ourselves. – Carl G. Jung #quotes #quote

Nothing makes it easier to resist tempation than a proper upbringing, a sound set of values?..and witnesses. – Franklin P. Jones #quotes

Pets are such agreeable friends?they don’t talk back, borrow money, ask questions, or criticize. – Joe Moore #quotes #humor

If you can separate good advice from bad advice, you really don’t need any advice. – Joe Moore #quotes #quote

You’ve achieved success in your field when you don’t know whether what you’re doing is work or play. – Warren Beatty #quotes #quote

The difference between a wise man and a fool is that a fool’s mistakes don’t teach him anything. – Joe Moore #quotes #humor

What we learn with pleasure we never forget. – Alfred Mercier #quotes #quote

Rose-colored glasses are never made in bifocals. Nobody wants to read the small print in dreams. – Ann Landers #quotes #quote

Either write something worth reading or do something worth writing. – Benjamin Franklin #quotes #quote

About the only thing that comes to us without effort is old age. – Gloria Pitzer #quotes #quote

Failing to plan is like planning to fail. – Joe Moore #quotes

Sant Kabir Ke Dohe

Kaami Krodhi Laalchi, Inse Bhakti Naa Hoye |
Bhakti Kare Koi Soorma, Jati Waran Kul Khoy ||

What kind of devotion can you expect from a man of sensual pleasures, anger or greed? The valiant person who leaves behind his family and caste can be a true devotee.

Baid Mua Rogi Mua, Mua Sakal Sansar |
Ek Kabira Naa Mua, Jehi Ke Raam Adhaar ||

A physician has to die, a patient has to die. Kabir won’t die as he has offered himself to Ram who is the all pervading consciousness.

Prem Na Badi Upjai, Prem Na Haat Bikaay |
Raaja Praja Johi Ruche, Sheesh Dei Le Jaay ||

One can’t reap harvest of love at one’s field. One can’t buy love at market place. He whosoever likes love, he may be a King or a common man, he should offer his head and become eligible to be a lover.

Prem Pyala Jo Piye, Sheesh Dakshina Dey |
Lobhi Sheesh Na De Sake, Naam Prem Ka Ley ||

One who wants to drink a glass of love should pay for it by offering his head. A greedy man can’t offer his head and talks about love.

Daya Bhaav Hriday Nahi, Gyan Thake Behad |
Te Nar Narak Hi Jayenge, Suni Suni Saakhi Shabd ||

They have no mercy in their heart. They are tired due to labor of gaining knowledge. They will definitely go to hell as they know nothing else but dry words.

Jaha Kaam Taha Naam Nahi, Jaha Naam Nahi Waha Kaam |
Dono Kabhu Nahi Mile, Ravi Rajni Ik Dhaam ||

He who remembers God knows no sensual pleasures. He who doesn’t remember God takes delight in sensual pleasures. God and sensual pleasures won’t unite as there can be no union of the Sun and the night.

Unche Paani Naa Tike, Neeche Hi Thahraay |
Neecha Ho So Bharie Pie, Uncha Pyasa Jaay ||

Water flows down and it won’t hang in air. Those who know the ground realities enjoy water, those who are floating in air can’t.

Jab Hi Naam Hirday Dharyo, Bhayo Paap Kaa Naash |
Mano Chingi Agni Ki, Pari Purani Ghaas ||

Once you remember God it causes destruction of all sins. It is like a spark of fire contacting a heap of dry grass.

Sukh Saagar Ka Sheel Hai, Koi Na Paave Thaah |
Shabd Bina Sadhu Nahi, Dravya Bina Nahi Shah ||

Politeness is a boundless ocean of bliss. None can fathom depth of politeness. As a person without money can’t be rich, a person can’t be good without politeness.

Baahar Kya Dikhlaye, Antar Japiye Raam |
Kaha Kaaj Sansar Se, Tujhe Dhani Se Kaam ||

There is no need of any show. You should chant Ram internally. You should not be concerned with the world but with the master of the world.

Fal Karan Sewa Kare, Kare Naa Man Se Kaam |
Kahe Kabeer Sewak Nahi, Chahai Couguna Daam ||

He is not doing anything to serve God. He expects four times return for whatever he does. He is not a devotee of God.

Kabira Yah Tan Jaat Hai, Sake To Thour Laga |
Kai Sewa Kar Sadhu Ki, Kai Govind Gun Gaa ||

Kabir says that this body of ours is approaching death. We should do something worthwhile. We should serve good people. We should remember virtue of God.

Sona Sajjan Sadhu Jan, Toot Jude Sou Baar |
Durjan Kumbh Kumhar Ke, Eike Dhaka Darar ||

Good people won’t take time to be good again even after something is done to distance them away. Gold is malleable and not brittle. Bad people won’t return and stay away forever if something happens with them. Earthen pot made by a pitcher is brittle and once broken it is broken forever.

Jag Me Bairi Koi Nahi, Jo Man Sheetal Hoy |
Yah Aapaa To Daal De, Daya Kare Sab Koye ||

There are no enemies in the world if our mind is cool. If we don’t have ego all are merciful to us.

Prembhaav Ek Chahiye, Bhesh Anek Banaay |
Chaahe Ghar Me Waas Kar, Chaahe Ban Ko Jaaye ||

You may stay at home or you may go to woods. If you want to remain connected with God, you should have love in your heart.

Saadhu Sati Aur Surma, Inki Baat Agaadh |
Asha Chhode Deh Ki, Tan Ki Anthak Saadh ||

A good person, a lady that burns ablaze on the pyre of her husband and a brave man do something very great. They are not at all concerned with what happens to their body.

Hari Sangat Sheetal Bhaya, Miti Moh Ki Taap |
Nishiwasar Sukh Nidhi, Laha Ann Pragata App ||

Those who realize God become calm and cool. They put an end to their heat of infatuation. They are blissful day and night.

Awat Gari Ek Hai, Ultan Hoye Anek |
Kah Kabeer Nahi Ultiye, Wahi Ek Kee Ek ||

If someone says us a word of abuse, we give back many words of abuse. Kabir says that we should not do that. Let one word of abuse remain one only.

Ujjwal Pahare Kaapda, Paan Supaari Khaay |
Ek Hari Ke Naam Bin, Bandha Yampur Jaay ||

The robes are very impressive. The mouth is full of fresheners. But see if you want to avoid hell you should remember God.

Awagun Kahu Sharab Ka, Aapa Ahmak Hoy |
Maanush Se Pashua Bhaya, Daam Gaanth Se Khoye ||

A person loses his balance if he takes liquor. He becomes a beast by spending his own money.

Kabira Garab Naa Kijiye, Kabhu Naa Hasiye Koy |
Ajahoo Naav Samudra Me, Naa Jaane Ka Hoye ||

Don’t, don’t feel proud. Don’t laugh at others. Your life is a ship in ocean you don’t know what may happen the very next moment.

Kabira Kalah Aru Kalpana, Sat Sangati Se Jaay |
Dukh Baase Bhaga Phirai, Sukh Me Rahai Samaay ||

If you associate with good people you may put an end to conflicts and baseless imaginations. That will put an end to your plight and make your life blissful.

Kaah Bharosa Deh Ka, Binas Jaat Chhan Maarhi |
Saans Saans Sumiran Karo, Aur Yatan Kuchh Naahi ||

There is no guarantee that this body will be there the next moment. You should remember God every moment you live.

Kutil Bachan Sabse Bura, Jaase Hot Na Haar |
Saadhoo Bachan Jal Roop Hai, Barse Amrit Dhaar ||

A bad word said to cause agony to others is the worst thing in this world. None gets defeated on listening to bad words. A good word that soothes others is like water and it showers nectar on those who listen.

Kabira Loha Ek Hai, Gadhne Me Hai Pher |
Taahi Ka Bakhtar Bane, Tahi Kee Shamsher ||

The same metal takes different forms.

Kabira Sota Kya Kare, Jaago Japo Muraar |
Ek Din Hai Sovna, Laambe Paaw Pasaar ||

Why are you sleeping? Please get up and remember God. There will be a day when one will have to sleep with legs stretched out forever.

Kabira Aap Thagaie, Aur Na Thagiye Koy |
Aap Thage Sukh Hot Hai, Aur Thage Dukh Hoy ||

One should fool oneself and not others. He who fools others becomes miserable. There is no harm in fooling oneself as one knows the truth sooner or later.

Gaari Hee Se Upje, Kalah Kasht Aur Bheech |
Haari Chale So Saadhu Hai, Laagi Chale To Neech ||

A word of abuse creates conflicts, hardships and death. A good person puts an end to a word of abuse then and there. A base person nurtures every word of abuse.

Jaa Pal Darsan Sadhu Ka, Ta Pal Ki Balihaari |
Raam Naam Rasna Base, Leejai Janam Sudhari ||

What a great moment it was. I met a good person. I chanted Ram and did good to my whole life.

Jo Toku Kanta Buwai, Taahi Boy Too Phool |
Toku Phool Ke Phool Hai, Baankoo Hai Tirshool ||

If someone sows a thorny cactus for you, you should sow a flower plant for him. You will get many flowers and others will have thorns.

Jo Tu Chaahe Mukti Ko, Chhod De Sabki Aas |
Mukt Hi Jaisa Ho Rahe, Sab Kuchh Tere Paas ||

If you want salvation you should end all desires. Once you gain salvation you gain everything.

Te Din Gaye Akaarthi, Sangat Bhai Na Sant |
Prem Bina Pashu Jeewna, Bhakti Bina Bhagwant ||

I wasted those days when I didn’t meet good people. A person without love is a beast. There is no divinity without love.

Teer Tupak Se Jo Lade, So To Shoor Na Hoy |
Maya Taji Bhakti Kare, Soor Kahawai Soy ||

The one who fights with bows and arrows is not valiant. The real valiant is the one who shuns delusion and becomes a devotee.

Tan Ko Jogi Sab Kare, Man Ko Birla Koy |
Sahajai Sab Bidhi Paiye, Jo Man Jogi Hoy ||

It is very easy to put marks of a sage on body but it is very difficult to make marks of sage on mind. If one becomes a sage at the level of mind he is at ease while doing anything.

Nhaye Dhoye Kya Hua, Jo Man Mail Na Jaay |
Meen Sadaa Jal Me Rahai, Dhoye Baas Na Jaay ||

What is the point in washing and cleaning? A fish remains in water always and it has a very bad smell.

Paanch Pahar Dhandha Kiya, Teen Pahar Gaya Soy |
Ek Pahar Bhi Naam Bin, Mukti Kaise Hoy ||

I did something to earn my livelihood during the day and slept in the night. I didn’t chant God’s name even for 3 hours, how can I attain salvation.

Patta Bola Vruksh Se, Suno Vruksh Banraay |
Ab Ke Bichde Na Mile, Door Padenge Jaay ||

A leaf says to a tree that it is going away forever and there won’t be any reunion now.

Maya Chhaya Ek Si, Birla Jaane Koy |
Bhaagat Ke Pichhe Lage, Sanmukh Bhaage Soy ||

A shadow and a delusion are alike. They chase them who run away and disappear from their sight that looks at them.

Yaa Duniya Me Aa Kar, Chhadi Dey Too Eth |
Lena Ho So Leile, Uthi Jaat Hai Paith ||

One should not swagger here. One should do all the deals without wasting any time as the working hours will be soon over.

Raat Gawayi Soy Ke Diwas Gawaya Khaay |
Heera Janm Anmol Thaa, Koudi Badle Jaay ||

In the night I slept and in the day I ate. This is how I passed my whole life that was as valuable as a diamond.

Raam Bulawa Bhejiya, Diya Kabira Roy |
Jo Sukh Sadhu Sang Me, So Baikunth Na Hoy ||

Ram is calling Kabir. Kabir is weeping. Kabir has more regard for association with good people than association with God.

Sangati So Sukh Upaje, Kusangti So Dukh Hoy |
Kah Kagir Tah Jaaiye, Sadhu Sang Jaha Hoy ||

A good association creates happiness and an evil one creates misery. One should always be amidst good people.

Saheb Teri Sahibi, Sab Ghat Rahi Samaay |
Jyo Mehandi Ke Paat Me, Laali Rakhi Na Jaay ||

My Master, your mastery is there in all beings. In the same way as redness is there in Henna.

Saai Aage Saanch Hai, Saai Saanch Suhaay |
Chaahe Bole Kes Rakh, Chaahe Ghout Mundaay ||

God sees truth. God likes truth. One may grow long hair or may shave all hair.

Lakdi Kahai Luhaar Ki, Too Mati Jaare Mohi |
Ek Din Aisa Hoyga, Mai Jaroungi Tohi ||

A wood says to a blacksmith that today for the sake of your livelihood you are burning me. One day I will burn you on pyre.

Gyaan Ratan Ka Jatankar, Maati Ka Sansar |
Aay Kabeer Phir Gaya, Pheeka Hai Sansaar ||

One should care for the gem of knowledge. The mundane existence is worthless. Kabir has turned his back on the world as the world is livid.

Riddhi Siddhi Mangou Nahi, Mangou Tum Pai Yeh |
Nishidin Darshan Sadhu Ko, Prabhu Kabir Kahu Deh ||

Kabir is not asking God for material wealth. He is asking favor of having a good person in his sight forever.

Na Guru Milya Naa Sish Bhaya, Laalch Khelya Daav |
Dunyoo Bude Dhaar Me, Chhadhi Paathar Kee Naav ||

Those who are driven by greed lose their status of disciple and preceptor. Both of them sink midstream as they boarded a boat of stone.

Kabeer Satgur Naa Milya, Rahi Adhuri Seesh |
Swang Jati Ka Pahari Kar, Ghari Ghari Mange Bheesh ||

Those who don’t find a good preceptor ever gain an incomplete knowledge. They wear robes of a recluse and beg door to door.

Yah Tan Vish Ki Belri, Guru Amrut Ki Khaan |
Sees Diye Jo Guru Mile, To Bhi Sasta Jaan ||

This body is a bag of poison. The preceptor is a mine of nectar. If you get a preceptor by sacrificing your head, that should be a cheap deal.

Raam Piyara Chhadi Kari, Karai Aan Kaa Jaap |
Besya Kera Poot Jyu, Kahai Koun Soo Baap ||

If one forgets God and remembers something else, he is like a son of a prostitute who doesn’t know who his father is.

Jo Rou To Bal Ghatai, Hanso To Raam Risai |
Manhi Maahi Bisoorna, Jyun Ghun Kaathhi Khai ||

Now what should I do. If I weep my energy level goes down. If I laugh Ram doesn’t like that. This dilemma eats my heart like a wood-eater ant.

Sukhiya Sab Sansar Hai, Khawai Aur Sowe |
Dukhiya Daas Kabir Hai, Jagai Aru Rawe ||

The world is so happy, they eat and sleep. Kabir is so sad he keeps awake and weeps.

Parbati Parbati Mai Phirya, Nain Gawaae Roi |
So Booti Paau Nahi, Jaatai Jeewni Hoi ||

Kabir searched from one mount to another mount but he couldn’t get the herb that creates life.

Kabir Ek Na Janya, To Bahu Janya Kya Hoi |
Ek Tai Sab Hot Hai, Sab Tai Ek Na Hoi ||

Kabir says that you don’t know the one thing and you know many other things. That one thing can accomplish all, these many things are useless.

Patibarta Maili Bhali, Gale Kaanch Ko Pot |
Sab Sakhiyan Me Yo Dipai, Jyo Ravi Sasi Ko Jyot ||

A woman committed to her family is looks better in her old robes and lace of glass beads round her neck. She shines amidst her friends as the moon shines amidst stars.

Bhagti Bigaadi Kaamiya, Indri Kerai Swaadi |
Heera Khoya Haath Thai, Janam Gawaya Baadi ||

A lustful person has damaged his devotion and his sense organs are enjoying the flavor. He has lost a diamond and missed essence of life.

ParNaari Rata Phirai, Chori Bidhita Khahi |
Diwas Chaari Sarsa Rahai, Ati Samoola Jaahi ||

A man who takes delight in a woman belonging to others runs as a thief in nights. He derives mean pleasure for few days and then perishes with all his roots.

Kabeer Kali Khoti Bhai, Muniyar Milai Na Koy |
Lalach Lobhi Maskara, Tinkoo Aadar Hoi ||

This is the age of Kali. Here a man who practices sense restraint is rare. People abound with greed, covetousness and trifles.

Kabeer Maaya Mohini, Jaisi Meethee Khaand |
Satguru Ki Kripa Bhai, Nahi Tou Karti Bhaand ||

The delusion is very sweet in its action over mind. Thanks God that I got blessings of my preceptor otherwise I would have been blank.

Mere Sangi Doi Jarag, Ek Vaishno Ek Raam |
Wo Hai Daata Mukti Ka, Wo Sumiravai Naam ||

I have only two companions, devotees and Ram. They make me remember God and grant salvation.

Sant Na Bandhe Gaathdi, Pet Samaata Tei |
Saai Soo Sanmukh Rahai, Jaha Maange Taha Dei ||

There is no need to hoard much. One needs to be upright in one’s behavior always.

Jis Marne Yah Jag Dare, So Mere Anand |
Kab Mahihoo Kab Dekhihoo, Pooran Parmanand ||

The whole world fears death. I am glad to see death. When shall I die and realize the complete bliss.

Kabir Ghoda Prem Ka, Chetni Chadhi Awsaar |
Gyaan Khadag Gahi Kaal Siri, Bhali Machaai Maar ||

The consciousness should ride horse of love. The sword of knowledge should cause death of death.

Kabir Hari Sab Koo Bhaje, Hari Koo Bhajai Na Koi |
Jab Lag Aas Sareer Kee, Tab Lag Daas Na Hoi ||

God remembers everyone. None remembers God. Those who are concerned about sensual pleasures can’t be devotees of God.

Kya Mukh Lai Binati Karao, Laaj Aawat Hai Mohi |
Tum Dekhat Aogun Karao, Kaise Bhaavo Tohi ||

How should I make God any request? He knows all, he knows my shortcomings. How should he like me with these shortcomings?

Sab Kaahu Kaa Lijiye, Sachaa Asad Nihaar |
Pachhpaat Naa Kijiye Kahai Kabeer Vichaar ||

You should listen the truth from everyone. There is no need to show any partiality.

Kumti Keech Chela Bhara, Guru Gyaan Jal Hoy |
Janam Janam Ka Morcha, Pal Me Daare Dhoy ||

A disciple is full of mud of ignorance. A preceptor is water of knowledge. Whatever impurities are accumulated in many births, he cleans in one moment.

Guru Samaan Daata Nahi, Yaachak Seesh Samaan |
Teen Lok Ki Sampada, So Guru Deenhi Daan ||

There is no donor like a preceptor and no seeker like a disciple. Preceptor grants all three worlds to disciple.

Guru Ko Sir Rakhiye, Chaliye Aagya Maahi |
Kahai Kabeer Taa Daas Ko, Teen Lok Bhay Naahi ||

He who keeps his preceptor on his head and abides by his directions doesn’t have any fear in three worlds.

Guru Moorti Gati Chandrama, Sewak Nain Chakor |
Aath Pahar Nirakhta Rahe, Guru Moorti Kee Or ||

As a chakor bird is always looking at the moon, one should always abide by what preceptor says.

Guru So Preeti Nibahiya, Jehi Tat Nibtai Sant |
Prem Bina Dhig Door Hai, Prem Nikat Guru Kant ||

One can accomplish everything through love.

Guru Bin Gyaan Na Upjai, Guru Bin Malai Na Mosh |
Guru Bin Lakhai Na Satya Ko, Guru Bin Mite Na Dosh ||

There can’t any knowledge without a Guru, there won’t be any salvation without a Guru, there won’t be any realization of truth without Guru and there won’t be any removal of flaws without Guru.

Guru Moorti Aage Khadi, Duniya Bhed Kachhu Haahi |
Unhi Ko Parnaam Kari, Sakal Timir Miti Jaahi ||

Your Guru is there to lead you. There is no need to worry as to how to demystify life. If you abide by your Guru’s teaching there won’t be darkness.

Mool Dhyan Guru Rup Hai, Mool Pooja Guru Paav |
Mool Naam Guru Vachan Hai, Mool Satya Satbhaw ||

Look at the form of your Guru. Worship the lotus feet of your Guru. Listen to the words of your Guru and maintain yourself in the state of truthfulness.

Sadhu Shabd Samudra Hai, Jaame Ratna Bharay |
Mand Bhaag Mutthi bhare, Kankar Haath Lagaye ||

A good word said by a realized soul is as deep as ocean. A fool just gains handful sand.

Poot Piyaarou Pita Kou, Gouhni Laago Dhaai |
Lobh Mithai Haathi De, Aapan Gayo Bhulaai ||

A kid likes his father too much. He follows his father and holds on to him. Father gives him some sweets. The kid enjoys the sweets and the father goes away. We should not forget God when we enjoy his favors.

Jaa Kaarni Me Dhundhtee, Sanmukh Miliya Aai |
Dhan Maili Piv OOjla, Laagi Na Sakau Paai ||

I was searching him. I met him face to face. He is pure and I am dirty. How can I bow at his feet?

Bhaari Kahau To Bahu Darou, Halka Kahu Tou Jhoot |
Mai Ka Janou Raam Koo, Nainoo Kabhoo Na Deeth ||

If I say that Ram is heavy, this arouses fear in mind. If I say that he is light, this is absurd. I don’t know Ram as I haven’t seen him.

Deetha Hai To Kas Kahoo, Kahya Na Ko Patiyaay |
Hari Jaisa Hai Taisa Raho, Too Harshi-Harshi Gun Gaai ||

I have seen Ram. Those who have tried to describe him have to repent as they fail at their attempts. I won’t take any trouble to describe him, I will happily sing his virtues.

Pahuchenge Tab Kahenge, Umdenge Us Tthai |
Ajhoo Bera Samand Me, Boli Bigooche Kaai ||

When I will reach the other shore I will talk about it. I am sailing right now at the middle of the ocean.

Mera Mujhme Kuchh Nahi, Jo Kuchh Hai So Tor |
Tera Tujhko Soupta, Kya Laagai Hai Mor ||

I don’t have anything of mine. Whatever I have that belongs to God. If I give him what belongs to him, I deserve no credit for doing something great.

Jablag Bhagti Sakaamta, Tablag Nirfal Sev |
Kahai Kabeer Wai Kyo Milai, Nihkaami Nij Dev ||

As long as the devotion is conditional it won’t bear any fruits. How can people with attachment get something that is always detached?

Kabeer Kalijug Aai Kari, Keeye Bahut Jo Meet |
Jin Dilbandhya Ek Soo, Te Sukhu Sovai Nicheent ||

In this Kali Age people make many friends. Those who offer their mind to God can sleep without worries.

Kabeer Koota Raam Ka, Mutiya Mera Naau |
Gale Raam Kee Jevdi, Jit Kaiche Tit Jaau ||

Kabir works for Ram as a dog works for his Master. Ram’s name is the pearl that Kabir has. He has tied Ram’s chain round his neck and he goes there where Ram takes him.

Kaami Ami Na Bhaawai, Vish Hee Kou Lai Sodhi |
Kubuddhi Na Jaai Jeev Ki, Bhawai Swambh Rahou Pramodhi ||

A man of lust won’t like nectar. He always searches poison. Even if God Shiv himself exhorts a fool, the fool won’t part with his foolishness.

Kaami Lajya Na Karai, Man Maahe Ahilaad |
Neend Na Magai Santhra, Bhookh Na Magai Swaad ||

A person in a grip of passion won’t feel shame. He who is very sleepy doesn’t care for the bed and one who is very hungry is least bothered about his taste preference.

Gyaani Mool Gawaiya, Aapan Bhaye Karta |
Taathe Sansari Bhala, Man Me Rahai Darta ||

A person who thinks that he has gained knowledge has lost his roots. Now he thinks that he is as omnipotent as God. A person engaged in a household life is better as he at least fears God.

Ihi Udar Kai Karne, Jag Jachyo Nis Jaam |
Swami-Pano Jo Seeri Chadhyo, Saryo Na Eko Kaam ||

A person who renounces world puts himself to trouble day and night as he is worried about his meals. He also thinks that he is the lord and calls himself Swami. Thus he loses on both the counts.

Swami Hua Seetka, Paikakaar Pachaas |
Raamnaam Kathai Rahya, Karai Sisha Ki Aas ||

There is a cheap crop of divine people. Fifty of them are available for one penny. They are least concerned about the name of Ram and have many expectations from their followers.

Kali Ka Swami Lobhiya, Peetli Dhari Khatai |
Raaj-Dubaara You Phirai, Jyu Harihai Gaai ||

In this Kali Age he who calls himself Swami has become greedy. He looks like a brass utensil with sour items. He seeks protection of the ruler just like a cow that rushes on seeing a green pasture.

Kali Ka Swami Lobhiya, Mansa Dhari Badhai |
Dehi Paisa Byaj Kou, Lekha Karta Jaai ||

The Swami of Kali Age expects many greetings. He lends money and is busy with the book keeping.

Brahman Guru Jagat Ka, Saadhu Ka Guru Naahi |
Urjhi-Purjhi Kari Mari Rahya, Chaariu Beda Maahi ||

A Brahmin may be a guru of the world but he is not a Guru of a good man. The Brahmin is always involved with the interpretation of Vedas and he dies doing that.

Chaturai Soovai Padhi, Soi Panjar Maahi |
Phiri Prmodhai Aan Kou, Aapan Samjhai Naahi ||

A parrot repeats whatever knowledge is taught but he doesn’t know how to set himself free from his cage. People have gained much knowledge today but they fail to set themselves free.

Teerath Kari Kari Jag Mua, Doonghe Paani Nhai |
Ramhi Raam Japantada, Kaal Ghasitya Jaai ||

People go to many places as pilgrims. They take bath at such places. They are always chanting name of God but still they are being dragged to death by time.

Kabeer Is Sansaar Kou, Samajhau Kai Baar |
Poonchh Jo Pakdai Bhed Ki, Utrya Chahai Paar ||

Kabir is fed up with telling people that they should shun foolish means of worshiping. People think that they will cross the ocean of transmigration by holding to a sheep’s tail.

Kabeer Man Phulya Phire, Karta Hu Mai Dhamma |
Koti Kram Siri Le Chalya, Chet Na Dekhai Bhram ||

Kabir says that people swell with the thought that so much merit is being earned. They fail to see that they have created many action seeds due to such ego. They should wake up and remove this delusion.

Kabeer Bhaathi Kalal Kee, Bahutak Baithe Aai |
Sir Soupe Soi Pewai, Nahi Taou Piya Na Jaai ||

Welcome to the nectar shop. There are many sitting over. One should hand over one’s head and get a glass of nectar.

Kabir Hari Ras Yo Piya, Baaki Rahi Na Thaaki |
Paaka Kalas Kumbhar Ka, Bahuri Na Chadhai Chaaki ||

Kabir savored the juice of devotion. There is no flavor other than devotion now. Once a pitcher makes his pot and bakes it, that pot again can’t be put on the wheel.

Hari-Ras Peeya Jaaniye, Je Kabahu Na Jaai Khumaar |
Maimanta Ghoomat Rahai, Naahi Tan Kee Saar ||

Those who savor the juice of devotion live in that flavor forever. They don’t have ego and are least bothered about sensual pleasures.

Sabai Rasayan Mai Kiya, Hari Saa Aur Na Koi |
Til Ik Ghat Me Sancharai, Tou Sab Tan Kanchan Hoi ||

I tried many elixirs, I got the highest pleasure after taking the path of devotion. If one treads path of devotion for a while, one experiences a golden transformation.

Kabir Maya Papini, Phandh Le Baithi Haati |
Sab Jag Tou Phandhe Padya, Gaya Kabeera Kaati ||

Delusion is the origin of all sins. The noose of Delusion is there at the market place where all deals are taking place. One and all are tied in the noose. Kabir has cut the noose of delusion.

Trisnaa Seenchee Na Bujhai, Din Din Badhti Jaai |
Jawaasaa Ke Rush Jyoon, Ghan Meha Kumilai ||

The cravings won’t cease to grow when watered with fulfillment. There is bush that lowers when it rains and grows back there after.

Kabeer Jag Ki Ko Kahai, Bhoujli Bude Daas |
Paarbrahm Pati Chhadi Kari, Karai Maani Kee Aas ||

Kabir says forget the common people even the devotees sink. They ignore that all pervading consciousness and seek recognition from people.

Kabeer Is Sansar Ka, Jhootha Maya Moh |
Jihi Ghari Jita Badhaawna, Tihi Ghari Tita Andoh ||

Kabir says that infatuation is so futile. A family that has more births also has more deaths.

Bugli Neer Bitaliya, Saayar Chadhya Kalank |
Aur Pakheru Pee Gaye, Hans Na Bove Chanch ||

A heron sips a drop of water and blemishes the ocean. Other birds still sip but swan has never put back its beak there.

Kabeer Maya Jini Mile, Sou Bariya De Baah |
Naarad Se Muniyar Mile, Kiso Bharosou Tyah ||

Don’t lose balance if delusion invites you with open arms. A sage like Narad has fallen prey to delusion, who else can trust delusion?

Jaisi Mukh Tai Neeksai, Taise Chalai Chaal |
Paarbrahm Neda Rahai, Pal Me Karai Nihaal ||

You should do what you say. If do that God is there to take care.

Pad Gaae Man Harshiya, Saashi Kahya Anand |
So Tat Naav Na Jaaniyaa, Gal Me Padiya Phand ||

People recite poems and become happy. They stage the glimpses and become joyful. One should understand the essence of remembering God. Otherwise there will be a noose of death round the neck.

Mai Jaanyu Padhibou Bhalo, Padhba The Bhalou Jog |
Raam-Naam Soo Preeti Kari, Bhal Bhal Neendou Log ||

I know acquiring knowledge is great. Yoga is better than acquiring knowledge. I have developed love with the name of Ram. I will maintain my love even if people scold me.

Kabeer Padhibo Doori Kari, Pustak Dei Bahaai |
Baawan Aashir Sodhi Kari, Rarai Mamai Chitt Laai ||

Kabir has stopped learning now. He has offered all his books to a river. He has taken two alphabets RAM very close to his heart.

Karta Deesai Keertan, Uncha Kari-Kari Tund |
Jaane-Bujhai Kuchh Nahi, Youhi Aadhaa Roond ||

He seems to be doing a dance for worshipping God. He is raising his head again and again. He understands nothing and looks like a headless ghost.

Lekhaa Denaa Sohra, Je Dil Sanchaa Hoi |
Us Change Deewan Me, Pala Na Pakadai Koi ||

It is very easy to work out the balance, to work out how much you have to pay and how much to receive. One who is truthful need not be concerned that his neck will be tied a noose on the day of reckoning.

Saanch Kahu To Maarihai, Jhoote Jag Patiyaaee |
Yah Jag Kaali Kookri, Jo Chhedai To Khaay ||

If I speak the truth people thrash me. If I lie people trust me. This world is like a black bitch that bites if teased.

Yahu Sab Jhooti Bandigee, Bariya Panch Niwaj |
Saanchai Maare Jhooth Padhi, Kaaji Karai Akaaj ||

If you are not truthful your efforts are all worthless. Your worship is absurd and your offering prayers five times a day is also absurd.

Prem Preeti Ka Cholna, Pahiri Kabira Naach |
Tan-Man Taapar Waarhoo, Jo Koi Bolai Saanch ||

Kabir dances wearing robes of love. He is ready to offer his mind and body to those who are truthful.

Kaaji Mulla Bhramiyaa, Chalya Duni Kai Saath |
Dil Thai Deen Bisariya, Karad Lai Jab Haath ||

The kajis and mullas are utterly confused. They are keeping the world in good humor. They are not concerned for the poor and they are holding a knife in their hands.

Saai Seti Choriya, Chora Seti Gujh |
Jaanengaa Re Jeevna, Maar Padaigi Tujh ||

You are hiding from God and accompanying thieves in their work. You will come to know when the justice is done.

Khoob Khaand Hai Kheechdi, Maahi Padya Tuk Loon |
Peda Roti Khaai Kari, Gal Kataawe Koon ||

Kabir likes preparation made of coarse grain. He won’t die earlier eating sweets daily.

Jeti Dekhou Aatma, Teta Saaligraam |
Saadhoo Pratshi Dev Hai, Nahi Paathar Soo Kaam ||

Wherever I see a soul I see God. A saint and not a stone is my God.

Teerath To Sab Beladi, Sab Jag Melya Chhai |
Kabeer Mool Nikandiya, Koun Halaahal Khaai ||

Kabir says don’t go on pilgrimage with some short-cuts in mind. One should be truthful and good.

Man Mathura Dil Dwarika, Kaayaa Kaasi Jaani |
Daswa Dwara Dehura, Taame Joti Pichhani ||

My mind is my Mathura. My body is Kashi. I have also identified the 10th chakra and seen the divine light.

Jeta Meetha Bolna, Teta Saadh Na Jaani |
Pahli Thaah Dikhaai Kari, Udai Desi Aani ||

There is no need to believe that a person with sweet words is a sage. One should guard against such wrong conclusions.

Ujjwal Dekhi Na Dheejiye, Bag Jyu Maandai Dhyaan |
Dhoure Baithi Chaptesi, Yoo Le Budai Gyaan ||

If one considers white color a mark of purity one may consider a heron to be very pious. A heron sits still and traps creatures that are fooled by its stillness. One should not draw wrong conclusions with gross knowledge like white stands for purity, stillness for meditation etc.

Kabeer Sangati Saadh Kee, Begi Kareejai Jaai |
Durmati Doori Gawaaisi, Desi Sumati Bataai ||

One should speedily get into the company of good. Good people remove our delusion and give us the right vision.

Mathura Jaau Bhawai Dwarika, Bhawai Jaau Jagnaath |
Saadh Sangati Hari Bhagti Bin, Kachhoo Na Aawai Haath ||

You may visit Dwarka, Jagganath and other sacred places but you should bear in mind that you won’t gain anything without getting associated with good people.

Kabeer Ban Ban Me Phira, Kaarni Apnai Raam |
Raam Sareekhe Jan Mile, Tin Saare Sabre Kaam ||

Kabir went from woods to woods in search of Ram. He met good people like Ram and this served his purpose.

Jaani Boojhi Saanchhi Tajai, Karai Jhooth Soo Nehu |
Taaki Sangati Raamji, Supine Hee Jini Dehu ||

One should not get into the company of those who shun truth knowing it to be truth and like absurd things even in one’s dream.

Kabeer Taas Milai, Jaas Hiyaali Too Basai |
Nahitar Begi Uthai, Nit Ka Ganjan Ko Sahai ||

Kabir asks God to give him company of those people who have God in their hearts. Otherwise God may grant him death as he is fed up with the everyday pain now.

Harijan Seti Roosna, Sansaari Soo Het |
Te Nar Kade Na Neepjai, Jyu Kaalar Ka Khet ||

A person who takes umbrage with those who are good and has interest in those who always care for the material world may never be considered as a living creature.

Moorakh Sang Na Keejie, Loha Jali Na Tirai |
Kadli Seep Bhuwang Mukh, Ek Boond Tih Bhaai ||

There should not be any association with a fool. There are no chances that an iron will float on water. A rain drop takes different forms (camphor, pearl, poison in that order) if it associates with a kadali leaf, a shell, a snake’s mouth.

Maashi Gud Me Gadi Rahi, Pankh Rahi Laptaay |
Taali Peetai Siri Dhunai, Meethai Boi Maai ||

A fly sits on a pile of jaggery. Its wings stick there and it dies. So happens to a person who takes pleasure in sensual happiness.

Unche Kul Kya Janmiya, Je Karni Unch Na Hoi |
Sowaran Kalas Surai Bharya, Saadhu Nindya Soi ||

What is the point that you belong to a high class family if your action is not high class. A pot of gold containing liquor is not liked by saintly people.

Kabira Khaai Kot Ki, Paani Piwai Na Koi |
Jaai Milai Jab Gang Se, Tab Gangodak Hoi ||

None drinks water from a petty river. Its water assumes form of water of the river Ganga when that petty river unites with Ganga.

Kaajal Keri Kothdi, Taisa Yahu Sansaar |
Balihari Taa Daas Ki, Paisi Ra Niksanhaar ||

This world is like a storeroom of soot. Great is the devotee of God who escapes unblemished from here.

Kabeer Maaru Man Koo, Tuk-Tuk Hwai Jaai |
Vish Ki Kyaari Boi Kari, Lunat Kaha Pachhitaai ||

Kabir says that the mind should be controlled very meticulously. If we sow seeds of poisonous plants we are bound to get poisonous fruits.

Aasaa Ka Indhan Karu, Mansa Karu Bibhuti |
Jogi Pheri Phil Karu, You Binna Wo Sooti ||

I have burnt all my desires and applied that ash all over. Now I have become a monk and will continue with my regular activities.

Paani Hee Tai Paatla, Dhua Hee Tai Jheen |
Pawana Begi Utaawla, So Dosat Kabeer Keenh ||

Kabir knows that his mind flows more easily than water, it is more obscure than smoke and it moves faster than wind. Kabir has made his mind his friend now.

Kabir Turi Palaaniya, Chaabak Leeya Haathi |
Diwas Thakaa Saai Milou, Pichai Padihai Raati ||

Kabir rides a horse with a whip in hand. He wants to meet his Lord before it gets dark.

Maimanta Man Maari Re, Ghat Hee Maahe Gheri |
Jabhi Chaalai Peethi De, Ankus Dai-Dai Pheri ||

One should see that one’s mind is restrained and controlled. If it backtracks on the path of devotion it should be goaded and asked to march ahead.

Kaagad Keri Naav Ree, Paani Keri Gang |
Kahai Kabeer Kaise Tiru, Panch Kusangi Sang ||

Kabir says that he is riding a boat of paper and the surrounding water is as deep as Ganga. Kabir is puzzled as to how he should remain afloat when five evil people (five sense organs) are also accompanying him.

Manah Manorath Chhadi De, Tera Kiya Na Hoi |
Paani Me Gheev Neeksai, To Rukha Khai Na Koi ||

Kabir says that stop building castles in the air. Things won’t happen if you do that. If stirring water had yielded butter none would have eaten dry breads.

Kabeer Noubat Aapni, Din Das Lehu Bajai |
E Pur Paatan E Gali, Bahuri Na Dekhai Aai ||

Kabir says that you may blow your trumpet for few days. Thereafter you won’t see your town and lanes.

Jinke Noubati Baajti, Maingal Bandhate Baari |
Ekai Hari Ke Naav Bin, Gae Janam Sab Haari ||

Those who had beautiful musical notes playing at their palaces and who had elephants at their service, they lost everything in their life as they failed to meditate on God.

Ik Din Aisa Hoiga, Sab Soo Padai Bichhoh |
Raaja Raana Chhatrapati, Savdhaan Kin Hoi ||

Please listen O King, O Ruler, O Emperor. There will be a day when you will lose everything. Please be alert.

Bin Rakhwale Baahira, Chidiya Khaya Khet |
Aadha-Pardha Ubare, Cheti Sakai To Cheti ||

Your farm is open to all birds and all birds are feasting there. Please wake up and save whatever is remaining.

Kaha Kiya Ham Aai Kari, Kaha Kahenge Jaai |
It Ke Bhaye Na Ut Ke, Chaale Mool Gawai ||

What did I do coming here and what will I do going away. I neither belong to here nor there. It seems that I have lost my roots.

Nanha Katau Chitt De, Mahenge Mol Bikaai |
Gaahak Raaja Raam Hai, Aur Na Neda Aai ||

Make your mind as subtle as you can. You will get a very high price. Ram likes those who have very subtle mind; none else feels comfortable with a very subtle mind.

Mai-Mai Badi Balai Hai, Sakai To Nikso Bhaji |
Kab Lag Rakhou He Sakhi, Rui Lapeti Aagi ||

Don’t say ‘I’, ‘I’, it is better if you can run away leaving aside your ego. Dear friend as cotton is not safe when it surrounds fire, you won’t be safe if you have ego.

Maalaa Pahire Manmushi, Taathai Kachhu Na Hoi |
Man Maala Kou Pherta, Jag Ujiyaara Soi ||

There is no point in wearing a rosary. One should know how to turn one’ mind and illuminate the inner world.

Kabira Maala Man Ki, Aur Sansari Bhesh |
Maala Paharya Hari Milai, Tou Arhat Kai Gali Dekhi ||

One should control one’s mind like people rotate a rosary. One need not wear any special robes. If one becomes a devotee by rotating a rosary that should make bullocks that rotate a bucket wheel great devotees.

Maala Paharya Kuchh Nahi, Bhagati Na Aai Haath |
Mathou Moochh Mundai Kari, Chalya Jagat Ke Saath ||

What is the point in wearing a rosary if you have no devotion with you? There is no point in shaving head clean if your mind is engrossed with the material world.

Saai Seti Saanch Chali, Aura Soo Sudh Bhai |
Bhawai Lambe Kes Kari, Bhawai Ghurdi Mundai ||

You should have true devotion to God. You should be honest with people. It doesn’t matter whether you keep long hair or you shave your head clean.

Swang Pahari Sorha Bhaya, Khaya Peeya Khundi |
Jihi Seri Saadhu Neekle, So Tou Melhi Moondi ||

You have put robes of a holy man. You are always after delicious dishes. You have closed your eyes to the path that holy men tread.

Baisno Bhaya Tou Kya Bhaya, Boojha Nahi Babek |
Chhapa Tilak Banai Kari, Dagdhya Lok Anek ||

You call yourself a follower of Vishnu. You don’t have any discretion. You have made a mark on your forehead and your actions burn many people.

Pash Le Boodi Prithmi, Jhoothe Kul Kee Laar |
Alash Bisaryo Bhesh Mai, Boodi Kaali Dhaar ||

You remained stuck to your view. You are proud about the false grandeur of your family. You are more focused on how you look like and you have lost sight of God. You are drowned in the ocean of transmigration.

Chaturai Hari Naa Milai, E Baataa Ki Baat |
Ek Nisprehi Nirdhaar Ka, Gaahak Gopinaath ||

Let me tell you the point of many points. You won’t reach God by your cleverness. You need to lose your viewpoints and support bases if you want to be a true devotee like a gopi.

Nirbairi Nihkaamta, Saai Seti Neh |
Vishiyaa Soo Nyara Rahai, Santani Ka Ang Eh ||

One who is free from enmity, one who is free from lust, one who loves God, one who refrains from sensual pleasures is a devotee of God.

Sant Na Chhade Santai, Je Kotik Mile Asant |
Chandan Bhuwangaa Baithiyaa, Tau Seetalta Na Tajant ||

A holy man won’t become unholy in the company of innumerable wicked people. A sandalwood tree won’t lose its cool inspite of many snakes staying there.

Gaathi Daam Na Baandhai, Nahi Naari So Neh |
Kah Kabeer Ta Saadh Ki, Ham Charnan Ki Kheh ||

One who is not after making money, one who doesn’t look at a lady for deriving sensual pleasure, is a sage in the opinion of Kabir and Kabir bows at the feet of this sage.

Siho Ke Lehand Nahi, Hanso Ki Nahi Paat |
Laalo Ki Nahi Boriya, Saadh Na Chale Jamaat ||

There is no herd of lions. There is no line of swans. There is no gunny bag containing precious pearls. A holy man is never guided my herd mentality.

Kaam Milave Raam Koo, Je Koi Jaane Raakhi |
Kabir Bichaaraa Kya Kahai, Jaaki Sukhdev Bole Saakhi ||

If desire is good it may lead to Ram. This is not just what Kabir says Shukdev also tells the same thing.

Jihi Hirde Hari Aaiyaa, So Kyu Chhaanaa Hoi |
Jatan-Jatan Kari Dabiye, Tau Ujaalaa Soi ||

How can a person who has realized God in his heart remain in dark? You may do many tricks and try to surround a lamp with darkness but the lamp will illuminate its surroundings.

Phate Deedai Me Phirou, Najari Na Aavai Koi |
Jihi Ghati Mera Saaiya, So Kyo Chhaanaa Hoi ||

I am roaming place to place in search of a realized soul. One who has realized God is very easy to identify.

Paawakrupi Raam Hai, Ghati-Ghati Rahya Samaai |
Chit Chakmak Lagai Nahi, Taathe Dhua Hwai-Hwai Jaai ||

The fire of divinity is there in all beings in latent form. One who knows the technique lights that fire, others just produce a smoke.

Kabeer Khalik Jaagiya, Aur Na Jaage Koi |
Kai Jagai Bishai Vish-Bharya, Kai Daas Bandagi Hoi ||

Kabir says that God is always awake. No one else is awake always. At night a person indulging in sensual pleasures is awake or a devotee is awake.

Purpatan Suwas Basa, Aanand Thayai Thaai |
Raam-Sanehi Baahira, Uljand Mere Bhai ||

Those towns that are nicely planned and where lots of festivities are taking place are desolate in the eyes of Kabir if they are not inhabited by the devotees of Ram.

Jihi Ghari Saadh Na Pooji, Hari Ki Sewa Naahi |
Te Ghar Madghat Sarshe, Bhoot Basai Tin Maahi ||

Houses where a holy man is not respected and God is not worshipped are like a crematorium inhabited by ghosts.

Kyu Nrup-Naari Neendiye, Kyu Panihaari Kou Maan |
Wa Maang Sawaare Peev Kou, Ya Nit Uthi Sumirai Raam ||

A queen is inferior to a lady that works as a housemaid at the residence of a holy person. Why? A queen decorates herself for her husband and the housemaid due to pious association remembers Ram.

Kabir Dubidha Doori Kari, Ek Ang Hwai Laagi |
Yahu Seetal Bahu Tapti Hai, Dou Kahiye Aagi ||

Kabir says that extremes are painful. Too hot and too cold are not good.

Dukhiya Muwa Dukh Kou, Sukhiya Sukh Kou Jhuri |
Sada Anandi Raan Ke, Jini Sukh Dukh Melhe Doori ||

A miserable man is suffering from miseries. A joyful man craves for joy. The followers of Ram are ever blissful as they rise above misery and joy.

Kaabaa Phir Kaasi Bhayaa, Raam Bhayaa Re Raheem |
Mot Choon Maida Bhaya, Baithi Kabeera Jeem ||

Kabir doesn’t see any difference between Kaba and Kashi. He doesn’t see any difference between Ram and Rahim. He is not bothered about the gross differences but he has satiated himself by understanding subtle similarities.

Rachnahaar Koo Cheenhi Lai, Khaibe Koo Kaha Roi |
Dil Mandir Mai Paisi Kari, Taani Pachhevda Soi ||

Why are you weeping? Can’t you see God? You should focus your entire mind on him and go to sleep.

Kabeer Ka Tu Chitvai, Ka Tera Chyantya Hoi |
Anchantya Hariji Karai, Jo Tohi Chyant Na Hoi ||

What for you are worried? What will you gain by worrying? God will remove all your worries and he will do more than what you care.

Maani Mahaatam Prem-Ras, Garwatan Gun Neh |
E Sabhi Ahla Gayaa, Jabhi Kahya Kuchh Deh ||

Recognition, greatness, love, affinity, grandeur, virtue, liking, all this is gone for the one who asks for a favor.

Mangan Maran Samaan Hai, Birla Banchai Koi |
Kahai Kabeer Raghunath Soo, Mati Re Mangaavai Mohi ||

Asking for a favor is like dying. He is very rare who doesn’t die like this. Kabir says O My Lord Ram, please don’t make me ask for a favor.

Kabir Sab Jag Handiya, Maandal Kandhi Chadhaai |
Hari Bin Apna Kou Nahi, Dekhe Thoki Bajaai ||

Kabir searched the whole world and concluded that there is none else than God to take care.

Gagan Damama Baajiya, Padya Nisaanai Ghaaw |
Khet Buhaarya Soorimai, Mujh Marne Ka Chaav ||

The skies are full of clarion calls. I am fully prepared for the battle and ready to die.

Kabeer Soi Soorma, Man Soo Madai Jhoojh |
Panch Payaadaa Paadi Le, Doori Karai Sab Dooj ||

Kabir says he is the great warrior who fights his mind. He defeats the five soldiers i.e. desire, anger, greed, infatuation and jealousy and breaks all barriers of division.

Kabeer Sansa Kou Nahi, Hari Soo Laaggaa Het |
Kaam Krodh Soo Jhoojhna, Chaudai Mandya Khet ||

Kabir is not confused now. He has developed his interest in God. He will fight his lust and anger now and he has made it an open battle now.

Soora Tabhi Parshiye, Lade Dhani Ke Het |
Purija-Purija Hwai Padai, Tau Na Chhade Khet ||

A real warrior clears his test of valiance when he serves his master. He doesn’t run away from a battlefield even if he is torn to pieces.

Ab To Jhoojhya Hee Banai, Mudi Chalya Ghar Door |
Sir Saahib Kou Soupta, Soch Na Keejai Soor ||

Now one has to fight as the home is left far behind and there is no point in going back. One has to keep all thoughts away and hand over his head to his master.

Kaayar Bahut Pamaawhi, Bahki Na Bolai Soor |
Kaam Padya Hi Jaaniye, Kis Mukh Pari Hai Noor ||

Those who are coward speak a lot. Those who are brave make their actions speak. When the day of reckoning comes one comes to know who shines with a divine light.

Kabeer Nij Ghar Prem Ka, Maarag Agam Agaadh |
Sees Utaari Pag Tali Dharai, Tab Nikat Prem Ka Swaad ||

Kabir says that the abode of love is self. The path of love is difficult and infinite. Those who have grounded their ego with their feet know flavor of love.

Kabeer Hari Sabkoo Bhajai, Hari Koo Bhajai Na Koi |
Jablag Aas Sareer Ki, Tablag Daas Na Hoi ||

God remembers everyone. No one remembers God. One who takes delight in sensual pleasures can’t have any devotion in his mind.

Jeewan The Maribo Bhalou, Jo Mari Jaane Koi |
Marnai Pahali Je Marai, To Kali Ajraawar Hoi ||

It is better to die than being alive if someone knows how to die. Those who die before death become immortal.

Aapaa Metya Hari Mile, Hari Metya Sab Jaai |
Akath Kahani Prem Ki, Kahya Na Koi Patyai ||

When ego ends God appears. If God is lost sight of everything ends. The saga of love is beyond all words. Who can tell that experience?

Roda Hwai Raho Baat Ka, Taji Paashand Abhmaan |
Aisa Je jan Hwai Rahai, Taahi Milai Bhagwaan ||

You should be like a petty stone on the road. You should renounce all deceit and ego. He, who becomes like this, reaches divinity.

Abran Kou Ka Barniye, Mopai Lakhya Na Jaai |
Apna Baana Vaahiya, Kahi Kahi Thaake Maai ||

How can I describe something that is beyond all descriptions? Those who have tried to do that have created their own version.

Jhal Bawai Jhal Daahinai, Jhalhi Maahi Vyouhaar |
Aage Peechhe Jhalmai, Raakhe Sirjan Haar ||

There is fire at the left and at the right. All deals are engulfed by fire. There is fire in the front and at the back. Only God can protect from the fire all round.

Saai Mera Baaniyaa, Sahaji Karai Vyoupaar |
Bin Daandi Bin Paaldai, Tole Sab Sansaar ||

My Lord is a trader. Look at what ease he makes deals. He doesn’t have any weighing machine but knows the right weight.

Saai Soo Sab Hot Hai, Badai Thai Kuchh Nahi |
Raai Thai Parbat Kashai, Parbat Raai Maahi ||

God accomplishes everything. A man nothing. A particle becomes a mount and a mount becomes a particle.

Kabeer Hari Ke Naav Soo, Preeti Rahai Iktaar |
To Mukh Tai Moti Jhadai, Heere Ant Na Phaar ||

If one has love with the name of God, he casts pearls when he speaks and there will be innumerable diamonds.

Koi Ek Raakhe Saavdhaa, Chetni Paharai Jaagi |
Bastar Baasan Soo Khisai, Chor Na Sakai Laagi ||

He who keeps vigil and remains awake protects his belongings from thieves.

Bolat Hi Pahichaanie, Saahu Chor Ko Ghaat |
Antar Ki Karni Sabai, Niksai Mukh Ki Baat ||

You come to know whether one is a rich man or a thief on the basis of his words. One speaks words compatible with one’s mindset.

Paai Padarath Peli Kari, Kankar Leeya Haathi |
Jodi Bichhti Hans Ki, Padya Bagaa Ke Saathi ||

One should not keep stones and throw pearls away. One should not part with a swan and get into a company of a heron.

Baari Baari Aapni, Chale Piyaare Myant |
Teri Baari Re Jiya, Nedi Aavai Nit ||

All my friends are departing one by one from this world. My turn is not far away.

Jo Ugya So Aathwai, Phulya So Kumilaai |
Jo Chiniya So Dhahi Padai, Jo Aaya So Jaai ||

One that rises is bound to set. One that blooms is bound to wither. One that is erected is bound to collapse. One that comes has to go.

Govyand Ke Gun Bahut Hai, Likhe Ju Hirdai Maahi |
Darta Paani Na Peeu, Mati Wai Dhoye Jaahi ||

I have written many virtues of God on my heart. I fear while drinking water as what I have written may wash out.

Nyandak Door Na Keejiye, Deejai Aadar Maan |
Nirmal Tan Man Sab Karai, Baki Baki Aanhi Aan ||

Don’t run away from a person who censures you. Rather you should give him honour and respect. He will cleanse your body and mind as he will keep on babbling identifying all your shortcomings.

Karta Kere Bahut Gun, Augun Koi Naahi |
Jo Dil Kojou Aapnou, Tou Sab Augun Mujh Mahi ||

God is a reservoir of infinite virtue. I don’t have any. I searched my mind and knew that all vice is rooted in ego.

Seetalta Tab Jaaniye, Samita Rahai Samaai |
Pash Chhade Nirpash Rahai, Sabad Na Deshya Jaai ||

He who has equanimity of mind is said to be cool. He doesn’t commit himself to a faction and never utters a word of jealousy.

Kabeer Sirjanhaar Bin, Mera Hitu Na Koi |
Gun Augun Bihde Nahi, Swaarath Bandhi Loi ||

Kabir has no other interest. He is interested only in God. God doesn’t care for merit and demerit. The world cares for merit and demerit as it has its own vested interest.

Neer Piyawat Ka Phirai, Saayar Ghar-Ghar Baari |
Jo Trishaawant Hoiga, So Peevega Jhakhmari ||

There is no need to explain divinity by approaching people at their home. If people have thirst for divinity they will understand the divine on their own.

Kya Mukh Lai Binati Karou, Laaj Aawat Hai Mohi |
Tum Dekhat Augun Karou, Kaise Bhavo Tohi ||

With what face should I make any request. I feel ashamed. You can see that I make mistakes, still you like me?

Surti Karou Mere Saaiyaa, Ham Hai Bhoujal Maahi |
Aape Hi Bahi Jaahige, Jou Nahi Pakrou Baahi ||

My God please remember me. I am passing though the ocean of transmigration. If you don’t hold my hand, I will get drowned.

Aphorisms of Chanakya Sutra 451 to 571 (Only English and Hindi Translation)

Aphorism 451

The land where water is easily available is better for agriculture.

वह भूमि जंहा पानी प्रचुर मात्र में उपलब्ध है खेती के लिए अच्छी है.

Aphorism 452

One should not cause anger to a giant elephant by using petty castor.

किसी भी शुद्र वास्तु का प्रयोग करके एक महाकाय हाथी को क्रोधित ना करे.

Aphorism 453

A bondage of an elephant should be compatible with it’s strength.

हाथी का बंधन उसकी ताकत के अनुरूप होना चाहिए.

Aphorism 454

A kanher can’t be used as a beater irrespective of it’s length and thickness.

कान्हेर यदि मोटा और लम्बा भी है तो भी मुसल का काम नहीं कर सकता.

Aphorism 455

A firefly can’t be used for creating fire whatever may be it’s shine.

एक जुगनू कितना भी चमके उससे आग नहीं मिल सकती.

Aphorism 456

If someone flourishes in some areas that doesn’t mean that he has virtue or dedication.

यदि किसीकी किसी क्षेत्र में उन्नति होती है तो यह आवश्यक नहीं की उसके पास गुण और समर्पण है.

Aphorism 457

A very old bark of a neem tree can’t be used for making a knife. An evil remains useless irrespective of how old he grows.

एक पुराने नीम के पेड़ की छाल भी चाकू बनाने के काम नहीं आ सकती. दुष्ट किसी भी काम का नहीं रहता वह कितनी भी उम्र का क्यों न हो जाए.

Aphorism 458

One reaps what he sows.

हमें वही मिलेगा जो हमने बोया है.

Aphorism 459

One’s intellect is conditioned by one’s learning.

व्यक्ति की बुद्धि वह जो विद्या ग्रहण करता है उसके अनुरूप ढलती है.

Aphorism 460

One’s conduct is the reflection of one’s family.

हमारा व्यहवार हमारे कुल की ओर संकेत करता है.

Aphorism 461

A neem tree won’t become a mango tree irrespective of applying jaggery all over. Whatever discourse etc a bad person recieves he sticks to his meanness.

एक नीम का वृक्ष उसपर गुड छिड़कने से भी आम का नहीं हो जाता. एक बुरा आदमी उसे चाहे जो सीख दे दो बुराई नहीं छोड़ता.

Aphorism 462

A certain little is better than an uncertain plenty.

एक निश्चित थोडा एक अनिश्चित बहोत से बेहतर है.

Aphorism 463

One himself is the cause of one’s misery and not others.

व्यक्ति स्वयं ही उसके दुःख का कारण है, दुसरे नहीं.

Aphorism 464

One should not travel in dark.

हम अँधेरे में कही ना जाये.

Aphorism 465

One should not go to sleep past mid-night.

आधी रात ढल जाने के बाद नींद के लिए सोना उचित नहीं. उससे पहले ही सो जाए.

Aphorism 466

When should one sleep, get up, eat, start journey all these things should be learnt from elders in the family or the intelligent people having experience.

हम कब सोये, उठे, खाए, सफ़र पर जाए ये सब बाते बुजुर्गो से सीख ले. या किसी अनुभवी अकलमंद आदमी से सीख ले.

Aphorism 467

One should not enter someone’s house without necessary approval or reason.

किसी दुसरे के घर में बिना अधिकार या कारण के नहीं जाना चाहिए.

Aphorism 468

People understand well by their intellect that they are not doing a good work. Still they don’t desist from doing wrong.

लोग अपनी बुद्धि से समझ जाते है की वे कोई सही काम नहीं कर रहे. लेकिन वो गलत काम करने से बाज नहीं आते.

Aphorism 469

Whatever custom people follow have been developed on the basis of scriptures.

लोग जो प्रथा निभाते है वो शास्त्रों के आधार पर ही बनी है.

Aphorism 470

One should follow what good people do if one is not able to understand scriptures.

हमें यदि शास्त्र वचन नहीं समझता है तो अच्छे लोगो का अनुकरण करे.

Aphorism 471

A scripture is not more significant than good conduct.

सदाचार से शास्त्र बड़ा नहीं है.

Aphorism 472

A King knows far away developments as if he is watching everything with his eyes on the basis of information received from his spies.

राजा को बहुत दूर क्या हो रहा है पता चलता है. मानो उसकी आँख से ही दिखता है. अपने जासूसों से प्राप्त जानकारी के आधार पर वह यह कर सकता है.

Aphorism 473

Common people have herd mentality.

सामान्य लोगो में भेड़ो की चाल चलने की आदत होती है.

Aphorism 474

One should never despise one’s means of livelihood.

व्यक्ति अपनी उपजीविका के साधन की घृणा ना करे.

Aphorism 475

The ultimate fruit of austerities is sense restraint.

तप का अंतिम फल इन्द्रिय निग्रह है.

Aphorism 476

It needs a high level of will power and austerities when one is enticed by sexual pleasures.

आदमी को तपोबल ही यौन सुख की तृष्णा से बचा सकता है.

Aphorism 477

Sexual passions leads to evil outcomes.

वासना का परिणाम अशुभ होता है.

Aphorism 478 – 479

One should not approach sex for deriving pleasures but for discharging one’s responsibilities.

स्त्री पुरुष सम्बन्ध हीन आनंद पाने के लिए नहीं जिम्मेदारी को निभाने के लिए हो.

Aphorism 480

Those who work for social good should rise above sensual pleasures.

जिन्हें समाज का भला करना है वे शारीर सुख से ऊपर उठे.

Aphorism 481

He is the knower of Vedas who knows the outcome of his austerities.

जिसे अपने तप का फल पता है वह वेदों को जाननेवाला है.

Aphorism 482

There is no permanent place for anyone in heaven. One enjoys stay in heaven as long as one’s stock of merit is not exhausted.

स्वर्ग में किसीके लिए स्थायी जगह नहीं. सिर्फ तब तक स्वर्ग में रह सकता है जब तक पुण्य ख़तम नहीं हो जाते.

स्वर्गस्थानम न शाश्वतं.

Aphorism 483

There is no grief for a common man greater than losing physical comforts and happiness.

एक सामान्य आदमी के लिए शारीर के आराम और सुख को खोने से बड़ा कोई दुःख नहीं.

Aphorism 484

A person has so much attachment with his body that he won’t agree to lose that even if he is offered status of Indra.

आदमी को अपने शारीर से जबरदस्त आसक्ति होती है. यदि उसे कहा जाए की शरीर के बदले इंद्र पद ले लो तो वह मना कर दे.

Aphorism 485

Salvation is the only remedy for all unhappiness.

मुक्ति ही सभी दुखो की दवा है.

Aphorism 486

A noble person as an enemy is better than an ignoble person as a friend.

एक दुष्ट का मित्र होने से एक सज्जन का शत्रु होना अच्छा.

Aphorism 487

Our family loses glory if we speak bad words.

यदि हम बुरे वचन कहते है तो घर का मान घटता है.

Aphorism 488

In all worldly happiness birth of son is the highest.

दुनिया की सभी खुशीयों में पुत्र जन्म सर्वश्रेष्ठ है.

Aphorism 489

Don’t forget righteousness when you are in conflicts. One should abide by righteousness when conflicts arise.

आप सदाचार ना भूले जब आप विवादों में है. जब भी विवाद हो सदाचार से जुड़े रहे.

Aphorism 490

One should plan all day’s work after rising early in the morning.

हम ब्रह्म मुहूर्त में उठकर दिनभर के कामो की योजना बनाये.

Aphorism 491 and 492

He whose doom is not far away doesn’t abide by good conduct.

जिसका विनाश निकट है वह सदाचार का पालन नहीं करता.

Aphorism 493

One who is in need of milk should not keep an elephant.

जिसे दूध चाहिए वह हाथी ना पाले.

Aphorism 494

If you want to win over people do charity to them.

यदि आप लोगो को जीतना चाहते हो तो उनका भला करो.

Aphorism 495

One should not be impatient one wants to get something from others.

यदि आपको दुसरो से कुछ चाहिए तो धीरज ना खोये.

Aphorism 496

If you earn something by foul means that can’t be used for something good.

यदि आप गलत मार्ग से कुछ पाते है तो उसका सदुपयोग नहीं कर सकते.

Aphorism 497

Only a crow can eat a bitter fruit.

एक कौवा ही एक कड़वा फल खा सकता है.

Aphorism 498

One should not think that a huge wealth will be of great use. Whether water of a great ocean can be used for drinking purpose.

आप को ऐसा नहीं समझना चाहिए की अपार संपत्ति आपके बहोत काम आएगी. क्या अपार समुद्र का पानी किसीको पिने के काम आता है.

Aphorism 499

As a grain of sand maintains it’s hardness and distinct identity a vile person maintains his ego and doesn’t mix with people.

एक बालू का कण जैसे सख्त और बिलग बना रहता है, वैसे ही दुष्ट व्यक्ति अपने अहंकार को बनाये रखता है और लोगो से घुल मिल नहीं जाता.

Aphorism 500

Good people don’t mix much with vile people.

अच्छे लोग दुष्टों के साथ बहोत ज्यादा नहीं मिलते है.

Aphorism 501

A swan is never comfortable in a crematorium. Similarly good people don’t like company of vile.

एक हंस स्मशान में सुखपूर्वक नहीं रह सकता. उसीतरह अच्छे लोग दुष्टों की संगती पसंद नहीं करते.

Aphorism 502

The whole world is engaged in action to make money.

पूरी दुनिया पैसा बनाने के लिए काम करती है.

Aphorism 503

Those who don’t have discretion think that their desires should be fulfilled anyhow. They don’t care about their duties and lose patience.

जिन्हें विवेक नहीं होता उन्हें लगता है की उनकी इच्छा कुछ भी करके पूरी हो जाए. उन्हें अपने कर्त्तव्य का ध्यान नहीं रहता और वे धैर्य खो देते है.

Aphorism 504

Those who are ruled by desires are devoid of wealth.

जो वासना के अधीन होते है उनके पास कोई सम्पदा नहीं होती.

Aphorism 505

Those ruled by desires don’t have patience backed by stability of mind.

जो वासना के अधीन होते है उनके पास मन की स्थिरता नहीं होती और उससे मिलने वाला धीरज भी नहीं होता.

Aphorism 506

It is better to die than to live a deprived life.

एक निर्धन का जीवन जीने से बेहतर है की मर जाए.

Aphorism 507

Desires destroy all diffidence and probity. Desires stoke the fire of greed.

वासना शर्म और निति को नष्ट करती है. वासना लोभ की अग्नि को भड़काती है.

Aphorism 508 509

One should not praise oneself.

व्यक्ति खुदकी प्रशंसा ना करे.

Aphorism 510

One should not sleep during the day.

दिन में ना सोये.

Aphorism 511

Those who are intoxicated by wealth don’t listen to good advice from competent well-wishers.

जिन्हें पैसे की मस्ती होती है वो लोग अधिकारी शुभ-चिंतको की सलाह नहीं मानते.

Aphorism 512

A good woman regards her husband as most pious and sacred.

एक अच्छी औरत पति को पुण्यात्मा मानती है.

Aphorism 513

If a woman supports her husband in righteousness that leads to happiness and prosperity of the whole family.

यदि पत्नी धर्म की राह पर पति का साथ दे तो घर को ख़ुशी और सम्पन्नता से भर सकती है.

Aphorism 514

One should respect guests coming all of a sudden and guests coming with a prior notice.

हम सभी मेहमानों का सम्मान करे, बिना बताये आने वाले और बता कर आने वाले.

Aphorism 515

A charity done to an eligible donee never goes in vain.

एक पात्र को जो दान दिया जाता है वो कभी व्यर्थ नहीं जाता.

Aphorism 516

If there arises any defect in the intelligence one considers one’s enemy as one’s friend.

जब आदमी की बुद्धि में छिद्र आता है तो अपने दुश्मन को अपना मित्र समझता है.

Aphorism 517

A mirage is not water. Sensual pleasure is not happiness.

मृग तृष्णा जल नहीं है. इन्द्रिय सुख सुख नहीं है.

Aphorism 518

Those who don’t have rigtheousness write fake books.

जिनमे सदाचार नहीं है वे सारहीन किताबे लिखते है.

Aphorism 519

An association with a saintly person gives heavenly pleasure.

संतो के संग से स्वर्ग सुख की प्राप्ति होती है.

Aphorism 520

Good people behave the way they ask others to behave.

सज्जन वैसा ही आचरण करते है जैसा दुसरो से कहते है.

Aphorism 521

Appearance is the reflection of one’s virtue.

हमारी प्रतीति हमारे गुणों का दर्पण है.

Aphorism 522

One should reside at a place where there are comforts.

उस जगह रहे जहा सुविधाए है.

Aphorism 523

There is no deliverance for a treacherous person.

एक दगाबाज आदमी की नरक से मुक्ति संभव नहीं.

Aphorism 524

One should not get worried for the things happening in the course of destiny.

जो भाग्य से हो गया उसके बारे में बहुत चिंता ना करे.

Aphorism 525

A good person considers problems faced by others as his own problems and takes efforts for solving their problems as he would have done for himself.

एक अच्छा व्यक्ति दुसरो की परेशानियों को अपनी परेशानी मानता है. उनकी परेशानियों से निपटने के लिए वो उतने ही कष्ट लेता है जितने खुदकी परेशानियों से निपटने के लिए.

Aphorism 526

Those who are evil will hide their meanness and will only speak sweet words.

जो दुष्ट है वे खुदकी नीचता छुपायेंगे और सिफ मीठा मीठा बोलेंगे.

Aphorism 527

A foolish person deserves hatred.

मुर्ख व्यक्ति घृणा का पात्र है.

Aphorism 528

One should not move without having necessary weapons to protect oneself.

हम जब चले तो आत्म सुरक्षा के लिए हथियार पास रखे.

Aphorism 529

One should never praise one’s child.

एक पिता अपने लड़के की प्रशंसा ना करे.

Aphorism 530

Servants talk about the goodness of their master amidst people to make him popular.

सेवकजन अपने स्वामी के शुभ कर्मो की लोगो में प्रशंसा करते है जिससे स्वामी प्रसिद्ध हो जाए.

Aphorism 531

Whenever dependent people do something good they attribute their work to their master.

जब भी परावलम्बी लोग कुछ अच्छा करते है तो स्वामी को श्रेय देते है.

Aphorism 532

One should not make unreasonable delay in executing the King’s commands.

राजा की आज्ञा का पालन करने में अकारण विलम्ब ना करे.

Aphorism 533

One should execute King’s commands to the best of one’s abilities.

राजा की आज्ञा का पालन अपनी योग्यता को पूर्ण इस्तेमाल करते हुए करे.

Aphorism 534

Those who are intelligent don’t have any enemies.

जो बुद्धिमान होते है उनके कोई शत्रु नहीं होते.

Aphorism 535

If you feel that some defect is about to set in your yourself you should not disclose it to others and try to rectify it.

यदि आप पाते है की आपके व्यक्तित्व में कुछ कमजोरी आ गयी है तो किसी को ना बताये और उसे दूर करे.

Aphorism 536

One who demonstrates forgiveness performs his work successfully.

जो क्षमाशील है वह अपना काम सफलता से करता है.

Aphorism 537

One should preserve some wealth for unforeseen contingencies.

आगे आने वाली विपदा के लिए कुछ धन का संचय करना चाहिए.

Aphorism 538

One should join those who are walking the path of truth.

उनके साथ चले जो सत्य की राह पर चल रहे है.

Aphorism 539

There is no need to postpone today’s work tomorrow.

आज के काम को कल पर ना टाले .

Aphorism 540

One should complete work to be done by noon in the morning itself.

जो काम दोपहरतक करना है उसे सुबह ही कर ले.

Aphorism 541

The righteousness should be practical.

सदाचार व्यवहार्य होना चाहिए. हमें सदाचार को व्यवहार में ढालते आना चाहिए.

Aphorism 542

One who understands people on the basis of one’s sharp intelligence should be considered as all knowing.

जिसे अपनी बुद्धि के बल पर लोगो को समझने की योग्यता है वह सर्वज्ञ है.

Aphorism 543

One who fails to understand people is a fool inspite of knowing scriptures.

जो लोगो को नहीं समझ सकता वह शास्त्रों का ज्ञाता होने के बावजूद भी मुर्ख है.

Aphorism 544

The knowledge of sriptures should enable one understand things here and in the next world.

शास्त्रों के अध्ययन से हमें इस जीवन को और अगले जीवन को समझने का ज्ञान मिलना चाहिए.

Aphorism 545

The power of discrimination that discerns good from bad illuminates the action.

वह विवेक जो अच्छे को बुरे से परखने की दृष्टी देता है कर्म को प्रकाशित करता है.

Aphorism 546

Don’t favour one at the cost of other.

पक्षपात न करे.

Aphorism 547

Performance ranks higher than righteousness.

व्यहवार धर्म से श्रेष्ठ है.

Aphorism 548

The soul is the witness of performance.

आत्मा व्यहवार को देखता है.

Aphorism 549

Soul is the witness for everything that happens.

आत्मा सबकुछ देखता है.

Aphorism 550

One should not be a false witness.

हम कही झूठे गवाह ना बन जाए.

Aphorism 551

Those who give false witness go to hell.

जो झूटे गवाह बनते है नरक को जाते है.

Aphorism 552

The five elements witness the sin that is commited in hiding.

पञ्च महाभूत उस पाप को देखते है जो छुपकर किया जाता है.

Aphorism 553

A sinner glows his own sin.

पापी अपने पाप को खुद प्रकाशित करता है.

Aphorism 554

A man’s appearance speaks for the things going on in his mind.

आदमी की प्रतीति उसके मन में जो हो रहा है कहती है.

Aphorism 555

It is impossible for anyone to prevent his face from speaking for his mind.

ऐसा नहीं होगा की चेहरा दिल की बात बयां ना कर पायेगा.

Aphorism 556

The rulers protect public money from thieves and people working for the rulers.

शासक जनता का धन चोरो से और शासको के लिए काम करने वालो से बचाते है.

Aphorism 557

If the rulers create a bad image of themselves they lead to ruin of people.

यदि शासक अपनी बुरी प्रतिमा बनाते है तो जनता का विनाश करते है.

Aphorism 558

The rulers who create a good image of themselves create happiness for their people.

शासक यदि अपनी अच्छी प्रतिमा बनाते है तो जनता के लिए सुख निर्माण करते है.

Aphorism 559

People consider the rulers with equity like their mother.

जो शासक न्याय प्रिय होते है उन्हें जनता माँ के रूप में देखती है.

Aphorism 560

A good ruler creates happiness in this world and gets heaven in the next world.

अच्छा शासक इस जीवन में सुख पाता है और अगले जीवन में स्वर्ग.

Aphorism 561

Non-violence is a mark of righteousness.

अहिंसा धर्म का प्रतीक है.

Aphorism 562

A good person takes same care of others that he takes of himself.

एक अच्छा आदमी दुसरो की उतनी ही चिंता करता है जितनी खुदकी.

Aphorism 563

Animals are in every way unfit for human consumption. Men should never eat non-veg.

प्राणी इंसान का भोजन नहीं है. मानव मांस ना खाए.

Aphorism 564

One who has the knowledge has no fear.

जिसे ज्ञान है उसे भय नही.

Aphorism 565

The lamp of knowledge puts an end to the fear of mundane existence.

ज्ञान का दिया भौतिक जीवन के भय को मिटाता है.

Aphorism 566

The material happiness and all it’s means are transient.

भौतिक सुख और उसके सभी माध्यम नश्वर है.

Aphorism 567

The body that is a place for germs, bacteria, stool and urine can work as a factor for earning merit or commiting sin.

वह देह जिसमे जीव, जंतु, मल, मूत्र है वही पाप या पुण्य निर्माण का साधन है.

Aphorism 568

The cycle of life and death is full of agony.

जीवन मृत्यु का चक्र दुखमय है.

Aphorism 569

One can attain heaven on the basis of his austerities.

तप के आधार पर स्वर्ग की प्राप्ति हो सकती है.

Aphorism 570

He who forgives furthers his austerities.

जो क्षमा करता है उसके तप की वृद्धि होती है.

Aphorism 571

Austerities lead to accomplishment of all work.

तप से हर काम साध्य होता है.

इसके साथ ही ग्रन्थ समाप्त हुआ. This ends the book.

Aphorisms of Chanakya Sutra 351 to 450 (Only English and Hindi Translation)

Aphorism 351

A progressive person due to lack of anger fortifies his intellect with his serious thinking.

एक प्रगतीशील व्यक्ति क्रोध के आभाव के कारण अपनी बुद्धि को स्थिर करता है और गंभीर चिंतन करता है.

Aphorism 352

You should not create conflicts with those who are intelligent, foolish, friends, preceptor and for whom your master uses kind words.

आप ऐसे लोगो से विवाद न करे जो बुद्धिमान है, मुर्ख है, मित्र है, गुरु है और जिनके लिए आपका स्वामी अच्छे वचनों का प्रयोग करता है.

Aphorism 353

There can’t be any prosperity without appropriating money belonging to others.

दुसरो की दौलत लिए बिना सम्पन्नता नहीं आती.

Aphorism 354

Those who chase money don’t like taking any efforts for good things.

जो पैसे के पीछे ही भागते रहते है वो कोई अच्छा काम करने का प्रयत्न नहीं करते.

Aphorism 355

Those who depend on a vehicle lose their own speed.

जिन्हें गति के लिए वाहन चाहिए वे अपनी गति खो देते है.

Aphorism 356

A wife is a shackle that ties a man.

पत्नी वह बंधन है जो आदमी को बांधता है.

Aphorism 357

One should be deployed in that work which he knows well.

आदमी को वह काम सौपना चाहिए जो वह करने में माहिर है.

Aphorism 358

A harsh wife creates agony.

एक कठोर पत्नी वेदना देती है.

Aphorism 359

One should observe how his wife behaves.

आदमी को उसकी पत्नी का व्यवहार देखना चाहिए.

Aphorism 360

One should not trust a woman.

आदमी को एक औरत पर विश्वास नहीं करना चाहिए.

Aphorism 361

A woman doesn’t know the ways the world works and she lacks any stability of mind.

एक औरत को दुनियादारी की समझ नहीं होती है और उसके मन में कोई स्थिरता भी नहीं होती है.

Aphorism 362

When all our teachers are ranked Mother occupies the first rank.

जब हम हमारे गुरुओ का क्रम लगाते है तो माँ का क्रमांक सबसे उपार होता है.

Aphorism 363

A son should always see that he meets all needs of his mother.

एक लड़के ने यह देखना चाहिए की उसके माँ की सभी जरूरते वह पूरी करे.

Aphorism 364

A man’s intelligence gets covered by his dressing.

आदमी का पोशाख उसकी बुद्धि को ढक देता है.

Aphorism 365

A restricted appearance is the embellishment for a woman.

मर्यादा स्त्री का अलंकार है.

Aphorism 366

The knowledge of Vedas is a true embellishment for brahmins.

वेदों का ज्ञान ब्राह्मण का अलंकार है.

Aphorism 367

Truthfulness is the embellishment of all human-beings.

सत्यशीलता मानव का अलंकार है.

Aphorism 368

Wisdom paired with humility is the best of all embellishments.

विद्या जो विनय के साथ जुडी हुई है यह एक सर्वोत्तम अलंकार है.

Aphorism 369

One should live in a region that has no turbulence.

व्यक्ति उस जगह रहे जहा कोई उत्पात नहीं.

Aphorism 370

A region is fit for living where there is a majority of truthful good people.

वह भाग जीने के लिए अच्छा है जहा सज्जनों की बहुसंख्या है.

Aphorism 371

One should not invite King’s wrath.

व्यक्ति को राजा के क्रोध का पात्र नहीं बनना चाहिए.

Aphorism 372

There is no God greater than King.

राजा से बढ़कर कोई देव नहीं.

Aphorism 373

The wrath of King is capable of burning those who revolt against him by reaching all corners of the State.

राजा की क्रोधाग्नि द्रोह करने वालो को राज्य के किसी भी कोने में पहुचकर दहन करने में सक्षम है.

Aphorism 374

One should never go to a King with empty hands.

व्यक्ति को राजा के पास खाली हाथ नहीं जाना चाहिए.

Aphorism 375

Similarly we should not go with empty hands to the preceptor and the one who is held in high esteem.

अपने गुरु के पास खाली हाथ नहीं जाना चाहिए.

Aphorism 376

We should not become a subject of revile for those close to the royal family.

जो लोग राज परिवार के निकट है उन्हें हमारा द्वेषी नहीं बनाना चाहिए.

Aphorism 377

One should go often to the court of King.

राज सभा में हरदम जाते रहना चाहिए.

Aphorism 378

One should be friendly to the ministers and friends of King.

राजा के मंत्रियो और मित्रो के साथ मित्रता बनाये रखना चाहिए.

Aphorism 379

One should not make personal relations with the women working for the King.

राजा के यहाँ काम करने वाली औरतो से वैयक्तिक सम्बन्ध नहीं बनाना चाहिए.

Aphorism 380

One should not see the King in his eyes.

राजा को आंख में आँख डालकर नहीं देखना चाहिए.

Aphorism 381

A father feels great happiness when he has a son with virtue and good conduct.

पिता को परम सुख मिलता है यदि उसका पुत्र सद्गुणी और सदाचारी होता है.

Aphorism 382

Sons should be good at excelling all faculties of wisdom.

बुद्धि के हर क्षेत्र में लडको ने अपना विकास करना चाहिए.

Aphorism 383

One should leave a village that turns hostile to the State.

उस गाव को छोड़ देना चाहिए जो राज्य के विरुद्ध व्यवहार करता है.

Aphorism 384

One should leave a family and support his village if any such contradiction arises.

उस परिवार को छोड़ देना चाहिए जो गाव के विरुद्ध व्यवहार करता है.

Aphorism 385

The birth of a son is the highest benefit.

पुत्र का जन्म सर्वश्रेष्ठ लाभ है.

Aphorism 386

A son protects his parents from calamities.

पुत्र माँ बाप को दुविधा में सहारा देता है.

Aphorism 387

A good child by the dint of his wisdom, charity, status, honours and righteousness glorifies his family.

एक अच्छा पुत्र अपने सदाचार, बुद्धिमत्ता, सम्मान और धर्म के आधार पर घर की गरिमा बढ़ता है.

Aphorism 388

He who doesn’t have a good son has no happiness.

जिस व्यक्ति को सतपुत्र नहीं है उसे कोई सुख नहीं है.

Aphorism 389

A mother that gives birth to good children is a great wife.

जो स्त्री अच्छे पुत्रो को जन्म देती है एक अच्छी पत्नी है.

Aphorism 390

teerthsamwaaye putrwateemnugchchhtet

Aphorism 391

Boys and girls should not mix with each other while learning.

विद्यार्थी और विद्यार्थिनीयो को एक साथ मिलकर शिक्षा नहीं लेनी चाहिए.

Aphorism 392
Aphorism 393

A wife is not an object of sensual pleasure. She is the nourisher of family and sustains infinite existence of family by giving birth to children.

पत्नी इन्द्रिय सुख का साधन नहीं है. वह परिवार को अपने प्रेम से सींचती है और पुत्रो को जन्म देकर परिवार को अनंत समय तक बनाये रखती है.

Aphorism 394

One should not see a woman working at his house with a malicious intention. One gets to a very low level by doing so.

अपने घर काम करने वाली स्त्री को बुरी निगाह से ना देखे. आदमी ऐसा करने से अत्यंत निम्न स्तर पर जाता है.

Aphorism 395

A man who is all set for his doom disregards good advice offered by his well wishers.

व्यक्ति जब विनाश को प्राप्त होने को होता है तो अपने हितैषियो की अच्छी सलाह नहीं सुनता है.

Aphorism 396

One need not worry about his physical comforts.

अपने सुख सुविधाओ की अधिक चिंता मत करो.

Aphorism 397

As children chase their mother, happiness and sorrows follow the action that a man takes.

जिस प्रकार बच्चे माँ के पीछे पीछे होते है, सुख दुःख कर्म के पीछे चलते है.

Aphorism 398

Good people always remember any small favour done to them always as if they were done a great favour.

सज्जन उनके प्रति किये हुए एक छोटे उपकार को भी एक बहोत बड़ा उपकार समझकर हरदम याद रखते है.

Aphorism 399

A person who lacks all gratitude and eligibility should not be done any favour.

वह व्यक्ति जिसमे कोई योग्यता और कृतज्ञता नहीं उसपर कोई उपकार ना किया जाए.

Aphorism 400

A person with malicious heart who has no gratitude just to release himself from the burden of gratitude turns hostile.

जो कमीना आदमी होता है कृतज्ञता के बोझ से छुटकारा पाने के लिए शत्रुता कर लेता है.

Aphorism 401

A good person never sits quiet unless he pays back the favour received.

एक सज्जन तब तक शांत नहीं बैठता जबतक लिया हुआ अहसान चूका ना दे.

Aphorism 402

One should never offend marks of divinity in any form.

हमें परमात्मा के किसी भी चिन्ह का अपमान नहीं करना चाहिए.

Aphorism 403

The greatest light is one’s eye-sight.

नेत्र ज्योति ही सर्वोत्तम प्रकाश है.

Aphorism 404

The vision of knowledge enables one to shun the wrong path.

ज्ञान दृष्टि ही गलत मार्ग पर चलने से रोकती है.

Aphorism 405

The jounrney of life becomes very difficult if the eye-sight is lost.

यदि दृष्टी खो जाती है तो जीवन का सफ़र मुश्किल हो जाता है.

Aphorism 406

One should never urinate in any water.

पानी में मूत्र नहीं करना चाहिए.

Aphorism 407

One should never dive into water fully naked.

पानी में नग्न नहीं जाना चाहिए.

Aphorism 408

One has a knowledge like one’s appearance.

वेशभूषा से ज्ञान का अनुमान होता है.

Aphorism 409

One has wealth like one’s knowledge.

ज्ञान के अनुपात में संपत्ति होती है.

Aphorism 410

Don’t use fire to fight fire. Don’t become angry with someone who is angry with you.

आग आग से नहीं बुझती है. यदि कोई आप पर गुस्सा होता है तो आप उसपर गुस्सा मत होइए.

Aphorism 411

Those who practice austerities are honoured by all.

जो तप करते है हर जगह सम्मान पाते है.

Aphorism 412

One should never think about having a relationship with a lady who belong’s to someone else.

पर स्त्री से सम्बन्ध का विचार भी ना करे.

Aphorism 413

If one donates food that can wash sins one has commited.

अन्न दान पापो से मुक्त कराता है.

Aphorism 414

Vedas provide excellent framework for righteousness.

वेद धर्म की उत्तम व्याख्या करते है.

Aphorism 415

A man should do some righteousness some how.

आदमी को कैसे भी कुछ तो सदाचार करना चाहिए.

Aphorism 416

Truthfulness grants one the status of uninterrupted bliss.

सत्य आदमी को निश्छल सुख प्रदान करता है.

Aphorism 417

No austerity in the world is greater than truthfulness.

सत्य से बड़ा कोई तप नहीं है.

Aphorism 418

Truthfulness is the means and Truthfulness is the end.

सत्य ही माध्यम है, सत्य ही लक्ष्य है.

Aphorism 419

The harmony among people rests on truthfulness.

लोगो का सुसंवाद सत्य पर निर्भर है.

Aphorism 420

Many celestial favours are showered on the one who abides by truthfulness.

उस पर देव लोक के अनेक आशीर्वाद बरसते है जो सत्य पर कायम रहता है.

Aphorism 421

There is no sin greater than a false action.

झूठ से बड़ा पाप कोई नहीं.

Aphorism 422

We should not try to identify the defects in what our teachers say.

हमें हमारे गुरुजनों के वचनों में छिद्र नहीं ढूंढने चाहिए.

Aphorism 423

One should shun evil in all forms.

सभी प्रकार की बुराइयों से बचे.

Aphorism 424

None is friendly to a cunning man.

एक धूर्त का कोई मित्र नहीं होता.

Aphorism 425

A poor is always concerned about his life.

एक निर्धन को अपनी ही पड़ी रहती है.

Aphorism 426

A person who shows bravery in giving charities is really brave.

जो दान देने में साहस दिखाता है वह सचमुच साहसी है.

Aphorism 427

Devotion to teachers and brahmanas is the embellishment of man.

गुरुजनों और ब्राह्मणों के प्रति भक्ति भाव ही अलंकार है.

Aphorism 428

Humility is the embellishment of a man.

विनय अलंकार है.

Aphorism 429

A person who takes pride in his being a member of a great family and devoid of any great values is definitely inferior to a truthful person born in a low class family

पहला व्यक्ति एक बड़े घर में पैदा हुआ है और कुछ भी महान गुण नहीं रखता है, दूसरा व्यक्ति मामूली घर में पैदा हुआ है लेकिन सत्यशील है. पहले से दूसरा बेहतर है.

Aphorism 430

Good conduct causes rise in lifespan and glory.

सदाचरण से आयु और तेज में वृद्धि होती है.

Aphorism 431

One should not speak pleasing words to someone which will actually harm him.

ऐसे मीठे वचन ना कहे जो हानिकारक है.

Aphorism 432

Don’t follow someone against the good of majority of people.

जो बहुमत के विरुद्ध है उसका अनुकरण ना करे.

Aphorism 433

A person should not do any work in association with people who are base, cruel and bad.

उनके सहयोग से कोई काम ना करो जो नीच, क्रूर और बुरे है.

Aphorism 434

Don’t associate yourself with base people even though they have good fortune.

संपन्न नीच लोगो से भी मेलजोल ना रखे.

Aphorism 435

Always ensure that you reduce a loan, an enemy and a disease to zero.

यह निश्चित करे की आप ऋण को, शत्रु को और रोग को पूर्ण रूपसे ख़त्म कर दे.

Aphorism 436

He who has wealth leads a long and healthy life.

जो संपन्न होता है वह लम्बा और स्वस्थ जीवन जीता है.

Aphorism 437

Don’t offend someone who seeks something from you.

उसका अपमान ना करो जो तुमसे कुछ मांगने आया है.

Aphorism 438

A base person will ask you to do something tough. He will offend you irrespective of whether the work fails, partially or fully succeeds.

जो नीच व्यक्ति है वह आपको बहोत मुश्किल काम करने कहेगा. वह आपका अपमान करेगा चाहे आप काम करने में विफल हो, कुछ सफल हो या पूर्ण सफल हो.

Aphorism 439

A person who doesn’t show any gratitude for the favours received can’t save himself from the torments of hell.

जो व्यक्ति प्राप्त अहसान के लिए कृतज्ञता नहीं रखता वह अपने आप को नरक यातना से नहीं बचा सकता.

Aphorism 440

A person’s growth and doom depends on the sweet words and harsh words he speaks.

विकास या बर्बादी व्यक्ति जो मीठे और कडवे वचन बोलता है उसपर निर्भर करती है.

Aphorism 441

One may make his tongue of poison or nectar whatever he likes.

अपनी जिह्वा को हम अमृत से या विष से भर सकते है.

Aphorism 442

He who always do good to others don’t have any enemies.

जो सबका भला करता है उसे कोई शत्रु नहीं होता.

Aphorism 443

If you say something to Gods in praise they get pleased. Do you think that you can’t please human-beings by speaking sweet words.

आप देवो से भी उनकी स्तुति करते है तो वे प्रसन्न होते है, तो क्या इंसान प्रसन्न नहीं होंगे यदि आप उनकी स्तुति करते हो.

Aphorism 444A word spoken with an intention of causing agony to others makes it’s marks on the mind of the listener for a long time.

जिस शब्द से दुसरे का अपमान होता है वह शब्द उसपर गहरा घाव करता है.

Aphorism 445

One should not say unpleasing words to King or his representative.

एक राजा या उसके प्रतिनिधि से कडवे वचन ना कहे.

Aphorism 446

A cuckoo pleases a human-being. One should speak sweet words based on truth to the King and keep him in good humour.

कोकिला मनुष्यों को प्रसन्न करती है. राजा से मीठी वाणी में बात करे और उसे प्रसन्न रखे.

Aphorism 447

An effort for a bad action creates agony.

एक बुरे कर्म के लिए यत्न वेदना को जन्म देता है.

Aphorism 448

There is no place of honour in the society either to the one who seeks favour or to the one who is a wealthy miser.

याचक या कंजूस दौलतमंद को समाज में कोई इज्जत नहीं होती.

Aphorism 449

A woman is embellished by the great fortune she creates by her commitment and loyalty to her family.

घर के प्रति उसकी निष्ठां से स्त्री खुद को सौभाग्यवती बनती है.

Aphorism 450

One should not destroy means of livelihood even of an enemy.

शत्रु की भी उपजीविका का नाश ना करे.

Aphorisms of Chanakya Sutra 252 to 350 (Only English and Hindi Translation)

Aphorism 252

You should not ignore your enemy if he seems to be indifferent in his retaliatory attack.

आपको अपने शत्रु को दुर्लक्षित नहीं करना चाहिए यदि आप को ऐसा लगता है की वह पलट वार करने में उत्सुक नहीं है.

Aphorism 253

A petty addiction may lead to one’s total destruction.

एक मामूली व्यसन भी आदमी को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है.

Aphorism 254

A man thinks that he will live forever and he is always busy after things necessary for sustaining his life.

आदमी को ऐसा लगता है की वह अनंत काल तक जियेगा और वह हरदम जीवनावश्यक चीजे बटोरने के पीछे लगा रहता है.

Aphorism 255

One who is wealthy commands respect on the basis of one’s wealth.

जो व्यक्ति धनवान है वह अपने धन के बदौलत सम्मान हासिल करता है.

Aphorism 256

Even if the Indra, The King of Heaven loses wealth he won’t be respected anymore.

यदि स्वर्ग का राजा इंद्र भी संपत्ति खो देता है तो सम्मान नहीं पायेगा.

Aphorism 257

Poverty makes a living man a corpse.

गरीबी इंसान को एक जीती जगती लाश बना देती है.

Aphorism 258

One who is wealthy and gives donation becomes subject matter of everyone’s interest even if he is ugly in his looks.

वह धनवान व्यक्ति जो दान देता है वह सबकी रूचि का विषय बन जाता है, भले ही वह कुरूप हो.

Aphorism 259

Those who are in need of money seek favour from a wealthy person knowing well that he is a miser.

जो जरूरतमंद लोग है वो एक धनवान आदमी से धन मांगते है जबकि उन्हें मालूम होता है की वह कंजूस है.

Aphorism 260

The wealthy person who puts his wealth to social good though not belonging to a good family commands more respect compared to those who belong to good families but who don’t do any social good.

एक धनि आदमी जो अच्छे कुल से नहीं है, लेकिन जो जनकल्याण के लिए अपनी संपत्ति को इस्तमाल करता है तो ज्यादा सम्मान पाता है. एक अच्छे कुल वाला भी यदि वह समाज के लिए कुछ नहीं करता तो उतना सम्मान नहीं पाता है.

Aphorism 261

A base person never fears that he may be offended or despised.

एक नीच आदमी को यह डर नहीं होता है की लोग उसका अपमान करेंगे या उससे घृणा करेंगे.

Aphorism 262

People who are pragmatic and clever don’t bother about their livelihood.

जो लोग व्यवहार कुशल और चतुर होते है उन्हें अपने गुजारे की चिंता नहीं होती.

Aphorism 263

He who controls his senses doesn’t have any doubts of losing balance when he is exposed to the material world.

जो व्यक्ति अपने इन्द्रियों को नियंत्रण में रखता है उसे दुनिया में जीते वक़्त फिसलने का डर नहीं रहता.

Aphorism 264

Those who know the secrets of life and have clarity about their duties don’t fear death.

जिन्हें जीवन के रहस्य पता है उन्ही अपने कर्त्तव्य के बारे में संदेह नहीं है और वो मौत से भी डरते नहीं है.

Aphorism 265

Good people want that wealth of others should also be put to noble use.

जो अच्छे लोग होते है वो दुसरो की संपत्ति देखकर द्वेष नहीं करते है अपितु वे चाहते है की दुसरो की संपत्ति का भी सद उपयोग हो.

Aphorism 266

One should not look at wealth of others with an eye of greed.

हमें दुसरो की संपत्ति को लोभ की दृष्टी से नहीं देखना चाहिए.

Aphorism 267

If one looks at  the wealth of others with an eye of greed, he may harm his social relations and may lead to his self-destruction.

यदि व्यक्ति दुसरो की संपत्ति को लोभ दृष्टी से देखता है तो उसके सामाजिक सम्बन्ध बिगड़ सकते है और वह खुद का विनाश कर सकता है.

Aphorism 268

One should not steal any wealth even as much as a blade of grass.

हमें दुसरो की घास के तिनके जितनी भी संपत्ति चुराना नहीं चाहिए.

Aphorism 269

One who steals wealth of others causes destruction of his own wealth.

जो दुसरो की संपत्ति चुराता है अपनी संपत्ति का विनाश करता है.

Aphorism 270

The noose of death is not as painful as that of poaching.

मौत का फन्दा उतना दर्द नहीं देता है जितना चोरी करने का.

Aphorism 271

One need not steal anything to maintain one’s life. One can maintain one’s life with bare minimum things.

एक आदमी को उसका जीवन बसर करने के लिए चोरी करने की कोई जरुरत नहीं. वह अपनी जिंदगी को न्यूनतम जरूरतों के आधार पर बसर करे.

Aphorism 272

There is no need of any remedy after death.

मरने के बाद कोइ दवा काम की नहीं.

Aphorism 273

The State should maintain it’s supremacy under normal conditions.

सामान्य परिस्थितियों में राज्य अपने वर्चस्व को बनाये रखे.

Aphorism 274

Even good qualities of base people are applied for ulterior purpose.

बुरे लोग अपने सद्गुणों को भी गलत काम में लगाते है.

Aphorism 275

A base person applies all his wisdom for doing base things so whatever wisdom is imparted to him becomes counter-productive.

एक नीच आदमी अपना दिमाग नीच काम में लगाता है. उसे यदि आप कोई विद्या देते भी है तो वह उससे उत्पात ही करेगा.

Aphorism 276

There is nothing more useful than food for life.

अन्न से ज्यादा आवश्यक जीने के लिए कुछ नहीं.

Aphorism 277

There is no enemy of the State like scarcity of food or un-satiated hunger of people.

अन्न की कमी या प्रजा की अतृप्त भूख राज्य का सबसे बड़ा शत्रु है.

Aphorism 278

One who doesn’t take any efforts, who is devoid of action and lazy is bound to die of starvation.

जो व्यक्ति कोई भी प्रयत्न नहीं करता है, कोई काम नहीं करता है और आलसी है उसका भूखा मरना तय है.

Aphorism 279

He who suffers from pangs of hunger doesn’t consider anything to be unfit for eating.

जिसे भूख लगी है उसके लिए अभक्ष्य कुछ भी नहीं होता.

Aphorism 280

He who puts his sense organs to unlimited use gets old earlier.

जो अपने इन्द्रियों का अति प्रयोग करता है वह जल्दी ही बुढा हो जाता है.

Aphorism 281

You should serve that master who considers no difference between his own life and the life of his people.

आप उसी स्वामी की सेवा करे जो खुद के और उसके लोगो के जीवन में कोई अंतर नहीं समझता है.

Aphorism 282

He whose master lacks sympathy thinks that he will get fire from a firefly.

जो स्वामी दुसरो के प्रति सहानुभूति नहीं रखता वह मानो जुगनू से अंगार पाना चाहता है.

Aphorism 283

One should serve that master who respects and discerns virtue.

उस स्वामी की सेवा करे जिसे गुणों की परख है और वह उनकी इज्जत करता है.

Aphorism 284

Intercourse leads a man to his senility.

सम्भोग की अति से आदमी वृध्त्व प्राप्त करता है.

Aphorism 285

Intercourse leads a woman to her senility.

सम्भोग की अति से औरत वृद्धत्व प्राप्त करती है.

Aphorism 286

There should not be a marital bond between a base person and a great person.

एक नीच और एक महान के बीच विवाह नहीं होना चाहिए.

Aphorism 287 and 288

There is no enemy greater than ego.

अहंकार से बढ़कर कोई शत्रु नहीं.

Aphorism 289

One should not offend one’s enemy at a meeting and convert it from a place where thoughts prevail to a place where people hurt one another.

व्यक्ति को अपने शत्रु का सभा में अपमान नहीं करना चाहिए. इससे विचार सभा का रूपांतरण मूढ़ सभा में हो जाता है.

Aphorism 290

It is a pleasure to know that the enemy is not doing well.

यह सुनने में अच्छा लगता है की शत्रु बेहाल है.

Aphorism 291

A deprived person has no intellect or his intellect fails to deliver.

एक निर्धन व्यक्ति को या तो दिमाग होता नहीं या उसका दिमाग काम नहीं करता.

Aphorism 292

If a deprived person tells something beneficial none listens.

एक निर्धन व्यक्ति यदि कोई काम की बात कहता है तो कोई नहीं सुनता.

Aphorism 293

A man who doesn’t have money to buy household necessities is offended by his wife.

जिस व्यक्ति के पास घर की जरूरते पूरा करने के लिए भी धन नहीं होता वह अपनी पत्नी से ही अपमानित होता है.

Aphorism 294

As the Mango tree is left by the bees when it’s flowering season is over, everyone deserts a poor man as relationship with him doesn’t offer any economic prospects.

जिस प्रकार आम के वृक्ष को भौरे फूलो का मौसम बीतने के बाद छोड़ देते है उसी तरह एक गरीब आदमी से सम्बन्ध रखकर धन नहीं मिल सिकता यह सोचकर लोग उससे संबंधो को तोड़ते है.

Aphorism 295

Wisdom is the wealth of the poor.

बुद्धिमत्ता ही निर्धन का धन है.

Aphorism 296

As wisdom is stored internally and it is secret there is no possibility of any theft.

बुद्धिमत्ता अंतर में होती है और वह गुप्त होती है इसलिए उसकी चोरी का कोई खतरा नहीं होता.

Aphorism 297

Wisdom widens the horizons of success.

बुद्धिमत्ता सफलता के क्षितिजों को बढाती है.

Aphorism 298

A material body dies, the glory lives forever.

स्थूल शारीर का अंत होता है, कीर्ति कायम रहती है.

Aphorism 299

One who strives for the good of others is a good person.

जो व्यक्ति दुसरो के भले के लिए प्रयत्न करता है वह एक अच्छा व्यक्ति है.

Aphorism 300

If one says that he has gained knowledge from scriptures, he should demonstrate calmness of his senses.

यदि कोई व्यक्ति कहता है की उसको शास्त्रों का ज्ञान है तो उसकी परीक्षा यह है की वह अपने इन्द्रियों पर संयम पा चूका है या नहीं.

Aphorism 301

The beacon of scriptures desists a person from doing anything wrong.

जिसे शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त है वह कोई गलत काम नहीं करता.

Aphorism 302

The wisdom of a base man is useless and should not be acquired.

एक नीच आदमी की बुद्धिमत्ता व्यर्थ है और वह हासिल करने की किसीको कोई जरुरत नहीं.

Aphorism 303

One should not learn language of a base man.

हम एक नीच से उसकी भाषा ना सीखे.

Aphorism 304

One may learn commitment from a base person. Of course not the subject matter of commitment.

एक दुर्जन से उसके दुर्गुण नहीं उसकी दुर्गुणों के प्रति जो प्रतिबद्धता है वह सीखे.

Aphorism 305

One should not ignore the virtue of a virtuous man by becoming intolerant.

एक गुणवान के प्रति असहिष्णु होकर उसके गुणों का अनादर ना करे.

Aphorism 306

One should learn virtue even from one’s enemy.

आपको आपके शत्रु से भी गुण ग्रहण करने चाहिए.

Aphorism 307

One may extract nectar from poison if possible.

यदि संभव हो तो विष से भी अमृत निकाले.

Aphorism 308

A person gets respect only under favourable conditions.

व्यक्ति को अनुकूल परिस्थिति के चलते ही आदर प्राप्त होता है.

Aphorism 309

A man is respected only in the areas of his influence.

व्यक्ति को उसी क्षेत्र में आदर प्राप्त होता है जिसमे वह प्रतिभा रखता है.

Aphorism 310

Those who are decorated with wisdom, humility, knowledge of scriptures, righteousness and knowledge are called as Arya, gentle, good.

जो लोग बुद्धिमत्ता, विनयशीलता, शास्त्रों का बोध, सदाचार और ज्ञान से अलंकृत होते है वही आर्य, सभ्य या अच्छे कहलाते है.

Aphorism 311

One should never exceed the limit of good conduct.

हमें कभी भी सदाचार की सीमा नहीं छोड़ना चाहिए.

Aphorism 312

One who has become good by the dint of one’s lifelong penance can’t be glorified by any title or material means.

वह व्यक्ति जिसने जन्म भर के ताप से अच्छाई हासिल की है उसे इस दुनिया की कोई भी उपाधि या पारितोषिक से क्या नवाजा जा सकता है.

Aphorism 313

There is no gem as valuable as a woman who adores her home.

वह स्त्री रत्न है जो अपने घर के प्रति समर्पित है.

Aphorism 314

Men of virtue are rare in this world.

गुणवान लोग इस दुनिया में दुर्लभ है.

Aphorism 315

If a person indulges in condemned actions he loses his status of being a human-being.

जो व्यक्ति जघन्य कर्म करता है वह अपनी मनुष्यता को खो देता है.

Aphorism 316

A person who is devoid of any action and who observes no self restraint doesn’t have any right to study scriptures.

जो व्यक्ति अकर्मण्य है और जो संयम नहीं रखता उसे शास्त्रों के अध्ययन का कोई अधिकार नहीं है.

Aphorism 317

He who has no control over his sense organs can’t abide by scriptures or can’t be happy.

जिसे अपने इन्द्रियों पर संयम नहीं है वह शास्त्र के वचनों का पालन भी नहीं कर सकता और सुखी भी नहीं हो सकता.

Aphorism 318

A man who observes no self restraint is not given any respect by his wife.

वह आदमी जिसमे कोई संयम नहीं है अपनी पत्नी से भी सम्मान नहीं पाता है.

Aphorism 319

Only trees capable of flowering are offered water and not the dried trees. Those who wish to grant favours prefers them who are good.

उन्ही झाडो को पानी से सींचा जाता है जो पुष्प और फल दे सकते है, उन झाडो को नहीं जो सूख गए है. उसी प्रकार जब किसीमे भला करने की इच्छा जागती है तो वह जो अच्छा है उसी का भला करते है.

Aphorism 320

There is no possibility of getting any food by boiling sand. Similarly happiness is not created by foolish means.

बालू को उबालने से अन्न नहीं बनता उसी तरह सुख का निर्माण मुर्खता पूर्ण तरीके से संभव नहीं है.

Aphorism 321

People who have acquired great virtues should not be ridiculed.

हमें गुणवान व्यक्ति की मजाक नहीं उड़ाना चाहिए.

Aphorism 322

One should remember that the cause effect relationship always prevails. So there can’t be anything good from something bad.

शुभ कर्मो से ही शुभ का निर्माण संभव है.

Aphorism 323

The purpose of the work is more decisive than the constellation when the work is undertaken.

काम करते समय नक्षत्र कैसा है इससे फरक नहीं पड़ता, हा इससे पड़ता है की काम का उद्दिष्ट क्या है.

Aphorism 324

If some work is to be done urgently, there is no need to assess the constellation.

यदि काम को जल्दी करना है तो नक्षत्र देखने की जरुरत नहीं.

Aphorism 325

If someone becomes known to you well, his defects won’t remain hidden.

यदि आप किसीको जानते है तो उसकी खामी आपसे छुपी नहीं रहती.

Aphorism 326

A sinner judges others with his own standards and concludes that others are just like him.

एक पापी दुसरो को अपनी ही नजरो से देखता है और उसे सब अपने जैसे ही दिखते है.

Aphorism 327

It is very difficult to change one’s disposition.

किसी का स्वभाव बदलना बहोत मुश्किल है.

Aphorism 328

The penalty should be commensurate with the offense.

दंड अपराध के अनुरूप होना चाहिए.

Aphorism 329

The answer should be commensurate with the query.

उत्तर प्रश्न के अनुरूप होना चाहिए.

Aphorism 330

One should decorate one’s exterior within one’s economic means.

व्यक्ति ने खुद को बाहर से उतना ही सजाना चाहिए जितना उसकी आर्थिक परिस्थिति में संभव हो.

Aphorism 331

One’s conduct should be compatible with one’s family.

व्यक्ति का बर्ताव उसके कुल के अनुरूप होना चाहिए.

Aphorism 332

One’s efforts should match the work that he has to do.

व्यक्ति के प्रयत्न उसके काम के अनुरूप होने चाहिए.

Aphorism 333

Donation should be made taking into account the eligibility of the donee.

दान पात्रता देखकर ही देना चाहिए.

Aphorism 334

One’s robes should be compatible with one’s state.

व्यक्ति के कपडे उसकी परिस्थिति के अनुरूप ही होने चाहिए.

Aphorism 335

A servant should always favour his Master by his actions.

सेवक को स्वामी का हरदम हित करना चाहिए.

Aphorism 336

A wife should always favour her husband.

पत्नी को पति का हित करना चाहिए.

Aphorism 337

A disciple should always execute his preceptor’s command.

शिष्य को गुरु की आज्ञा का पालन करना चाहिए.

Aphorism 338

A son should always follow his father’s wishes.

पुत्र को पिता की इच्छा को पूर्ण करना चाहिए.

Aphorism 339

If someone is doing unreasonable favor to you that should arise your suspicion.

यदि कोई आपको जरुरत से ज्यादा उदारता दिखा रहा है तो आप को शक करना चाहिए.

Aphorism 340

If your master gets angry you should please him.

यदि स्वामी क्रोधित होता है तो उसे शांत करे.

Aphorism 341

As a child that is beaten by his mother goes back to his mother and asks anything he wants from her only, so should one go back to one’s people even if they seem to be harsh in their behaviour.

एक बच्चा माँ से पिटे जाने के बाद माँ के ही आंचल में जाकर अपनी बात रोता है उसी तरह आपके अपने लोग यदि आपसे सख्ती से पेश आते है फिर भी आपको उनके पास जा कर ही अपनी बात कहनी चाहिए.

Aphorism 342

The elderly people who love you won’t harm you by their anger.

जो बड़े लोग आपसे प्रेम करते है वो उनके क्रोध से आपका बुरा नहीं करेंगे.

Aphorism 343

A foolish person can’t see his own mistake and always finds faults with others.

मुर्ख को अपनी कोई गलती नहीं दिखती सब खोट दुसरो में ही दिखती है.

Aphorism 344

Those who are cunning serve others with some ulterior motive.

जो धूर्त होते है वो दुसरो का भला किसी मतलब से ही करते है.

Aphorism 345

These people have their own interest and their service is just a formality.

उनका निहित स्वार्थ होता है और भला करना तो एक दिखावा होता है.

Aphorism 346

If a person known to you gives unjust favours that should arise your suspicion.

यदि आपका परिचित आदमी आपके ऊपर कुछ ज्यादा ही अनुग्रह करे तो आपको संशय होना चाहिए.

Aphorism 347

As a cow with some problem is better than thousand dogs, a servant without any formality is better than thousands who are set to decieve.

एक गाय जिसमे कुछ खामी है हजार कुत्तो से बेहतर है. उसी तरह एक सेवक जो दिखावा नहीं करता हज्जारो दिखावा करने वालो से बेहतर है.

Aphorism 348

It is better to be contented with a small pigeon that you have today than a big pea-cock that you will have in future.

आज आपके पास में जो एक छोटा कबूत्तर है उससे आपको ज्यादा संतोष होना चाहिए बजाय उस मोर के जो आपके पास भविष्य में होगा.

Aphorism 349

If any work is beset with immorality it corrupts the duty and defeats the purpose of the work.

यदि कोई काम अनैतिक है तो उससे कर्त्तव्य दूषित होता है और काम का प्रयोजन भी विफल होता है.

Aphorism 350

He who is devoid of anger may conquer the whole world.

जिसमे क्रोध नहीं है वह पूरी दुनिया को जीत सकता है.

Aphorisms of Chanakya Sutra 165 to 251 (Only English and Hindi Translation)

Aphorism
165 A person should be commited to his credibility and duty to the State at the cost of his life.

व्यक्ति को राज्य के प्रति अपनी विश्वसनीयता और कर्त्तव्य बुद्धि को बनाये रखना चाहिए चाहे उसे अपने प्राणों की बाजी क्यों ना लगानी पड़े.

Aphorism
166 Those who cause disputes among people on the basis of secrets known to them are deserted even by their family members.

जो लोग गुप्त जानकारी के आधार पर लोगो में झगडे लगाते है अपने ही परिवार के लोगो द्वारा छोड़ दिए जाते है.

Aphorism
167 If people who don’t have any standing tell you something worthwhile you should listen to them.

यदि वे लोग जिनकी कोई हैसियत नहीं है आपको कुछ कामकी बात बताते है तो आपको उन्हें सुनना चाहिए.

Aphorism
168 Don’t tell the truth to a person who is not eligible to know the truth, who derails the truth, who doesn’t have any faith and who may find the truth bitter. If you do that you are offending the truth.

उसे सत्य न बताये जो सत्य को जानने का अधिकारी नहीं है. जो सत्य को बाधा पहुचाना चाहता है. जिसके ह्रदय में कोई श्रद्धा नहीं है. जिसे सत्य बहुत कड़वा लगेगा.

Aphorism
169 One should not disregard significant qualities of a person on seeing some common vice in him.

यदि आप लोगो में कोई सामान्य दुर्गुण देखते है तो भी आपको उनके सद्गुणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए.

Aphorism
170 One may identify many defects in something good if one takes a gross view.

यदि आप स्थूल रूप से देखे तो किसी अच्छी चीज में भी आप को बहोत खामीया नजर आएगी.

Aphorism
171 One may identify lack of shine, curves, oddness and may other defects in a gem stone. The best gemstone of the best class is not free from all defects. Similarly there could be some bodily and sensual disorders in intelligent people.

किसी रत्न को देखकर आप कह सकते है की उसमे चमक नहीं है, वह टेढ़ा है, कुछ बिलग है और ऐसे अनेक दोष आप निकल सकते है. एक सर्वोच्च वर्ग के सर्वोच्च रत्न में भी अनेक खामीया निकाली जा सकती है. इसीप्रकार एक विद्वान में भी शरीर और इन्द्रियों की कुछ खामीया हो सकती है.

Aphorism
172 Those who don’t abide by the social norms, those who don’t listen to their conscience, those who don’t abide by any limit should not be trusted upon.

जो किसी समाज के आदर्श को नहीं मानते. जो अपने विवेक की नहीं सुनते. जो अपनी मर्यादा में नहीं रहते. उनके ऊपर विश्वास नहीं करना चाहिए.

Aphorism
173 If an enemy shows sweetness in his bahaviour that should be considered as hatred like a pot of poison having milk at the top.

यदि शत्रु मधुरता भी दिखाए तो उसे शत्रुता ही समझना चाहिए. वह मानो एक ऐसा विष का घड़ा है जिसके उपरी सतह पर दूध है.

Aphorism
174 Selfish people show humility if they want to serve their interest. So one should discern true colours of such selfish people.

स्वार्थी लोग जब उनका काम होता है तो विनम्र हो जाते है. हमें उनके अंतरंग पहचानते आने चाहिए.

Aphorism
175 One should not behave contradictory to good people having experience.

जो सज्जन अनुभवी है हमें उनके प्रतिकूल व्यवहार नहीं करना चाहिए.

Aphorism
176 He who is devoid of any quality becomes an abode of many qualities if he remains in contact with a man of qualities.

जिस व्यक्ति के पास कोई गुण नहीं है वह गुण प्राप्त कर सकता है यदि वह गुणवान व्यक्ति के संपर्क में आता है.

Aphorism
177 As water that takes shelter with milk mixes with milk fully, in the same way a person who surrenders to a man of qualities becomes similar to him.

वह पानी जो दूध की शरण में आता है पूर्ण रूप से दूध के साथ घुल जाता है. यही प्रभाव गुणवान की शरण से भी होता है.

Aphorism
178 The earth is devoid of fragrance but it gains fragrance when it comes in contact with a flower. Similarly a person who is devoid of qualities but capable of assimilation gains from a man of qualities if develops contact.

धरती जो सुगंध से रहित है सुंगंधित हो जाती है यदि वह फूल के संपर्क में आती है. इसी तरह गुणों से रहित व्यक्ति गुणवान के संपर्क से गुणी हो जाते है.

Aphorism
179 It is similar to silver acquiring status of gold when it is mixed therewith.

किसी गहने को बनाने के लिए जब सोने में चांदी मिलायी जाती है तो वह सोना बन जाती है.

Aphorism
180 A foolish person due to defect of his intellect causes harm to his benefactor and serves his base interest.

एक मुर्ख व्यक्ति अपने बुद्धि के दोष से अपना भला करने वाले को नुकसान पहुचाकर खुदका संकुचित स्वार्थ सिद्ध करता है.

Aphorism
181 A sinner is never afraid of being reviled.

एक पापी को उसके अपमानित होने का कोई डर नहीं होता.

Aphorism
182 An insurmountable enemy can be conquered by those who have enthusiasm.

यदि उत्साह हो तो एक अजेय शत्रु भी पराजित हो जाता है.

Aphorism
183 The glory of knowledge is the resource of the ruler.

बुद्धि का तेज ही शासक की असली संपत्ति है.

Aphorism
184 He who lacks enthusiasm, action and intellect can’t get any success now or in future.

जिसके पास उत्साह, कर्म और बुद्धि की कमी है उसे कोई सफलता नहीं मिलेगी अभी या भविष्य में.

Aphorism
185 If there is lack of enthusiasm the success that is almost certain slips away.

यदि उत्साह की कमी है तो एक निश्चित सफलता भी हाथो से फिसल जाती है.

Aphorism
186 He who wants fish has to go to dive in water and take the risk. Similarly a man of action should rise, run the risk of disaster, protect success in the form of his fate from all troubles and this is how he should accomplish his work.

जिसे मछली पानी है उसे जल में गोता लगाना पड़ेगा और जोखिम उठानी पड़ेगी. व्यक्ति को जागना होगा, जोखिम उठानी होगी, अपने नसीब में जो सफलता है उसे हर प्रकार के खतरों से बचाना होगा. तभी उसे सफलता मिलेगी.

Aphorism
187 One should never trust those who are not tested or who are not eligible for the work.

आप उनपर विश्वास ना करे जिनकी आपने परीक्षा ना ली हो या जो काम के लायक ना हो.

Aphorism
188 A poison is forever poison. It will never be nectar. As poison never changes it’s form so does a man who is not trustworthy.

जहर हरदम के लिए जहर है. वह कभी भी अमृत नहीं होगा. जिस प्रकार जहर अपना स्वाभाव नहीं छोड़ता है उसी प्रकार विश्वास घातकी भी होता है.

Aphorism
189 One should never take any help from enemies for doing the work.

आप कोई भी काम करने के लिए शत्रु से मदद ना ले.

Aphorism
190 One should never rely on the enemy for accomplishing one’s objective.

आप कोई भी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए शत्रु से मदद न ले.

Aphorism
191 One has relations with people only for attaining his objectives.

उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए ही लोग दुसरो से सम्बन्ध रखते है.

Aphorism
192 If an enemy’s son is a friend one should protect him.

यदि आपके शत्रु का पुत्र आपका मित्र है तो उसकी रक्षा करे.

Aphorism
193 If you want to hit your enemy on his weak points and destroy him, you should continue to show him artificial honour and friendship until you identify his weak points.

आप अपने शत्रु को कृत्रिम आदर और प्रेम दिखाते रहे जबतक की आप उसकी कमजोरी जान नहीं जाते. उसकी कमजोरी जानने के बाद आप जमकर प्रहार कर सकते है.

Aphorism
194 The ruler who wants to emerge victorious should hit very hard the weak areas of his enemy.

वह शासक जो जीतना चाहता है, अपने शत्रु की कमजोरियों पर जमकर प्रहार करे.

Aphorism
195 The enemy should not know that the ruler is weak and the ruler should always appear strong to the enemy.

शत्रु को पता ना चले की शासक कमजोर है और उसे हरदम शासक ताकतवर प्रतीत हो.

Aphorism
196 The enemy always attacks the areas which are assessed as weak.

शत्रु हरदम उसे नजर आने वाली कमजोरी पर हमला करेगा.

Aphorism
197 The ruler should have no faith in the enemy who made friendly gestures but behaved like an enemy after the enemy is conquered.

वह शत्रु जो शासक से मैत्रीपूर्ण व्यवहार दिखाता था जब परस्त कर दिया जाए तो उस पर विश्वास न किया जाए.

Aphorism
198 The ruler who aspires to be victorious should use strong means to correct the wrong or ugly conduct of his own people.

वह शासक जिसे विजय की कामना है उसे अपने लोगो के गलत और अशोभनीय व्यवहार को सख्ती से निपटना चाहिए.

Aphorism
199 When the ruler doesn’t adhere to the good character and offends his own people intellectuals take his offence by heart.

जब शासक अच्छे चरित्र को त्याग देता है और खुद के ही लोगो का अपमान करता है तो बुद्धिजीवी लोग अपमान को ह्रदय से लगा लेते है.

Aphorism
200 A person as a whole becomes sick and incapacitated if any of his organ becomes sick. Similarly when any part of the ruling mechanism malfunctions it deprives the whole mechanism of it’s strengths.

जिस प्रकार एक अंग के बीमार होने से आदमी पूरा ही बीमार और सामर्थ्यहीन हो जाता है वैसे ही जब शासन व्यवस्था का कोई भाग ठीक से काम नहीं करता तो सम्पूर्ण शासन व्यवस्था ही चरमरा जाती है.

Aphorism
201 Good conduct is the infallible means of defeating the enemy.

सदाचार ही शत्रु को परास्त करने का रामबाण उपाय है.

Aphorism
202 A mean person always demonstrates craftiness against good people.

जो नीच होता है वह अच्छे लोगो के विरुद्ध बहोत होशियारी दिखाता है.

Aphorism
203 One should not take any efforts to impart righteousness to a base, meek and foolish person.

हमें एक ऐसे व्यक्ति को सदाचरण सिखाने के कोई कष्ट नहीं लेने चाहिए जो नीच, दुर्बल, मुर्ख हो.

Aphorism
204 One should not trust a cruel, foolish and mean person.

आप को एक क्रूर, मुर्ख और नीच आदमी पर विश्वास नहीं करना चाहिए.

Aphorism
205 Even if you greet a bad person with magnanimity he will not miss any opportunity to harm you.

यदि आप एक बुरे आदमी को उदारता का परिचय देते हो तो भी वह आपको नुकसान पहुचाने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा.

Aphorism
206 As a forest fire due to it’s burning hot nature doesn’t take any virtue from the sandalwood and burns it to ashes, a foolish person will always harm you disregarding all good done by you.

जिस प्रकार एक दावाग्नि अपने उष्ण स्वभाव के कारण चन्दन से कोई शीतलता ग्रहण नहीं करता और उसे जला देता है उसी प्रकार एक मुर्ख उसके साथ किये हुए कोई परोपकार को नहीं जानता.

Aphorism
207 You should never offend any person.

आप कभी किसी का अपमान ना करे.

Aphorism
208 One should always bear in mind that forgiveness is a great human quality. One should never cause any agony to those who deserve forgiveness.

क्षमाशीलता एक बहुत बड़ा मानवीय सद्गुण है. आप कभी ऐसे व्यक्ति को कोई कष्ट न पहुचाये जो क्षमा का पात्र हो.

Aphorism
209 Those who are devoid of intellect open the secrets that the ruler tells them in confidence.

जो मुर्ख होते है वो राजाने जो गुप्त बाते उनसे कही है उसे खोलते है.

Aphorism
210 Love is never expressed by words it is expressed by doing something in favour.

प्रेम शब्द से व्यक्त नहीं होता वह कुछ करने से व्यक्त होता है.

Aphorism
211 Only a resourceful person can issue any command.

वही निर्देश दे जिसके पूर्ति के संसाधन आपके पास हो.

Aphorism
212 A foolish person makes an obvious favour under the influence of something strange.

एक मुर्ख को एक स्वाभाविक अच्छी बात भी करनी हो तो वह बड़े ही अजब ढंग से करता है.

Aphorism
213 Those who lack discretion perish even when they are bestowed with royal affluence.

जिनके पास विवेक नहीं वे उन्हें राजश्री प्रदान करने के बाद भी बर्बाद हो जाते है.

Aphorism
214 Those who lack patience don’t get any happiness now or later. In the absence of patience action becomes fruitless even though there was a certain capacity to get the results. One needs to have patience if one wants to be successful.

जिनके पास धैर्य नहीं है उन्हें अभी या बाद में कोई सुख प्राप्त नहीं होता. धैर्य नहीं है तो जहा निश्चित फल आना था वहां भी नहीं आएगा. जिन्हें सफलता चाहिए उन्हें धैर्य रखना होगा.

Aphorism
215 The intelligent people shouldn’t get too close to fools.

बुद्धिमान लोगो को मूर्खो के बहोत निकट नहीं जाना चाहिए.

Aphorism
216 One should not have a glass of milk if that is offered by a person who has taken liquor.

यदि दारू पिया हुआ आदमी आपको दूध का गिलास भी पिने को दे तो न ले.

Aphorism
217 The intellect should help one find a certain path to success when lot of difficulties arise.

बुद्धि ही आदमी को सफलता की राह दिखाती है जब वह कठिनाइयों से घिर जाता है.

Aphorism
218 A meal is conducive to good health if it is taken in limit.

भोजन सवास्थ्य के लिए अच्छा है यदि वह अमर्याद मात्र में ना लिया जाए.

Aphorism
219 If one has become sick after taking food that was not permissible, one should not take even the permissible food.

यदि आप अपथ्य का सेवन करके बीमार हो गए हो तो पथ्य का सेवन भी ना करे.

Aphorism
220 A person remains free from all diseases if he takes meals only when the earlier meal is digested and he feels hungry.

आदमी सभी रोगों से मुक्त रह सकता है जब वह तभी भोजन करता है जब उसका पहले किया हुआ भोजन पच चूका है और जब उसे भूख होती है.

Aphorism
221 A sick person, an old person, a weak person should not ignore the worsening of any disease.

एक रुग्ण को, एक बूढ़े आदमी को, एक कमजोर आदमी को किसीभी रोग का बढ़ना दुर्लक्षित नहीं करना चाहिए.

Aphorism
222 If a person is having improper digestion and still he takes meals that makes his stomach more sick and woeful.

यदि आदमी का पेट ठीक नहीं चल रहा है और वह और भोजन करता है तो उसका पेट और ख़राब हो जायेगा.

Aphorism
223 A disease is worse than an enemy.

रोग शत्रु से भयंकर है.

Aphorism
224 One should give charity on the basis of his capacity.

जिसकी जितनी क्षमता हो उसने उतना परोपकार करना चाहिए.

Aphorism
225 A person who is unreasonably cunning and greedy has a tendency to come very close and make relations.

जो बहुत धूर्त और लोभी है उसमे बहोत निकट आने की और सबंध बढ़ाने की प्रवृत्ति होती है.

Aphorism
226 Greed envelopes one’s mind.

लोभ का आवरण आदमी के मन पर छा जाता है.

Aphorism
227 One should classify work on the basis of priority and do the work that has the highest priority.

व्यक्ति को उसके काम को प्रार्थमिकता के आधार पर बाटना चाहिए. और उसे जिस काम की प्रार्थमिकता सबसे अधिक है उसे करना चाहिए.

Aphorism
228 If the work done by us or others derails we should verify where the problem has arisen and rectify the defect.

यदि हमारा काम या जो काम कोई दूसरा कर रहा है वह रुक जाता है तो हमें यह देखना चाहिए की अड़चन कहा है और उसे ठीक करना चाहिए.

Aphorism
229 An inhuman attack, a vile behaviour, not applying any intellect or showing unwanted bravery are in the very nature of a foolish person.

एक अमानुष प्रहार करना, बदसलूकी करना, अपने दिमाग का इस्तमाल नहीं करना, अनावश्यक साहस दिखाना यह सब एक मुर्ख के लक्षण है.

Aphorism
230 One should not exchange words with a fool.

व्यक्ति को एक मुर्ख के साथ मुंह नहीं लगना चाहिए.

Aphorism
231 One should not be good to a fool.

एक मुर्ख से बहोत अच्छा व्यवहार नहीं करना चाहिए.

Aphorism
232 ‘Iron cuts iron’ is the right policy that should be used against a fool.

लोहा लोहे को काटता है – यह नीति मुर्ख के साथ अपनानी चाहिए.

Aphorism
233 It is very difficult for a fool to maintain relations.

यह बहोत मुश्किल है की मुर्ख किसीसे कोई रिश्ता निभा पाए.

Aphorism
234 Only the path of righteousness can protect a person.

व्यक्ति का सदाचरण ही उसकी रक्षा करता है.

Aphorism
235 A person can’t get rid of his merits and demerits even when his body falls.

व्यक्ति उसके पाप पुण्यो से छुटकारा नहीं पा सकता है जब उसके शरीर त्यागने का वक़्त आता है.

Aphorism
236 A person who shows mercy furthers his righteousness.

जिस व्यक्ति में दया भाव है वही अपने धर्मं को निभा सकता है.

Aphorism
237 Righteousness gives rise to truth and charity.

धर्म का अनुसरण करने से सत्यता और परोपकार में वृद्धि होती है.

Aphorism
238 A person who abides by righteousness can defeat the whole world.

जो व्यक्ति सदाचारी है वह सम्पूर्ण विश्व को परास्त कर सकता है.

Aphorism
239 The death that devours one and all can’t perish the one who abides by righteousness.

वह काल जो सभी को खाता है उसे कुछ नहीं कर सकता जो धर्म के मार्ग पर चलता है.

Aphorism
240 Whenever the sin that reviles righteousness gains strength righteousness is done the highest offense.

जब सत्य के विरुद्ध रुख रखने वाले पाप में वृद्धि होती है तो धर्म का अपमान होता है.

Aphorism
241 Those devil people who revile the truth signal their destruction by reviling the truth.

जो दुष्ट लोग सत्य को नीचा दिखाते है उनका यह व्यवहार ही उनके विनाश का संकेत करता है.

Aphorism
242 The intellect that takes delight in unrighteousness signals doom.

वह बुद्धि जो अधर्म में रूचि रखती है अपने बर्बादी की ओर संकेत करती है.

Aphorism
243 A man who reviles others can’t maintain secrecy of any matters.

जो व्यक्ति दुसरो का द्वेष करता है वह किसी भी मामले की गुप्तता नहीं बनाये रख सकता.

Aphorism
244 One should not insist in knowing the secrets of others.

हमें दुसरो की गुप्त बाते जानने के लिए उनके पीछे नहीं पड़ना चाहिए.

Aphorism
245 It is not in order that a ruler is dominated by unworthy followers.

यह कोई उचित बात नहीं है यदि शासक अपात्र अनुयायीओ के प्रभाव में आ जाता है.

Aphorism
246 One should not ignore one’s well-wishers but one should take only that much care which they deserve.

हमें अपने हित चिंतको को दुर्लक्षित नहीं करना चाहिए. उन्हें सिर्फ उतना महत्त्व दे जितनी उनकी पात्रता है.

Aphorism
247 One should disregard even one’s mother if she is wicked.

यदि किसी की माता दुष्ट हो तो उसे उसकी बातो पर ध्यान नहीं देना चाहिए.

Aphorism
248 As a part that gets infected is amputated, one should part with the kinsman who has turned inimical.

जिस प्रकार शरीर के एक विषाणुग्रस्त भाग को काट देते है उसी प्रकार जो स्वजन शत्रु हो गए है उन्हें दूर करो.

Aphorism
249 If a person is our benefactor he should be treated like a relative.

यदि कोई व्यक्ति अपना भला चाहता है तो उसे सम्बन्धी माना जाए.

Aphorism
250 A medicine that cures a disease has to be obtained from a remote place like forest, similarly a benefactor should not be disregarded even if people consider him to be inferior.

औषधि एक दुर्गम वन से आती है, उसी तरह यदि लोग जिसे घटिया आदमी समझते है वह आपका हितकर्ता है तो उसकी अवहेलना ना करो.

Aphorism
251 One should never rely on what thieves say.

हम उसपर कभी विश्वास ना करे जो एक चोर कहता है.